वाराणसी में रोडवेज बस स्टैंड परिसर से निजी बस वाले जबरन उठा रहे सवारी, कई बार हो चुकी हाथापाई

रोडवेज बस स्टैंड के बाहर डग्गामारी करने वाले वाहन चालक व मालिक अब परिसर में घुसकर गुंडई करने लगे हैं।

वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टैंड के बाहर डग्गामारी करने वाले छोटे-बड़े वाहन चालक व मालिक अब परिसर में घुसकर गुंडई करने लगे हैं। वे रोडवेज बस स्टैंड के अंदर घुसकर सवारी बैठा रहे हैं या जबरदस्ती अपने वाहनों में ले जाकर बैठा रहे हैं।

Saurabh ChakravartyTue, 02 Mar 2021 11:33 AM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। कैंट रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टैंड के बाहर डग्गामारी करने वाले छोटे-बड़े वाहन चालक व मालिक अब परिसर में घुसकर गुंडई करने लगे हैं। वे रोडवेज बस स्टैंड के अंदर घुसकर सवारी बैठा रहे हैं या जबरदस्ती अपने वाहनों में ले जाकर बैठा रहे हैं। कुछ रोडवेज कर्मी डर के मारे विरोध नहीं करते हैं तो कुछ उनके साथ संलिप्त रहते हैं। ऐसा नहीं है कि इस बात की जानकारी परिवहन निगम प्रशासन को नहीं है। सब कुछ जानने के बाद भी वे कार्रवाई नहीं करते हैं। यात्रियों के अभाव में इन दिनों रोडवेज का लोड फैक्टर घटने लगा। साथ ही आय का ग्राफ गिरने लगा है जबकि गत दो माह पूर्व कमाई में अव्वल था।

रोडवेज बस स्टैंड से 500 मीटर के दायरे में कोई भी प्राइवेट वाहन स्टैंड नहीं होना चाहिए। यदि कोई वाहन स्टैंड संचालित होता है तो उनके खिलाफ जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन निगम को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन यहां परिस्थितियां बिल्कुल वितरीत है। रोडवेज बस स्टैंड के पांच सौ मीटर के दायरे में छोटे-बड़े सात से आठ अवैध स्टैंड है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए परिवहन निगम कई बार पत्र लिख चुका है लेकिन अब तक उनके खिलाफ सख्ती से कोई कार्रवाई नहीं होती है। पर्यवेक्षण कार्य से जुड़े कर्मचारियों और बिचौलियों के बीच परिसर से सवारी ले जाने को लेकर कई बार हाथापाई हो चुकी है। फिर भी उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसको लेकर कर्मचारियों के एक वर्ग में नाराजगी है। पिछले माह नौ फरवरी को कुछ चालकों को अंदर से सवारी बुलाते हुए पकड़ा गया था। यह मामला स्थानीय रोडवेज पुलिस चौकी पर भी पहुंचा था। रोडवेज प्रशासन ने कार्रवाई करने की बजाय उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया। इसको लेकर परिसर में आए दिन हाथापाई होती रहती है।

डग्गामार वाहन संचालक बाहर से खुलेआम सवारी बैठाते हैं

डग्गामार वाहन संचालक बाहर से खुलेआम सवारी बैठाते हैं। अब तो अंदर से भी बैठाना शुरू कर दिए हैं। दिखाई देने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। अवैध तरीके से संचालित होने वाले वाहन स्टैंड के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कई बार जिला प्रशासन और पुलिस को पत्र लिखा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है।

-ओपी ओझा, एआरएम

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