विकास की पहली पायदान हैं पंचायतें, गांवों को हर प्रकार से सुदृढ़ करने को संकल्पित है सरकार : अनिल राजभर

पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री अनिल राजभर ने पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। लोकतंत्र में प्रतिनिधियों को राजा करार देते हुए कहा कि बुनियाद से जुड़े प्रतिनिधियों को सम्मानित करने का काम आज तक किसी सरकार ने नहीं किया।

Saurabh ChakravartyTue, 27 Jul 2021 04:36 PM (IST)
पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री अनिल राजभर ने पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

बलिया, जागरण संवाददाता। सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के नवानगर ब्लॉक परिसर में मंगलवार को नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया। पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री अनिल राजभर ने पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। लोकतंत्र में प्रतिनिधियों को राजा करार देते हुए कहा कि बुनियाद से जुड़े प्रतिनिधियों को सम्मानित करने का काम आज तक किसी सरकार ने नहीं किया। ग्राम प्रधानों को विकास की प्रथम पायदान बताते हुए सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करने की सलाह दी। कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार गांवों को को हर प्रकार से सुदृढ़ करने को कृत संकल्पित है। पंचायत सहायक की नियुक्ति का भी जिक्र किया। कहा कि इससे प्रदेश के 58 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा।

विधायक संजय यादव ने विकास कार्यों को गति देने की अपील की। दोपहर बाद ब्लॉक परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री व क्षेत्रीय विधायक ने निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। इस मौके पर डीडीओ हरिराम मिश्र, एसडीएम प्रशांत नायक, सीओ अशोक कुमार मिश्र, भाजपा जिलाध्यक्ष जय प्रकाश साहू, राजेंद्र सिंह व गुड्डू सिंह मौजूद थे। अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख केशव प्रसाद चौधरी व संचालन अजय राजभर ने किया।

मंत्री की मंच से फिसली जुबान

कार्यक्रम के दौरान मंच से मंत्री अनिल राजभर की जुबान फिसल गई। उन्होंने खुद को बलिया का प्रधानमंत्री बताया। इस पर पार्टी के कार्यकर्ता एक दूसरे को देखने लगे, इसकी खूब चर्चा रही।

नहीं दी सूचना, पंचायत सचिव पर 10 हजार का अर्थदंड

जन सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश ने आवेदक को सूचना नहीं दिए जाने पर तत्कालीन सचिव ग्राम पंचायत सुखपुरा पर 10 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। कस्बे के अख्तर अली ने वर्ष 2017 में सचिव से गांव के विकास से संदर्भित कुछ सूचना मांगी थी। सचिव द्वारा सूचना नहीं दिए जाने पर अख्तर ने दूसरी अपील की। उन्हें सूचना नहीं दी गई। वह जन सूचना आयुक्त के यहां शिकायत दर्ज कराए। आयुक्त कार्यालय द्वारा बार-बार बुलाए जाने के बावजूद तत्कालीन सचिव ग्राम पंचायत सुखपुरा ने न तो सूचना ही दिया और न ही आयुक्त के समक्ष हाजिर हुए। आयुक्त ने सचिव पर आर्थिक दंड लगा दिया। इसकी सूचना आयुक्त कार्यालय से जिला पंचायत राज अधिकारी के अलावा अख्तर अली को दी गई है।

 

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