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बेजार हाथों के लिए रेलवे ने किया रोटी का जुगाड़, 31 अक्टूबर तक बनी कार्ययोजना

वाराणसी, जेएनएन। कोरोना महामारी में महानगरों से घर को लौटे प्रवासियों के लिए पूर्वोत्तर रेलवे बड़ा सहयोगी बनकर उभरा है। जिला प्रशासन के सहयोग से उन्हें आउटसोर्स के जरिए रोजगार पर लगा रहा है। इसके लिए पूर्वोत्तर रेलवे ने 31 अक्टूबर तक कार्ययोजना तैयार की है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत नॉन टेक्निकल इकाई के तौर पर प्रवासियों के लिए 75 हजार कार्य सृजित कर लिए हैं। पूर्वोत्तर रेलवे जोन में 23 से ज्यादा जिलों में प्रवासियों का आना हुआ है। इसमें उत्तर प्रदेश के 20 तो बिहार के तीन जिले शामिल हैं। वर्तमान में पूर्वोत्तर रेलवे में 23 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा हैं। इसमें ट्रैक किनारे मिट्टी पाटना, ट्रैक की गिट्टी सही करना, बिल्डिंग्स वर्क, रेलवे क्रासिंग के संपर्क मार्ग, रेलवे स्टेशन के संपर्क मार्ग, पौधारोपण, रंगाई-पुताई आदि कार्य में प्रवासियों को लगाया जा रहा है। औडि़हार से सिवान के बीच भटनी-मैरवां रूट पर ट्रैक रिपेयर कार्य में भी करीब 150 श्रमिकों को रोजगार मिला है। ऐसे ही अन्य स्टेशनों पर प्रस्तावित कार्य शुरू कर रोजगार दिया जाएगा। प्रवासियों के बाद मनरेगा के तहत पंजीकृत मजदूरों को भी काम पर लगाया जाएगा। इसमें भी प्रवासियों को वरीयता दी जाएगी। वित्तीय वर्ष के तहत ब्लू प्रिंट का आंकलन करेंगे तो करीब 10 हजार प्रवासी व मनरेगा मजदूरों को रोजगार मिलेगा।

व्यास नगर से ब्लाक हट बी तक कार्य

उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने वाराणसी में बाबतपुर से शिवपुर रेलवे स्टेशन और व्यास नगर से ब्लाक हट बी तक के कार्य प्रवासी श्रमिकों से कराने को अनुबंध किया है। इसके लिए एक करोड़ का बजट बनाया गया है। इसमें नजदीकी गांवों के श्रमिकों को लगाया जाएगा। उपायुक्त श्रम एवं रोजगार करुणाकर अदीब के अनुसार प्रयास है कि बाहर से आए श्रमिकों के लिए काम की कमी न हो।

पूर्वोत्तर रेलवे के इन स्टेशनों पर कार्य

वाराणसी, जौनपुर, लक्ष्मीपुर खेरी, प्रयागराज, सिद्धार्थ नगर, सीतापुर, महराजगंज, बहराइच, बलरामपुर, कुशीनगर, संत कबीर नगर, श्रावस्ती।

पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत  प्रवासियों को काम दिया जा रहा है

पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत  प्रवासियों को काम दिया जा रहा है। नॉन टेक्निकल इकाई के तौर पर कार्य करेंगे। 31 अक्टूबर तक 75 हजार कार्य सृजित कर लिया गया है।

- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे

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