सावधान! कहीं आप नकली सैनिटाइजर तो नहीं खरीद रहे, वाराणसी के दवा मंडी में भी धड़ल्ले से हो रही बिक्री

नकली सैनिटाइजर बनाने वाली कंपनियों के उत्पादों में अल्कोहल की मात्रा 20-30 फीसद ही है।

मुनाफा कमाने के होड़ में यह कारोबारी जनसामान्य की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। वहीं मेडिकल और जनरल स्टोर की दुकानों पर नकली सैनिटाइजर की समय भरमार है। ब्रांडेड कंपनियों की तर्ज पर कारोबारी नकली हैंडवाश और सैनिटाइजर का दुकानों पर पोस्टर लगाकर खूब प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

Saurabh ChakravartyMon, 10 May 2021 08:50 AM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। कोरोना महामारी में जिस कारोबारी को जहां मौका मिल रहा है वह आपदा में अवसर तलाश ले रहा है। कल तक जो कारोबारी बाथरूम क्लीनर का बना रहे थे वह अब हैंडवाश और सैनिटाइजर बनाना शुरू कर दिए हैं। मुनाफा कमाने के होड़ में यह कारोबारी जनसामान्य की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। वहीं मेडिकल और जनरल स्टोर की दुकानों पर नकली सैनिटाइजर की समय भरमार है। ब्रांडेड कंपनियों की तर्ज पर कारोबारी नकली हैंडवाश और सैनिटाइजर का दुकानों पर पोस्टर लगाकर खूब प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। वहीं मेडिकल और जनरल स्टोर दुकानदार अच्छा मुनाफा कमाने के चक्कर में तेजी से इसकी बिक्री कर रहे हैं।

नकली सैनिटाइजर में कम मात्रा में है अल्कोहल

ब्रांडेड कंपनियों के सैनिटाइजर में लगभग 70-80 फीसद अल्कोहल की मात्रा रहती है। जबकि नकली सैनिटाइजर बनाने वाली कंपनियों के उत्पादों में अल्कोहल की मात्रा 20-30 फीसद ही है। नकली सैनिटाइजर बनाने वाली कंपनियां अपने उत्पाद में मेथनॉल मिला रहे हैं, तो कुछ मुनाफाखोर स्प्रिट में साबुन-पानी मिलाकर बेंच रहे हैं। चोलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आरबी यादव ने बताया कि लंबे समय तक केमिकल युक्त सैनिटाइजर इस्तेमाल करने से हाथों के स्किन पर प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही किडनी और कैंसर जैसी गम्भीर बीमारी भी हो सकती है।

असली सैनिटाइजर की यह है पहचान

आप जो सैनिटाइजर इस्तेमाल कर रहे हैं यदि वह असली है तो हाथ में लगाते ही वह पांच सेकेंड के अंदर सूख जाएगा। यदि सैनिटाइजर नकली है तो वह हाथ में लगाने पर जल्दी नहीं सूखेगा।

सैनिटाइजर खरीदते समय जरूर बरतें सावधानी

1- दुकान से सैनिटाइजर खरीदते समय ग्राहक बिल अवश्य लें।

2- कंपनी का लाइसेंस और बैच नंबर के साथ ही एक्सपायर डेट अवश्य देखें।

3- अल्कोहल की मात्रा अवश्य जांचे।

इस तरह घर पर बनाएं सैनिटाइजर

आईआईटी बीएचयू के पूर्व प्रोफेसर और झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. पीके मिश्रा के अनुसार हम घर पर भी आसानी से प्राकृतिक और सिंथेटिक सैनिटाइजर बनाकर उसका प्रयोग कर सकते हैं।

प्राकृतिक सैनिटाइजर

100 ग्राम नीम की पत्तियां मुलायम टहनियों के साथ, 50 ग्राम रीठा की पत्तियां और एलोवेरा का एक टुकड़ा लगभग 40-50 ग्राम, दो लीटर पानी में करीब एक घंटा तक उबालें। ठंढा करके छान लें और किसी स्प्रे वाली खाली बोतल में भर कर प्रयोग करें। यदि रीठे की पत्तियां न मिले तो रीठा ही लेलें।

इस तरह बनाएं सिंथेटिक सेनिटाइजर

इथेनॉल या आइसोप्रोपिल अल्कोहल: 600-700 मिली लीटर, हाइड्रोजन पेरोक्साइड: 20-25 मिली लीटर, गलीसरोल लगभग 100 मिलीलीटर सबको मिलाकर पानी के साथ एक लीटर बना लें और प्रयोग करें। इसके अलावा फिटकरी को पानी में घोलकर रख लें उसमें एलोविरा और गुलाब जल मिलाकर भी प्रयोग कर सकते हैं।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.