वाराणसी में निजी यार्ड में बंद होंगे ओवरलोड ट्रकें और डग्गामार वाहन, ट्रांसपोर्टरों से लीज पर ली जाएगी जमीन

ओवरलोड ट्रकों और डग्गामार वाहनों पर शिकंजा कसने को शासन सख्त हो गया है। कमिश्नरेट पुलिस व ग्रामीण क्षेत्र के तीन थाने को छोड़कर अन्य थानों पर डग्गामार वाहनों को नहीं लिए जाने पर शासन ने नाराजगी जाहिर की है।

Saurabh ChakravartyTue, 19 Oct 2021 07:50 AM (IST)
ओवरलोड ट्रकों और डग्गामार वाहनों पर शिकंजा कसने को शासन सख्त हो गया है।

वाराणसी, जेपी पांडेय। ओवरलोड ट्रकों और डग्गामार वाहनों पर शिकंजा कसने को शासन सख्त हो गया है। कमिश्नरेट पुलिस व ग्रामीण क्षेत्र के तीन थाने को छोड़कर अन्य थानों पर डग्गामार वाहनों को नहीं लिए जाने पर शासन ने नाराजगी जाहिर की है। वहीं प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सिंह ने परिवहन अधिकारी को निजी जमीन तलाशने को कहा है। डग्गामार वाहनों को बंद करने के लिए कम से कम पांच बीघे जमीन की जरूरत होगी। उस जमीन को विभाग लीज पर लेगा। परिवहन अधिकारियों ने जमीन तलाशनी शुरू कर दी है। वहीं कुछ ट्रांसपोर्टरों से भी बात की गई है।

परिवहन अधिकारियों के चालान करने से भी वाहन स्वामियों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। वे जुर्माना भरकर सड़कों पर धमा-चौकड़ी मचाते रहते हैं। पिछले दिनों बाराबंकी में एक डग्गामार बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से कई लोगों की जान चली गई।

मंडलायुक्त कार्यालय परिसर में बंद हुए आटो रिक्शा

शहर में रोज जाम लगने पर मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने नाराजगी जाहिर की थी। बैठक में परिवहन अधिकारियों ने बताया कि जगह न होने के चलते डग्गामार आटो रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है, ऐसे में मंडलायुक्त ने अपने कार्यालय परिसर में डग्गामार आटो रिक्शा को बंद करने को कहा। करीब तीन सौ डग्गामार आटो रिक्शा बंद भी हुए थे।

एलटी कालेज और रामनगर में बना था यार्ड

थानों में जगह नहीं होने पर वर्ष 2003 में अर्दली बाजार स्थित एलटी कालेज व रामनगर में एक निजी जमीन में यार्ड बनाए गए थे। दोनों स्थानों पर आज भी कई गाडिय़ां जंक खा रही हैं। एलटी कालेज में शिक्षा विभाग ने आपत्ति जताई और रामनगर में जमीन मालिक ने, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। परिवहन विभाग जमीन का एग्रीमेंट करेगा।

तहसील से खतौनी की होगी जांच

परिवहन अधिकारी जमीन का खतौनी लेने के साथ तहसील व रजिस्ट्री कार्यालय से उसकी जांच कराएंगे। यदि जमीन विवादित या अन्य किसी के नाम होगी तो उसे नहीं लेंगे। कागजात सही होने पर ही एग्रीमेंट किया जाएगा। यार्ड में वाहनों की सुरक्षा के लिए पुलिस गार्द 24 घंटे तैनात रहेंगे। इसके अलावा परिवहन विभाग का एक बाबू और चपरासी होगा।

निजी जमीन की तलाश की जा रही है

यार्ड बनाने के लिए निजी जमीन की तलाश की जा रही है। इसको लेकर कुछ ट्रांसपोर्टरों से भी बात की गई है।

-सर्वेश चतुर्वेदी, एआरटीओ (प्रशासन)

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.