ऑनलाइन फ्राड से निपटने के लिए पुलिस ने जारी किया जरूरी गाइडलाइन, वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने की पहल

पुलिस कमिश्नरेट ए सतीश गणेश ने शुक्रवार को अनूठी पहल “जानकारी ही बचाव" की शुरुआत की।

पुलिस कमिश्नरेट ए सतीश गणेश ने शुक्रवार को अनूठी पहल “जानकारी ही बचाव की शुरुआत की। इसके तहत दो पंफलेट ई-फार्म और हार्ड कापी के रूप में जारी किया। प्रथम पफलेट के माध्यम से ई-कामर्स फ्राड से बचाव के लिए आवश्यक सुझाव दिए गए हैं।

Saurabh ChakravartyFri, 07 May 2021 11:22 PM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। पुलिस कमिश्नरेट ए सतीश गणेश ने शुक्रवार को अनूठी पहल “जानकारी ही बचाव" की शुरुआत की। इसके तहत दो पंफलेट ई-फार्म और हार्ड कापी के रूप में जारी किया। प्रथम पफलेट के माध्यम से ई-कामर्स फ्राड से बचाव के लिए आवश्यक सुझाव दिए गए हैं। जैसे कि आनलाइन खरीदारी करते समय अपने पिन नंबर एवं ओपीटी की जानकारी किसी को न दें तथा सावधानीपूर्वक इसका इस्तेमाल करें।

ऑनलाइन खरीदारी के लिये अग्रिम भुगतान करने से पहले विक्रेता का नाम व सीआईएन, टीआईएन या जीएसटी नम्बर की अवश्य जानकारी प्राप्त करें तभी भुगतान करें। इसके अलावा अन्य सुझाव जारी किये गए। दूसरे पंफलेट के माध्यम से “कोविड आपदा के नाम पर ठगी" को लेकर सावधानी व बचाव के लिए सुझाव दिए गए।

दूसरे पंफलेट के माध्यम से “कोविड आपदा के नाम पर ठगी“ को लेकर सावधानी व बचाव के लिए सुझाव दिए गए। सरकारी पोर्टल पर जीएसटी को सत्यापित करें ( वैध होना चाहिए और व्यावसायिक नाम के साथ मेल खाना चाहिए। ऑनलाइन खरीदारी अपने स्वयं के मोबाइल , कम्प्यूटर लैपटाप से ही करें । आर बी आई की गाईडलाइन के अनुसार किसी बैंक , संस्था द्वारा काल कर आपसे कार्ड नम्बर , सीवीवी पिन आदि के सम्बन्ध में नहीं पूछा जा सकता है , ऐसे फोन फोन करने वाले जालसाज से हमेशा सावधान रहें । यदि कोई फोन करके यह बताए कि वह किसी बैंक या आरबीआई से बोल रहा है और आपसे कहे कि आपका एटीएम कार्ड या आपका खाता ब्लॉक हो गया है तो सावधान हो जाए। आपने जैसे ही कार्ड व पिन की जानकारी साझा की आपके खाता से रुपये निकाल लिए जाएंगे। फेसबुक, वाट्सएप या अन्य किसी मैसेंजर पर किसी भी परिचित या मित्र द्वारा रूपये की मांग करने पर बात कर पुष्टि करें।

ईएमआई में छूट देने के नाम पर ठगी, पीएम केयर फंड के नाम पर ठगी, केवाइसी के नाम पर जालसाज एसएमएस भेजकर ठगी कर रहे है। आनलाइन डिलीवरी के नाम पर ठगी के साथ फ्री इंटरनेट, रिचार्ज, आनलाइन मूवी चैनल पर पंजीकरण के नाम पर ठगी भी की जा रही है । सरकारी योजनाओं में सब्सिडी के नाम पर, कोरोना संक्रमण के बीच लाकडाउन के दौरान ई पास जारी करने के नाम पर जालसाजी कर रहे हैं। किसी के साथ भी फोन पर या प्राप्त लिंक पर अपने बैंक खाते की जानकारी जैसे पिन , ओटीपी , सीवीवी , एमपीइन , यूपीआइ कार्ड डिटेल्स आदि साझा न करें। किसी भी प्रकार की जालसाजी होने पर उसकी जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन पर दें । जनपद की पुलिस आपकी मदद के लिये सदैव तैयार है ।

ऑनलाइन शॉपिंग करने जा रहे हैं, तो यह जानना जरूरी

आजकल ज्यादातर लोग कपड़ों से लेकर टीवी तक ऑनलाइन शॉपिंग साइट से खरीदना पसंद करते हैं, क्योंकि इससे उनका समय बचता है और उन्हें आम ऑफलाइन स्टोर की तुलना में ज्यादा डील्स मिलती हैं। लेकिन कई बार लोग ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में अगर आप भी ऑनलाइन शॉपिंग करने जा रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि आपको ऑनलाइन शॉपिंग से पहले किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

ATM कार्ड की जानकारी शॉपिंग साइट न करें सेव

ज्यादातर लोग शॉपिंग साइट पर अपने एटीएम कार्ड की जानकारी सेव कर देते हैं, लेकिन आप ऐसी गलती न करें। हमेशा ऑनलाइन पेमेंट करते समय save card details के विकल्प से पहले उस टिक को येस से हटाकर नो कर दें। इसके बाद ही पेमेंट करें। इससे आपका बैंक खाता पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। 

फर्जी वेबसाइट से बचकर रहें

आजकल हैकर्स फर्जी वेबसाइट या मोबाइल ऐप बनाकर लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। ऐसे में किसी भी साइट या ऐप पर शॉपिंग करने से पहले उसकी पूरी जानकारी हासिल करें। ऐसा करने से आप ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच जाएंगे।

वेबसाइट का URL जरूर चेक करें 

वेबसाइट का यूआरएल जरूर चेक करें। वह एचटीटीपी के बजाय एचटीटीपीएस होना चाहिए। आखिर में एस का मतलब है कि गूगल ने उसे सिक्योर्ड किया है। इससे आप धोखाधड़ी से बच जाएंगे। आपका बैंक अकाउंट भी सुरक्षित रहेगा।

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