Ropeway in Varanasi : जनप्रतिनिधियों के सुझाव पर रूट तय, कैंट-सिगरा-रथयात्रा-गिरजाघर सेवा

Ropeway in Varanasi रोपवे का प्रारंभिक रूट उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में पड़ेगा यानी कैंट से सिगरा तक। वहीं मध्य का हिस्सा यानी रथयात्रा से लक्सा तक कैंट विधानसभा क्षेत्र होगा। वहीं रूट का अंतिम छोर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में आएगा।

Saurabh ChakravartyFri, 24 Sep 2021 08:20 AM (IST)
Ropeway in Varanasi : अब ट्राली की संख्या घटाकर 221 कर दी गई है।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। Ropeway in Varanasi प्रदेश में चुनावी बयार चल पड़ी है। इसका असर प्रस्तावित प्रोजेक्ट पर पडऩे लगा है। जहां क्रियान्वित प्रोजेक्ट घ्रुत गति से पूरा कर अधिसूचना से पहले लोकार्पण की तैयारी हो चुकी है तो प्रस्तावित योजनाएं भी चुनावी लाभ को देखते हुए आकार ले रही हैं। इसी बहार में रोपवे का प्रोजेक्ट भी प्रवाहित हो रहा है। सर्वे कंपनी ने जो प्रोजेक्ट बनाया है उसके आधार पर रोपवे रूट शहर के तीनों विधानसभा क्षेत्रों से गुजर रहा है। इसमें बीते सप्ताह जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में आए सुझावों को तरजीह दी गई है।

वैपकास कंपनी ने सर्वे पूरा करने के बाद फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर ली है। अध्ययन के बाद इसे शासन को भेजने की तैयारी हो रही है। कैंट रेलवे स्टेशन से गिरिजाघर चौराहे तक पांच किलोमीटर की रोपवे सेवा मिलेगी। पहले जहां 225 ट्राली का रोपवे बनाने की योजना थी तो अब ट्राली की संख्या घटाकर 221 कर दी गई है। ऐसे में हर डेढ़ मिनट पर रोपवे की ट्राली यात्रियों को मिलेगी। रोपवे का प्रारंभिक रूट उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में पड़ेगा यानी कैंट से सिगरा तक। वहीं, मध्य का हिस्सा यानी रथयात्रा से लक्सा तक कैंट विधानसभा क्षेत्र होगा। वहीं, रूट का अंतिम छोर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में आएगा। कैंट, साजन तिराहा, रथयात्रा चौराहा के बाद गिरिजाघर चौराहे पर स्टेशन तैयार होगा। प्रत्येक ट्राली में 10 व्यक्ति बैठकर यात्रा करेंगे। हर स्टेशन पर डेढ़ मिनट में यात्रियों को ट्राली मिल सकेगी। तैयार रिपोर्ट में कैंट स्टेशन स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी इंटर कालेज के सामने से रोपवे परियोजना की शुरूआत होगी। शहर में करीब 45 मीटर से ऊंचाई से गुजरने वाले रोप-वे की पांच किलोमीटर लंबी परियोजना पर 424 करोड़ खर्च होंगे। उम्मीद है कि नवंबर में निविदा आमंत्रित कर दी जाए।

आज शासन को भेजा जाएगा ड्राफ्ट

कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि ड्राफ्ट वीडीए को मिल गया है जिसका अध्ययन किया जा रहा है। पूरी उम्मीद है कि शुक्रवार को उसे शासन के लिए भेज दिया जाएगा। प्रदेश सरकार के शहरी आवास विभाग की संस्तुति के बाद केंद्र सरकार की डिपार्टमेंट आफ इकोनामी में भेजा जाएगा जहां की सहमति के बाद परियोजना को धरातल पर उतारने का कार्य प्रारंभ होगा।

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