सुरक्षित गर्भसमापन दिवस : असुरक्षित गर्भ समापन से हर साल 70 लाख महिलाएं होती हैं गम्भीर बीमार

न्तर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भ समापन व परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता रैली व मीडिया के साथ चर्चा आयोजित की गई।
Publish Date:Tue, 29 Sep 2020 01:33 PM (IST) Author: Abhishek Sharma

वाराणसी, जेएनएन। पीएम नरेंद्र मोदी के सांसद आदर्श ग्राम नागेपुर में सामाजिक संस्था लोक समिति व सहयोग लखनऊ के द्वारा अंतररास्ट्रीय सुरक्षित गर्भसमापन दिवस के अवसर पर सोमवार को लोक समिति आश्रम में अन्तर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भ समापन व परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता रैली व मीडिया के साथ चर्चा आयोजित की गई।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि हर साल होने वाले 5.6 करोड़ गर्भसमापन में 2.5 करोड़ असुरक्षित होते हैं। इनमें 22000 लड़कियों और महिलाओं की मृत्यु होती है- जो कि दुनियाभर में होनी वाली मातृत्व मृत्यु का 8% है और अन्य 70 लाख महिलाओं को गंभीर या स्थायी नुकसान होता है। इनमें से बहुत मृत्यु और नुकसान ऐसे हैं जो रोके जा सकते हैं और उन देशों /राज्यों में होते हैं जहां के कानून गर्भसमापन पर अनेक तरह के प्रतिबन्ध लगाते हैं। शोध बताते हैं कि गर्भसमापन पर प्रतिबन्ध लगाने से गर्भसमापन कम नहीं होते है, बल्कि असुरक्षित गर्भसमापन  को बढ़ावा देते हैं।

मुख्य वक्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आराजी लाइन के डॉ. मनोज ने बताया कि सरकार भी जनसंख्या नियंत्रण के लिये परिवार नियोजन को बढ़ावा दे रही है लेकिन लॉकडाउन के कारण गर्भनिरोधन हासिल करने और उसके प्रयोग में काफी हद तक कमी देखी गई। कोविड के चलते सरकार द्वारा हेल्थ सेंटरों पर नसबंदी और आईयूसीडी की सेवाएं कुछ समय के लिये रोकी गई हैं। जिसे जल्द बहाल किया जायेगा।

परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी अभियान के संयोजक रामबचन ने बताया कि बिना डॉक्टर के पर्चे पर  मेडिकल स्टोर से मिलने वाली गर्भ निरोधक दवाई, कंडोम, आदि को प्राप्त  करने में लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोक समिति द्वारा सहयोग लखनऊ के सहयोग से चार गांव में हेल्प डेस्क की स्थापना की गयी है। जहां परिवार नियोजन सम्बन्धित किट, सेनेटरी पैड, कोरोना महामारी से बचने के लिये सेनेटाइज किट लोगों को निःशुल्क वितरित किया जा रहा है साथ ही हेल्प डेस्क के माध्यम से लोगों को खासकर युवाओं को परिवार नियोजन के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

इस अवसर पर समानता के युवा साथियों ने सरकार से मांग किया कि असुरक्षित गर्भ समापन को सुरक्षित बनाने के लिए ज़रूरी है कि सेवाएं उपलब्ध कराने वाले लोगों को प्रशिक्षण दिया जाए, प्राथमिक उपचार केन्द्रों में उचित गर्भ समापन सेवाएं उपलब्ध कराई जाए। कार्यक्रम में मुख्यरूप से डॉ. मनोज, रामबचन, श्यामसुन्दर, सुनील, अमित, पंचमुखी, अनीता, सोनी, विनोद आशा, सरोज, सीमा, समा बानो, मनजीता, मधुबाला, शिवकुमार व पत्रकार बन्धु आदि शामिल रहे।

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