भारत के कुल निर्यात में एक अरब डालर होगा कृषि उत्पाद का योगदान : अनुप्रिया पटेल

वाराणसी में रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में वाणिज्य राज्‍य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने देश के कुल निर्यात में कृषि उत्पाद को बढ़ाने समेत किसानों की भूमिका को मत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।

Saurabh ChakravartySun, 26 Sep 2021 05:18 PM (IST)
वाणिज्य मंत्रालय द्वारा रुद्राक्ष में आयोजित समारोह को संबोधित करती अनुप्रिया पटेल।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को आत्मनिर्भर बनाने की जो कल्पना की है उसके लिए निर्यातकों की समस्याओं को समझना होगा। उसका समाधान खोजना होगा। हमें 2021-22 में भारत का निर्यात 400 अरब डालर तक पहुंचाना है। इसमें कृषि उत्पादों के निर्यात का योगदान एक अरब डालर तक पहुंचाने का प्रयास है। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल रविवार को आजादी के अमृत महोत्सव के तहत वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और राज्य सरकार की ओर से रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित वाणिज्य उत्सव को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि कोरोना के आगे हमने घुटने नहीं टेके। इस वर्ष के पहले पांच महीने में निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ाकर 90 बिलियन से बढ़कर 164 बिलियन डालर पर पहुंच गया है। कृषि उत्पादों के निर्यात में भी गिरावट दर्ज नहीं हुई है, बल्कि पिछले पांच महीने में 45 से 48 बिलियन डालर तक पहुंच गया है। ये संकेत बताता है कि हम 400 बिलियन डालर का लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। हमारे यहां सभी संसाधन मौजूद हैं। इसके बूते 2027-28 में निर्यात का लक्ष्य 400 बिलियन डालर से बढ़ कर दो ट्रिलियन डालर तक ले जाना है। गुलाबी मीनाकारी की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को बनारस के इस खास हस्तशिल्प जड़ित चेस जब भेंट किया तो उसे दुनिया ने देखा। कोरोना महामारी में अवसर ढूंढने की प्रेरणा प्रधानमंत्री ने दी।

हमें अब अवसर से समृद्धि की ओर बढ़ना है। इस आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में हम क्या कर सकते हैं, आज ये हमारे लिए चिंतन का विषय है। उन्होंने तकनीकी सत्रों की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य मात्र किसान को निर्यातक की भूमिका में लाने के लिए क्या-क्या करे, उसकी जानकारी देना है। अगर हमें निर्यात का बड़ा लक्ष्य प्राप्त करना है तो हमें नए ऐसे उत्पाद चिह्नित करने हैं जो निर्यात की दृष्टि से उपयुक्त हो। ऐसे नए उत्पादों को ढूंढ़ने के लिए जिलों में जाना होगा। कहा कि वाणिज्य मंत्रालय एक पहल लेकर आया है। इसमें डेवलपिंग डिस्ट्रिक्ट लेवल एक्सपोर्ट हब यानी जो निर्यात के उपांग हैं उसे खोजा जाएगा। हर जिले का एक डिस्ट्रिक्ट एक्पोर्ट प्लान बनाना है। ओडीओपी के तहत 50 जिलों में कार्य शुरू कर दिया गया है।

अनुप्रिया पटेल ने किसानाें से दुनिया के बाजार में बने रहने के लिए उत्पाद की गुणवत्ता व उसकी पैकेजिंग की जानकारी दी। कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए बहुत सारे प्रयास करने होंगे। निर्यात के अनुरूप उत्पाद की पैकेजिंग पर ध्यान देना जरूरी है। प्रशिक्षण में इसकी भी जानकारी दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने किसानों की बेहतरी करने वाले सहयोगी संगठनों की प्रशंसा की।आयोजन में स्टांप व पंजीकरण मंत्री स्वतंत्र प्रभार रवींद्र जायसवाल, जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा, अपेडा के निदेशक तरुण बजाज, अपेडा के अध्यक्ष एम अंगामूथू व सचिव डा. सुधांशू, उपायुक्त उद्योग वीरेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.