Kashi Dev Deepawali 2020: कोरोना में भी अक्षुण्ण रही काशी की शक्ति-भक्ति व ऊर्जा : पीएम नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सारनाथ में लाइट ऐंड साउंड शो देखते हुए ।

PM Modi in Varanasi and Dev Deepawali प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना काल ने भले ही बहुत कुछ बदल दिया लेकिन काशी की भक्ति-शक्ति व ऊर्जा अक्षुण्ण रही है। इसे कोई थोड़े ही बदल सकता है। सुबह से स्नान-ध्यान और दान में लगे हैं काशी वैसी ही जीवंत है।

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 07:59 AM (IST) Author: Abhishek Sharma

वाराणसी, जेएनएन। PM Modi in Varanasi and Dev Deepawali: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बटन दबा कर सिक्स लेन का लोकार्पण किया। 73 किलोमीटर का यह मार्ग प्रयागराज व वाराणसी को जोड़ेगा। दिसंबर 2014 से इस मार्ग का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। खुजरी की जनसभा के बाद अब प्रधानमंत्री गंगा उस पार डोमरी स्थित भगवान अवधूत राम घाट पहुंचे। इसके बाद क्रूज से विश्‍वानाथ मंदिर कारिडोर पहुंच कर बाबा विश्‍वनाथ की पूजा की और अब जल मार्ग से राजघाट पहुंच रहे हैं। यहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीप जलाकर देव दीपावली का शुभारंभ किया। इसके साथ ही शिव आराधना के साथ ही सांस्‍कृतिक कार्यक्रम हुआ।

इसके बाद मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगाें को संबोधित किया। अब प्रधानमंत्री अलकनंदा क्रूज पर सवार होकर राजा चेतसिंह घाट पर लेजर का अवलोकन करने के बाद अब रिंगरोड होकर सारनाथ के लिए निकले हैं। सारनाथ में लाइट ऐंड  साउंड शो देख रहे हैं। यहां गौतम बुद्ध के जीवन और सारनाथ के बारे में सिने स्‍टार अमिताभ बच्‍चन की आवाज में प्रस्‍तुतिकरण सभी ने देख-सुना। रात करीब 10 बजकर 22 मिनट पर प्रधानमंत्री  बाबतपुर एयरपोर्ट से दिल्‍ली के लिए रवाना हो गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना काल ने भले ही बहुत कुछ बदल दिया, लेकिन काशी की भक्ति-शक्ति व ऊर्जा अक्षुण्ण रही है। इसे कोई थोड़े ही बदल सकता है। सुबह से काशीवासी स्नान-ध्यान और दान में लगे हैं, काशी वैसी ही जीवंत है। यहां की गलियां वैसी ही ऊर्जा से भरी हैं। गंगा घाट वैसे ही दैदीप्यमान हैं, यही तो है मेरी अविनाशी काशी।

राजघाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्तिक माह में काशी में गंगा नहान की चर्चा ठेठ बनारसी अंदाज में की। कहा कि, काशी जीवंत है, काशी की गलियां ऊर्जावान है। आज काशी गंगा तट पर प्रकाश गंगा का उत्‍सव मना रही है। काशी मां अन्‍नपूर्णा के आगमन की खुशी में मना रही है। देव दीपावली की साक्षी स्‍वंय महादेव बने हुए है। काशी की महिमा ही ऐसी है। काशी तो आत्‍म ज्ञान से प्रकाशित होती है। काशी पूरे विश्‍व को प्रकाश देने वाली है। हर युग में काशी ने विश्‍व का मार्ग दर्शन किया है। काशी के लोग भी देव स्‍वरूप है और काशी के 84 घाटों को देवता ही प्रज्‍ज्‍वलित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि गंगा मइया की जय, बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ की जय। नमो बुद्धाय सभी काशीवासियों को, सभी देशवासियों को कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली की हार्दिक शुभकामना। सभी को गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व की बहुत बहुत बधाई।

नारायण के विशेष महीना माने जाने वाले कार्तिक के लोग कार्तिकी पुनवासी कहेलें। ए पुनवासी पर डुबकी अउर दान पुण्य के महत्व रहल हे। केहु पंचगंगा, दशाश्वमेध ते अस्सीघाट पर डुबकी लगावत आयल हौ। ज्ञानवापी धर्मशाला त पटल रहत रहल। पं. रामकिंकर महाराज पूरी कार्तिक महीना बाबा के कथा सुनावत रहलें।

कोरोना काल ने भले बहुत कुछ बदल दिया है लेकिन काशी की यह ऊर्जा, भक्ति- शक्ति को कोई थोड़े बदल सकता है। सुबह से ही काशीवासी स्नान, ध्यान और दान में ही लगे हैं। काशी वैसे ही जीवंत है। काशी की गलियां वैसी ही ऊर्जा से भरी हैं। काशी के घाट वैसे ही दैदीप्यमान है। यही तो मेरी अविनाशी काशी है। आज काशी गंगा तट पर प्रकाश का उत्सव मना रही है। मुझे भी प्रकाश गंगा में डुबकी लगाने का मौका मिल रहा है। सिक्स लेन लोकार्पण में उपस्थित रहने का अवसर मिला। यहां आने से पहले काशी विश्वनाथ कारिडोर जाने का मौका मिला। रात में सारनाथ में लेजर शो का हिस्सा बनूंगा। इसे महादेव का अाशीर्वाद और आप काशीवासियों का स्नेह मानता हूं। काशी के लिए एक और विशेष अवसर है। आपने सुना होगा, कल मन की बात का उल्लेख किया था, योगी जी ने भी दोहराया। सौ साल से भी पहले माता अन्नपूर्णी की जो मूर्ति काशी से चोरी हो गई थी, वो फिर वापस आ रही है। माता अन्नपूर्णाी एक बार फिर अपने घर लौट कर आ रहीं हैं। काखी के लिए यह सौभाग्य की बात है। हमारे देवी- देवताओं की प्राचीन मूर्तियां अमूल्य विरासत हैं। इतना प्रयास पहले किया गया होता तो न जाने कितनी मूर्तियां देश को काफी पहले मिल गई होंती लेकिन लोगों की सोच दूसरी रही है। हमारे लिए विरासत का अर्थ है देश की धरोहर जबकि कुछ लोगों के लिए विरासत का मतलब होता है अपना परिवार। हमारे लिए विरासत का मतलब है, संस्कृति व मूल्य। उनके लिए विरासत का अर्थ है अपनी प्रतिमाएं, अपने परिवार की तस्वीरें। एेसे में उनका ध्यान अपने परिवार की विरासत को बचाने में रहा। हमारा प्रयास देश की विरासत बचाने का है। देशवासियों बताइए सही कर रहा हूं। यह सब आपके आशीर्वाद से हो रहा है।

अाज जब काशी की विरासत लौट रही है तो लग रहा है जैसै काशी इस खबर को सुनकर सजी- संवरी है। लाखों दीपों से काशी के चौरासी घाटों का जगमग होना अद्भूत है। गंगा की आभा को यह प्रकाश और भी सुंदर बना रहा है। लग रहा है जैसै पूर्णिमा पर देव दीपावली मना रही काशी महादेव के माथे पर चंद्रमा की तरह चमक रही है। काशी की महिमा ही एेसी है। शास्त्रों में कहा गया है-काशी तो आत्मज्ञान से प्रकाशित होती है, अतः काशी पूरे विश्व को प्रकाश देने वाली है। पथ- प्रदर्शन करने वाली है। हर युग में काशी के इस प्रयास से किसी न किसी महापुरुष की तपस्या जुड़ जाती है और काशी दुनिया को रास्ता दिखाती रहती है।

हम जिस देव दीपावली का दर्शन कर रहे हैं, इसकी प्रेरणा आदि शंकराचार्य ने दी। अहिल्या बाई होल्कर ने इसे आगे बढ़ाया। उनके द्वारा स्थापित हजारा इस परंपरा का साक्षी है। उन्होंने त्रिपुरासुर राक्षस की कथा सुनाई। काशी से गुरुनानक देव ने लोगों को मार्ग दिखाया। सुधार की प्रक्रिया शुरू की और हर बदलाव का विरोध होता रहा है। चाहे वह किसानों के लिए बना नया कृषि कानून हो या काशी में विश्‍वनाथ कारिडोर ही क्‍यों न हो कई लोगों ने विरोध किया। लोगों ने चाह लिया तो श्रीराम मंदिर का निर्माण शुरू हो गई। बनारस में विकास की गति भी तेज गति से हो रहा है। प्राचीन बनारस का बदलता आधुनिक रूप दिखाई देेने लगा है। कोरोना संक्रमण काल में काशी के लोगों ने जो सेवा किया उसके लिए मैं आपके सेवा भाव को प्रणाम करता हूं। मैं भी आपकी सेवा में कोई कमी नहीं रहने दूंगा। देव दीपावली और गुरु नानक जयंती की बधाई के साथ संबोधन समाप्‍त किया। अंत में जय काशी, जय मां भारती और हर-हर महादेव का जयघोष हुआ।

राजघाट पर मुख्यमंत्री योगी आादित्यनाथ का संबोधन
देवी अन्नपूर्णा की सौ साल पहले चोरी हुई प्रतिमा भारत को मिली। आखिर 107-108 वर्षों तक किसी सरकार की नजर उस ओर न पड़ी। हम क्यों इतने वर्षों तक मौन रहे। पीएम ने योग को वैश्विक मंच दिया। कुंभ को गंदगी व अव्यस्था का मंच बना दिया था। पीएम ने इस सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक रूप दिया।
मां गंगा का अविरलता निर्मलता किसी से छिपी नहीं है। कभी इसमें डुबकी लगाने पर शरीर पर लाल चकत्ते निकल आते थे। आज गंगा स्नान ही नहीं आचमन के लायक भी हो गयी है। यह नमामि गंगे के सफल क्रियान्वयन से मूर्त रूप ले सका। मां गंगा का संबंध भगवान विश्वनाथ के साथ किस तरह है, गंगा काशी में आाईं तो भैरव ने रोकने के प्रयास किया। गंगा ने बाबा का चरण पखारने का आग्रह किया। विघ्न-बाधा न डालने का भरोसा दिलाने पर उन्हें यह मौका मिला। पीएम मोदी के कारण काशी विश्वनाथ धाम पर वह रूप एक बार फिर मूर्त रूप ले सका है। काशी आज जिस रूप में हम सबके सामने है, हमारे आपके लिए गौरव है।   

बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद पीएम अलकनंदा रोरो यान से राजघाट पहुंचे। घाट के विशाल प्लेटफार्म पर बनाए गए मंच पर विराजमान हुए। देव दीपावली का पहला दीप जलाया और काशी की विशाल घाट श्रृंखला पर मानो छोटे-छोटे दीपों के रूप में सितारों की बरसात हो गई। शहर के इस उत्तरी छोर पर स्थित राजघाट से ही दक्षिण ओर फैली घाट श्रृंखला के साथ ही उस पार रेती तक में उभर आई देव दीपावली की अद्भुत छटा पर नजर डाल पीएम विभोर हो उठे।

पीएम ने राजघाट पर ही पर्यटन विभाग की ओर से बनाई गई पावन पथ वेबसाइट भी लांच की। पावन पथ वेबसाइट में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर को केंद्र में रख कर सभी देवालयों के बारे में जानकारी दी गई है। इसमें नौ दुर्गा, नौ गौरी, द्वादश ज्योतिर्लिंग, छप्पन विनायक, अष्ट भैरव समेत लगभग डेढ़ सौ देवालयों का इतिहास-भूगोल सहेजा गया है। इस पर काशी से जुड़े तीज-त्योहारों के बारे में भी बताया गया है। पीएम मोदी का यह तेइसवां काशी दौरा है। हालांकि वे देव दीपावली पर पहली बार काशी आए हैं।

अलकनंदा क्रूज पर सवार होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ललिता घाट पहुंचे। अब श्रीकाशी विश्‍वनाथ मंदिर कारिडाेर का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कारिडोर के रास्‍ते में विश्‍वनाथ मंदिर  और काशी से जुड़े कुछ विशिष्‍टजनों से मुलाकात भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब काशी विश्‍वनाथ मंदिर में दर्शन के बाद पूजन कर रहे हैं। मंदिर गर्भगृह में विधि विधान से बाबा की पूजा-अर्चना की। दूध-जल से अभिषेक के साथ ही षोडशोपचार पूजन किया और आरती उतारी। देश के प्रतिनिधि के तौर प्रधानमंत्री ने देश के लिए मंगल कामना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। साथ ही पचास हजार वर्ग मीटर में आकार ले रहे विस्तारीकरण व सुंदरीकरण परियोजना के बारे में जानकारी दी। पीएम ने कारिडोर क्षेत्र में बन रहे भवनों का निरीक्षण किया। स्तंभों पर उकेरी गई नक्काशी को ध्यान से देखा। डाक्यूमेंट्री के जरिए भी विस्तारीकरण व सुंदरीकरण परियोजना की प्रगति से रूबरू हुए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरी पहली जनसभा पहले जब यहां पर हुई थी तब यह चार लेन का था अब यह सिक्‍स लेन का हो गया। इससे सिक्‍स लेन के बनने से यातायात की सुविधा बेहतर होगी। काशी व प्रयाग राज के बीच आना जाना और आसान हो गया। कांवरियों को सुविधा होगी इससे कुंभ के दौरान भी लाभ मिलेगा। बेहतर मार्ग होने से पर्यटकों को काफी लाभ होगा। सड़क निर्माण से विकास का पहिया भी तेज हो जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे सिक्‍स लेन के बनने से यातायात की सुविधा बेहतर होगी। काशी व प्रयाग राज के बीच आना जाना और आसान हो गया। कांवरियों को सुविधा होगी इससे कुंभ के दौरान भी लाभ मिलेगा। बेहतर मार्ग होने से पर्यटकों को काफी लाभ होगा।

सड़क निर्माण से तेज हो जाता है विकास का पहिया

सड़क निर्माण से विकास का पहिया भी तेज हो जाता है। यूपी में इस समय बारह एयरपोर्ट कार्यरत है। पहले संख्‍या मात्र दो ही रही। किसान रेल से किसानों को काफी लाभ मिलने लगा है। वाराणसी और आसपास के जिलों से फल और सब्जियां विदेशों में भेजा जा रहा है। बनारस का लगड़ा आम, गाजीपुर का मिर्च, चंदौली का काला चावल विदेश भेजा जा रहा है। इससे किसानों को आर्थिक सुविधा मिल रही है। चंदौली का काला चावल विदेश में बेचा गया। वहां करीब 850 रुपये किलो के हिसाब से काला चावल बिक रहा है। इस बार चंदौली में करीब एक हजार किसान परिवार खेता का लाभ लेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नए कृषि सुधार कानून से किसानों को काफी लाभ होगा। छोटे किसानों के साथ अक्‍सर धोखा होता था। छेाटे किसान तो मंडी नहीं पहुंच पाते थे। अब छोटे किसान मंडी में अपनी उपज बेचने का बेहतर मौका मिल रहा है। किसानों को कानूनी लाभ मिल रहा है। किसानों को विकल्‍प देने से ही देश का काया कल्‍प होगा। प्रधानमंत्री ने  कहा कि पहले सरकार का फैसला पसंद नहीं आता था तो विरोध का तरीका का दूसरा था। अब तो विरोध का आधार भ्रमण और आशंका फैलाने का रह गया है। 

भविष्‍य में क्‍या होगा इसका गलत प्रचार करने भ्रमण किया जा रहा है। जो अभी हुआ ही नहीं उस पर खेल हो रहा है। ये वही लोग है जिन्‍होंने दशकों तक किसानों ने छल किया। एमएसपी को लेकर छल किया गया। कर्ज माफी के पैकेज घोषित तो किए गए लेकिन लाभ छोटे व सीमांत किसानों तक नहीं पहुंचा। हमने वादा किया था कि स्‍वामीनाथ आयोग के अनुसार ही एमएसपी का लाभ मिले जिसे पूरा किया। पहले यूरिया के लिए किसानों काफी दिक्‍क्‍तों का सामना करना पड़ता था अब ऐसे नहीं। देश के इतिहास में पहली बार किसान रेल शुरू की गई है। इन प्रयासों से उनकी आय पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने  कहा कि धान, गेहूं आदि की खरीद में काफी लाभ विगत वर्षों में किसानों को मिलता जा रहा है। एमएसनी का लाभ मिलता ही जा रहा है। मंडियों को आधुनिक बनाने का प्रयास जारी है। गंगा जल जैसे पवित्र नीति के साथ कार्य किया जा रहा है। किसान सम्‍मान या किसानाें की तमाम योजनाओं की आलोचना होती रहती है। कुछ राज्‍यों में यह सुविधा लागू ही नहीं हुआ। इन राज्‍यों में किसानों के बीच झुठ फैलाया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के कारण काफी समय बाद काशी आना हुआ लेकिन आपके दर्शन करके मुझे काफी उत्‍साह मिला। आज अभी कई और कार्यक्रमों में आप लोगों से मुलाकात होगी। तब तक के लिए भारत माता की जय।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबंधन शुरू करने से पूर्व काशीवासियों को प्रणाम किया। देव दीपावली, गुरु नानक जयंती व कार्तिक पूर्णिमा की बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देव दीपावली पर बनारस आगमन के पीछे गहरा उद्देश्य छिपा है। कोविड-19 संक्रमण काल में काशी से विश्व को बड़ा संदेश देने की मंशा है। महामारी के बीच उत्सव को कैसे मनाया जा सकता है, पूरा आयोजन इस उद्देश्य में सिमट गया है। 

प्रधानमंत्री ने  सिक्स लेन हाइवे का किया लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजातालाब से हंडिया तक बने हाइवे के 72.64 किमी लंबे सिक्सलेन सड़क का बटन दबाकर लोकार्पण किया । इस सिक्सलेन हाइवे पर 3 फ्लाईओवर, 22 अंडरपास, 36 बस स्टैंड, 2 फुट ओवरब्रिज, 4 ट्रक वे, एक टोल प्लाजा समेत अन्य कार्य हुए है। इस कार्य मे 2447 करोड़ रुपए खर्च हुए है।सिक्स लेन का यह कार्य 5 दिसंबर 2017 से प्रारंभ हुआ था।

एनएच 2 अब होगा एनएच 19

नेशनल हाइवे 2 का सिक्सलेन लोकार्पण के बाद अब नेशनल हाइवे 19 के नाम से जाना जाएगा।हाइवे पर एनएच 19 के नए सांकेतिक बोर्ड लगा दिए गए है।

दोपहर में पीएम के आगमन के पूर्व मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ लाल बहादुरशास्‍त्री अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट बाबतपुर पहुंच गए। सीएम इस दौरान वहां पर तैयारियों का जायजा लेने के साथ ही पीएम मोदी का स्वागत करने के बाद सभी कार्यक्रमों में शामिल रहेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों के साथ पुराने टर्मिनल भवन के वीआइपी लाउंज में नेताओंं और अधिकारियों संग बैठक भी की। वहीं दोपहर 2.10 बजे पीएम विशेष विमान (बोइंग 777-300 ईआर) से आए तो मुख्‍यमंत्री ने एयरपोर्ट पर उनका स्‍वागत किया। स्‍वागत के बाद पीएम हेलीकॉप्टर से कार्यक्रम स्‍थल खजूरी के लिए प्रस्थान कर गए। 

 

एयरपोर्ट पर हुआ स्‍वागत

बाबतपुर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद एप्रन पर सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्य मंत्री आशुतोष टंडन, नीलकंठ तिवारी और रविन्द्र जायसवाल, सांसद मछलीशहर वीपी सरोज, राधा मोहन सिंह, स्वतंत्र देव सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, अवधेश सिंह, लक्ष्मण आचार्य, अशोक धवन, चेयरमैन अपराजिता सोनकर, महापौर मृदुला जायसवाल, महेशचंद्र श्रीवास्तव, विद्यासागर राय आदि लोगों में उनकी आगवानी की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने लोगों से कुशल क्षेम पूछा, उसके बाद दोपहर 2:35 बजे वायुसेना के हेलीकॉप्टर से प्रधानमंत्री खजूरी, मिर्जामुराद के लिए प्रस्थान कर गए।

पीएम का शहर में अलग-अलग कार्यक्रम

पीएम दोपहर दो बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद 2.35 खजुरी मिर्जामुराद सिक्स लेन लोकार्पण और जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद चार बजे डोमरी हेलीपैड से उतरने के बाद 4.20 बजे ललिता घाट और कारिडोर का निरीक्षण करने के बाद बाबा दरबार काशी विश्वनाथ मंदिर में दीपक जलाएंगे। शाम पांच बजे राजघाट पावन पथ वेबसाइट लांच करने के साथ दीप प्रज्वलन और संबोधन भी होगा। वहीं संत रविदास प्रतिमा पर पुष्पांजलि करने के बाद 5.45 बजे रोरो जलयान से घाटों की छटा निहारते चेत सिंह किला पर लेजर शो का अवलोकन करेंगे। शाम 6.30 बजे संत रविदास घाट पर जलयान से उतर कर वाहन पर सवार होकर वह सारनाथ जाएंगे और लेजर शो के साथ खंडहर परिसर का भी अवलोकन करने के बाद बाबतपुर एयरपोर्ट रवाना हो जाएंगे।

पीएम के शहर में प्रमुख कार्यक्रम कार्यक्रम एक वाराणसी -प्रयागराज, एनएच-19 पर छह लेन चौड़ीकरण परियोजना का उद्घाटन कार्यक्रम दो श्री काशी विश्वनाथ कारीडोर परियोजना स्थल का भ्रमण शाम 4.30 बजे कार्यक्रम तीन देव दीपावली महोत्सव में शाम 5.20 बजे कार्यक्रम चार  देव दीपावली और लेजर शो देखने के साथ ही संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम पांच  सारनाथ पुरातत्व स्थल का दौरा शाम 7.50 बजे

कार्यक्रम का 135 देशों मेंं सीधा प्रसारण 

जीवन जीने की यह प्रेरणा पूरे विश्व को देने के लिए ही देव दीपावली का 135 देशों में सीधा प्रसारण किया जाएगा। दूरदर्शन को यह जिम्मेदारी दी गई है। मिर्जामुराद के खजुरी गांव में आयोजित जनसभा से लेकर गंगा घाट पर देव दीपावली को लेकर रोशन हुए दीप के अलावा सारनाथ में लाइट एंड साउंड तक के कार्यक्रम को कवर किया जा रहा है। पीएम मोदी का संबोधन दो स्थानों पर होगा। इसमें एक खजुरी गांव में तो दूसरा  राजघाट पर है। दोनों संबोधन में मंच के सामने 10-10 हजार लोगों की मौजूदगी रहेगी। इस दौरान कोरोना संक्रमण से रोकथाम के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी शारीरिक दूरी का पूरा ख्याल रखा जाएगा। खजुरी में आयोजित जनसभा व राजघाट पर कार्यकर्ता संवाद में बैठने की व्यवस्था की गई है।

इस दौरान दो गज की दूरी का ख्याल रखा गया है। इसी मानक पर कुर्सियां लगाई जा रही हैं। इसके अलावा लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। मौके पर मास्क वितरण भी किया जाएगा। इसके अलावा जनसभा व कार्यकर्ता संवाद स्थल में प्रवेश से पहले ही लोगों का हाथ सैनिटाइज किया जाएगा। साथ ही थर्मल स्कैङ्क्षनग भी होगी। कार्य ब्लू प्रिंट के अनुसार गंगा घाट पर दीये जलने के बाद उभरे मनोहारी दृश्य के साथ ही नगर की सड़कों पर भी रोशन किए गए दीये को भी प्रसारित किया जाएगा। यह पहला अवसर होगा कि देव दीपावली में प्रधानमंत्री शिरकत कर रहे हैं जिसे पूरा विश्व देखेगा।  

काशी ने किया पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत 

देव दीपावली पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए काशी तैयार है। जनसभा स्थल से लेकर गंगा घाट तक दीपोत्सव और जश्न का माहौल है। प्रधानमंत्री काशी में कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। खजुरी गांव में जनसभा स्थल से 2447 करोड़ से बने 73 किलोमीटर 6 लेन चौड़ीकरण का लोकार्पण करेंगे। राजघाट पर देव दीपावली का शुभारंभ करने के साथ पर्यटन विभाग के वेबसाइट लांच करेंगे। प्रधानमंत्री चेतसिंह घाट पर लेजर शो का दीदार करने के साथ गंगा में नौका विहार भी करेंगे। गंगा घाट और गंगा उस पार, मंदिरों और मकानों पर 15 लाख से अधिक दीप जलाएं जाएंगे। इसके अलावा श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे। सारनाथ में लाइट एंड साउंड देखेेंगे। 

देश का दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का बनारस में इस वर्ष का दूसरा दौरा है। उनके दूसरे दौरे से पहले काशी सजधज कर तैयार है। राजघाट पर गंगा में जेटी बनने के साथ मंच का रूप दिया गया है। मंच के पीछे कोई पर्दा नहीं होगा, पीछे सिर्फ गंगा की लहरें दिखाई पड़ेंगी। गंगा पर रंग-बिरंगे दीपों के साथ आसपास मकानों पर भी दीप जलेंगे। गंगा घाट के मकानों और मंदिरों में रंग-बिरंगे झालर, लाइट लगाए गए हैं। इसके अलावा शहर सभी मंदिर, सरकारी कार्यालय और सड़क पर रंग-बिरंगे झालरों से सजा है। बिजली पोल पर भी रंग-बिरंगे झालर लगे हुए हैं। रंग-बिरंगे झालरों और लाइटों से गंगा घाट पर पानी में उल्टा प्रतिङ्क्षबब दिखाई पड़ रहा है जो देखने लायक है। शाम को गंगा घाट पर देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। 

छह लेन सड़क का करेंगे लोकार्पण 

प्रधानमंत्री पहले खजुरी गांव में जनसभा को संबोधित करेंगे। साथ ही एनएचएआइ के 73 किलोमीटर 6 लेन चौड़ीकरण सड़क का लोकार्पण करेंगे। यहां से सीधे हेलीकाप्टर से सूजाबाद में उतरेेंगे। गंगा में जल मोटरयान पर सवार होकर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर जाएंगे। यहां दर्शन-पूजन करने के बाद राजघाट पहुंचेंगे। यहां कार्यकर्ताओं से वह संवाद करेंगे। 

भगवान बुद्ध की सुनेंगे जीवनी 

भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ में पुरातत्व खंडहर परिसर में लाइट एंड साउंड कार्यक्रम भी देखने जाएंगे। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की आवाज में भगवान बुद्ध की जीवनी सुनेंगे। इस दौरान वह बैट्री चालित वाहन में बैठेंगे।

135 देशों में देव दीपावली का प्रसारण

देव दीपावली का प्रसारण 135 देशों में किया जाएगा। पीएम मोदी से मिर्जापुर के खजुरी गांव में आयोजित जनसभा से लेकर गंगा घाट पर जलते दीये व जनता से संवाद का कार्यक्रम होगा जिसे दूरदर्शन के माध्यम से कवर किया जा रहा है। हर प्वाइंट पर बड़े-बड़े कैमरे लगाए गए हैं। जब पीएम मोदी शहर की सड़कों से गुजरेंगे तो भी सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसका उद्देश्य पूरे विश्व को एक संदेश देना है। 

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