संयुक्त प्रवेश परीक्षा में परीक्षार्थियोें को फिजिक्स मैथ ने छकाया तो केमिस्ट्री लगी आसान

फिजिक्स के न्यूमेरिकल कठिन लगे तो वहीं मेंस की भांति एडवांस्ड में भी परीक्षार्थियोें को केमिस्ट्री आसान लगी।
Publish Date:Sun, 27 Sep 2020 01:29 PM (IST) Author: Abhishek Sharma

वाराणसी, जेएनएन। ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई एडवांस्ड) के परीक्षार्थियोें को फिजिक्स व मैथ के सवालों ने खूब छकाया। ज्यादातर परीक्षार्थियोें को फिजिक्स के न्यूमेरिकल कठिन लगे तो वहीं मेंस की भांति एडवांस्ड में भी परीक्षार्थियोें को केमिस्ट्री आसान लगी। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्‍यर्थियों और अभिभावकों की भीड़ परीक्षा केंद्रों पर उमड़ी तो दिन चढ़ने के साथ ही तेज धूप में लोग पसीना पसीना भी होते नजर आए। काेरोना संक्रमण्‍ा के खतरों के बीच लोगों ने निजी वाहनों की सवारी पर ही अधिक भरोसा किया।

संयुक्त प्रवेश परीक्षा के एडवांस्ड की परीक्षा रविवार को दो पालियों में हो रही है। प्रथम पाली में फिजिक्स, केमेस्ट्री व मैथ में 54 प्रश्न पूछे गए थे। परीक्षार्थियों को तीन घंटे के भीतर तीनों खंड में 18-18 प्रश्न पूछे गए थे। सभी प्रश्न तीन- तीन अंकों के पूछे गए थे। वहीं तीन अंकों के एक प्रश्न गलत होने पर परीक्षार्थियोें के एक नंबर काट लिए जाएंगे। माइनस मार्किंग होने के कारण जिन प्रश्नों के उत्तर में संदेह था उसे परीक्षार्थियों ने छोड़ दिया। ज्यादातर परीक्षार्थियों ने10 से 20 सवाल तक छोड़ दिए। प्रथम पाली की परीक्षा में 19 केंद्रों पर 2750 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। वहीं प्रथम पाली में परीक्षार्थियों की उपस्थिति करीब 90 फीसद रही। वहीं द्वितीय पाली में दोपहर 2.30 बजे से शाम को 5.30 बजे तक होनी है। परीक्षा केंद्रों पर शुचिता बनाए रखने के लिए सेक्टर व स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं। वहीं केंद्र के 500 मीटर की परिधि में साइबर कैफे व फोटो स्टेट की दुकानें बंद करने का निर्देश था। केंद्राें के 200 मीटर की परिधि में धारा-144 लागू रही।

वहीं दूसरी ओर कोविड -19 के संक्रमण को देखते हुए परीक्षार्थियों को शारीरिक दूरी के मानकों के अनुसार केंद्रों पर बैठाया गया था। परीक्षा केंद्रों पर आवश्‍यक जांच पड़ताल के बीच अभ्‍यर्थियों को कतार बनाकर एक एक कर केंद्रों में सीटों पर बैठाया गया। प्रथम पाली की परीक्षा शांति पूर्वक होने के बाद बाहर निकले अभ्‍यर्थियों ने जागरण से बातचीत में प्रश्‍नपत्रों पर अपनी राय जाहिर की और बताया कि पेपर बेहतर था हालांकि माइनस मार्किंग की वजह से कुछ प्रश्‍नों में असमंजस को देखते हुए छोड़ना विवशता बन गई।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.