पीएम नरेंद्र मोदी के मन की बात में वाराणसी में आयोजित बटुकों के क्रिकेट में संस्‍कृत कमेंट्री का जिक्र

मन की बात में बटुकों के क्रिकेट और संस्‍कृत में कमेंट्री का जिक्र कर संस्‍कृत की महत्‍ता का जिक्र किया।

एक और ऑडियो सुनाया जो वाराणसी में बटुकों के बीच खेले गए क्रिक‍ेट और उसमें संस्‍कृत में हुई क्रिकेट कमेंट्री को भी शेयर किया। लगभग दस सेकंड के इस ऑडियो में संंस्‍कृत में क्रिकेट कमेंट्री और उसका उत्‍साह भी समाहित था।

Abhishek sharmaSun, 28 Feb 2021 11:43 AM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बीते दिनों आयोजित बटुकों के क्रिकेट खेलने और संस्‍कृत में कमेंट्री का जिक्र कर संस्‍कृत की महत्‍ता का जिक्र किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले तमिल भाषा को सीखने को लेकर अपने अनुभवों को साझा किया और फ‍िर एक संस्‍कृत का आडियो जारी कर केवडिया में सरदार पटेल के बारे में संस्‍कृत में गाइडों द्वारा बताने की जानकारी साझा की। इसके बाद उन्‍होंने एक और ऑडियो सुनाया जो वाराणसी में बटुकों के बीच खेले गए क्रिक‍ेट और उसमें संस्‍कृत में हुई क्रिकेट कमेंट्री का था, उसको भी शेयर किया। लगभग दस सेकंड के इस ऑडियो में संंस्‍कृत में क्रिकेट कमेंट्री और दर्शकों का उत्‍साह भी समाहित था। देववाणी संस्‍कृत की महत्‍ता को लेकर भी पीएम ने अपने विचार मन की बात में व्‍यक्‍त करते हुए मार्च माह में शुरू होने वाली परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को शुभकामनाएं भी दीं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मन की बात में काशी में पिछले दिनों हुए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल मैदान में आयोजित संस्कृत क्रिकेट प्रतियोगिता का जिक्र किया। इसमें संस्कृत विद्यालयों के बटुक खिलाड़ी अपने पारंपरिक गणवेश धोती व कुर्ता में टीका-त्रिपुंड लगाकर मैदान पर क्रिकेट खेल रहे थे। यही नहीं कमेंट्री भी संस्कृत भाषा में किया जा रहा था। 'दैनिक जागरण' ने 19 फरवरी के अंक में संस्कृत क्रिकेट प्रतियोगिता को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। वहीं दूसरे दिन जागरण के संपादकीय पेज पर भी 'देव भाषा की जीत' शीर्षक से संस्कृत में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी छपी थी।

इस खबर पर प्रधानमंत्री कार्यालय की भी नजर पड़ी। यही नहीं इस प्रतियोगिता के संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार को मैच के आयोजन शास्त्रार्थ महाविद्यालय (दशाश्वमेध) के आचार्य डा. पवन शुक्ला ने फोन कर क्रिकेट प्रतियोगिता की पूरी जानकारी मांगी थी।

ऐसे हुई थी कमेंट्री 

शास्त्रार्थ महाविद्यालयस्य छात्र: विक्रम पांडेय: प्रथम कुंदुक प्रक्षेपणस्य कार्यम कृतवान। इंटरनेशलन चंद्रमौलि सोसाइटी : कान्हा ब्रह्मचारी: प्रतिकारम कृतवान। क्षेत्ररक्षण व्यवस्था, त्रय: त्रिदंडस्य किंचित पार्श्वे, एका वीथिका, आच्छादक:, मध्य बामभाग:, मध्य उपरि भाग: मध्य दंडोपरि प्रहारं च, अग्रपाद:। विक्रम: धावनम प्रारम्भम कृतवान,निर्णायकम उल्लंघय एवं च दक्षिण पक्षत: कंदुक प्रक्षेपणम कृतं इदं कंदुकम त्रिदंड दक्षिणत: किंचित दूरम गतं...।  कुछ इसी तरह क्रिकेट मैच की संस्कृत भाषा में कमेंट्री की गई थी। 

इनके बीच हुआ था मैच 

 मैच में जनपद के चार टीमों ने हिस्सा लिया। पहले मैच में टास जीतकर इंटरनेशनल चंद्रमौलि सोसायटी ने निर्धारित 8 ओवर में 2 विकेट खोकर 77 रन बनाए जिसमें कान्हा ब्रह्मचारी ने सर्वाधिक 42 रनों के योगदान दिया था। इनके प्रतिद्वंदी ब्रह्मावेद विद्यालय 4 विकेट पर 72 रन बनाकर ही सिमट गयी थी। इस प्रकार चंद्रमौलि  सोसायटी फाइनल में पहुंच गई थी।  दूसरा मैच शास्त्रार्थ महाविद्यालय व स्वामी वेदांती वेद विद्यापीठ के बीच खेला गया था। टास जीतकर ब्रह्मावेद टीम के बटुकों ने बैटिंग का फैसला लिया व 6 विकेट गवाकर 62 रन बनाए थे इसके एवज में शास्त्रार्थ महाविद्यालय के कप्तान अखिलेश पांडेय ने सातवें ओवर में शानदार तीन छक्के व 2 बाउंड्री मारकर सेमीफाइनल मैच जीता था। अखिलेश ने 44 रनों का योगदान दिया था। फाइनल मैच शास्त्रार्थ महाविद्यालय व इंटरनेशनल चंद्रमौलि सोसायटी के बीच खेला गया था। पहले खेलते हुए चंद्रमौलि सोसायटी ने 7 विकेट पर 44 रन बनाया था वहीं शास्त्रार्थ महाविद्यालय ने मात्र 3 विकेट खोकर के छठवें ओवर में ही मैच को जीता था। मैन आफ द मैच शास्त्रार्थ के अखिलेश पांडेय को मिला था।

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