पूर्वांचल में सर्दियों की आहट, कुहासा और कोहरे की अकुलाहट, मऊ में कोहरे की दस्‍तक

सप्‍ताह भर से दिन में भले की उमस और धूप हो रही हो लेकिन सुबह पूर्वांचल के पहाड़ी जिलों से लेकर मैदानी क्षेत्र तक कुहासा का दौर शुरू हो चुका है। सुबह ओस कतरों की लड़‍ियां खेतों से लेकर घास तक नजर आने लगी हैं।

Abhishek SharmaSun, 05 Sep 2021 10:00 AM (IST)
सुबह पूर्वांचल के पहाड़ी जिलों से लेकर मैदानी क्षेत्र तक कुहासा का दौर शुरू हो चुका है।

वाराणसी, जेएनएन। अनुमानों के मुताबिक ही जिस तरह से मानसून ने दस दिन पूर्व ही पूर्वांचल में दस्‍तक दे दी थी उस लिहाज से सर्दियों ने भी मानो आने की जल्‍द कर रखी है। जी हां! पूर्वांचल में सर्दियों ने अपनी पहली झलक रविवार की सुबह सबसे पहले मऊ जिले में दिखा दी। यहां पर अंचलों में रविवार की सुबह से ही आसमान से कोहरे की चादर ने पैर पसार लिए। सुबह आसमान में यहां न तो बादल थे और न ही सूरज। चारों ओर ठंडी हवाओं का दौर रहा और सूरज भी कोहरे की चादर को सुबह सात बजे के बाद ही बेध सका। 

पूर्व में सबसे पहले कोहरे की आमद पहाड़ी जिलों क्रमश: चंदौली, मीरजापुर और सोनभद्र आदि में ही होता रहा है। लेकिन, इस बार पहाड़ी जिलों में सुबह कुहासा (ओस और कम कोहरे का स्‍वरूप) ही नजर आ रहा है। जबक‍ि सरयू नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में माह भर पूर्व से ही बाढ़ और बारिश के बाद कुहासा का अहसास होने लगा था। ऐसे में उम्‍मीद जताई भी जा रही थी कि सुबह कोहरे का दौर माह भर में दस्‍तक दे सकता है। अब रविवार पांच सितंबर को मऊ जिले में कुहासा के बाद कोहरे की दस्‍तक ने वातावरण को काफी राहत दी है।

मऊ जिले में सुबह ही मौसम ने करवट ली तो आंचलिक क्षेत्रों में चारों ओर कोहरा छाया रहा। लोगों के अनुसार अभी लोग उमस भरी गर्मी से परेशान थे कि रविवार की सुबह मौसम ने अचानक करवट लिया और अचानक कोहरा छा गया। मौसम में इस बदलाव से अब ठंडक के भी दस्तक की आहट मिल रही है। माना जा रहा है कि सप्‍ताह भर में मऊ जिले में नदी के तटवर्ती क्षेत्रों और आंचलिक क्षेत्रों में कोहरे का दौर शुरू हो जाएगा। इसी के सा्थ पूर्वांचल में भी चार माह से गर्मी का दौर समाप्ति की ओर बढ़ गया है। 

कुहासा का दौर पूर्वांचल में दे रहा राहत : लगभग सप्‍ताह भर से दिन में भले की उमस और धूप हो रही हो लेकिन सुबह पूर्वांचल के पहाड़ी जिलों से लेकर मैदानी क्षेत्र तक कुहासा का दौर शुरू हो चुका है। सुबह ओस कतरों की लड़‍ियां खेतों से लेकर घास तक नजर आने लगी हैं। माना जा रहा है कि इस बार मानसून के दस दिन पूर्व आ जाने की वजह से मौसमी बदलाव पहले ही नजर आने लगा है। हालांकि, मौसमी बदलाव इस माह दूसरे पखवारे तक नजर आने लगेगा। इसकी वजह से तापमान में भी गिरावट आ रही है। अधिकतम पारा 35 से कम और न्‍यूनतम पारा अब 25 डिग्री से कम आ चुका है। जल्‍द ही यह अधिकतम 32 और न्‍यूनतम 23 डिग्री के करीब आ जाएगा और माह बीतने के साथ ही यह तीस और बीस का फासला तय करने की ओर हो जाएगा।  

  

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