रेलवे अफसरों ने आनन-फानन में लिखे बनारस स्टेशन के बोर्ड को फिर से किया मंडुआडीह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में बनारस आ सकते हैं।
Publish Date:Mon, 28 Sep 2020 06:15 AM (IST) Author: Abhishek Sharma

वाराणसी, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में बनारस आ सकते हैं। आदर्श ब्लाक के रूप में विकसित हो रहे सेवापुरी में विकास योजनाओं से संबंधित कार्यक्रम में शिरकत कर सकते हैं। समझा जा रहा है कि बनारस से ही बिहार चुनाव को साधने की तैयारी है। हालांकि, पीएम के आगमन को  लेकर कोई अधिकारिक  जानकारी नहीं है लेकिन अंदरखाने की तैयारियां संभावना को मजबूती दे रही हैं। बात रेलवे की करें तो मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नया नाम बनारस हो गया है जिसका लोकार्पण पीएम के हाथ से कराने की तैयारी है।

यही वजह है कि एक सप्ताह पूर्व पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के डीआरएम विजय कुमार पंजियार के  निरीक्षण के बाद स्टेशन पर जहां भी बनारस नाम लिखा गया था। आनन-फानन  में उसे हटाकर फिर से मंडुआडीह कर दिया गया। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुआडीह स्टेशन का नामकरण बनारस होने के बाद स्टेशन पर तमाम जगहों पर बनारस की पट्टिकाएं और होर्डिंग लगाए गए थे। अब उन्हें हटाकर फिर से मंडुआडीह नाम लिख दिया है। यहां तक कि मंडुआडीह से दिल्ली को जाने वाली शिवगंगा स्पेशल ट्रेन की बोगियों पर लगे डिस्प्ले बोर्ड पर भी बनारस-दिल्ली लिखने के बाद फिर से मंडुआडीह-दिल्ली कर दिया गया है।

रेलवे अफसरों के अनुसार ऐसा इसलिए किया गया कि रेलवे के सिस्टम में अभी पुराना मंडुआडीह स्टेशन का कोड एमयूवी ही शो कर रहा है जबकि बनारस नाम से कोड बीएसबीएस जारी किया गया है। आरक्षण के समय यात्रियों में कोड को लेकर भ्रम की स्थिति है। यह देखते हुए रेलवे प्रशासन ने सिस्टम अपग्रेड नहीं होने तक मंडुआडीह नाम ही चलने का फैसला लिया है। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के पीआरओ अशोक कुमार ने बताया कि मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर ट्रायल बेस पर एक बोर्ड पर बनारस लिखा गया था। अब यह निर्णय लिया गया है कि पेंङ्क्षटग बोर्ड की जगह रेट्रोरिफ्लेक्टिव बोर्ड लगाया जाएगा। वहीं, पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम में बनारस नाम एवं कोड फीड होने के बाद रेलवे बोर्ड से निर्देश मिलते ही नाम बदलने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

मंडुआडीह रेलवे स्टेशन पर वाराणसी मंडल रेल प्रबंधक विजय कुमार पंजियार के निरीक्षण के दौरान ट्रायल के तौर पर एक बोर्ड पर बनारस लिखा गया था जिसे देखने के बाद मंडुआडीह के उच्च मानक को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है कि पेंटिंग बोर्ड की जगह रेट्रोरिफ्लेक्टिव बोर्ड लगाया जाए। इससे दिन एवं रात्रि में लाइट पडऩे पर स्टेशन की सुंदरता में और निखार आए।

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