Primary Education : निजी स्कूलों के तर्ज पर सरकारी विद्यालयों में भी अब ऑनलाइन दाखिला

नए सत्र का आगाज पर इस वर्ष कोरोना का ग्रहण लग चुका है।

नए सत्र का आगाज पर इस वर्ष कोरोना का ग्रहण लग चुका है। जूनियर हाईस्कूल स्तर के विद्यालय वर्तमान सत्र में अब तक नहीं खुल सके हैं। वहीं आठ अप्रैल से हाईस्कूल इंटरमीडिएट से लगायत महाविद्यालय तक बंद हाे गए। ऐसे में नए सत्र में दाखिला प्रभावित हो रहा है।

Abhishek SharmaFri, 09 Apr 2021 11:33 AM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। नए सत्र का आगाज पर इस वर्ष कोरोना का ग्रहण लग चुका है। जूनियर हाईस्कूल स्तर के विद्यालय वर्तमान सत्र में अब तक नहीं खुल सके हैं। वहीं आठ अप्रैल से हाईस्कूल, इंटरमीडिएट से लगायत महाविद्यालय तक बंद हाे गए। ऐसे में नए सत्र में दाखिला प्रभावित हो रहा है। खास तौर पर बेसिक शिक्षा विभाग व यूपी बोर्ड से संचालित विद्यालयों में। कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए परिषदीय विद्यालयों में सत्र-2020-21 में भी बगैर परीक्षा के कक्षा एक से आठ के बच्चों को अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया है। इसके अलावा निजी स्कूलों के तर्ज पर प्राथमिक विद्यालयों में भी अब ऑनलाइन दाखिला शुरू कर दिया गया है।

बीएसए राकेश सिंह के निर्देश पर नगर ही ग्रामीण विद्यालयों में ऑनलाइन दाखिले का क्रम जारी है। इसकेे लिए निजी विद्यालयों के तर्ज पर सरकारी विद्यालय भी प्रचार-प्रसार भी कर रहे हैं। आर्थिक संसाधन के अभाव में इंटरनेट मीडिया को प्रचार का मंच बनाया है। विद्यालयों के हेड मास्टरों व अध्यापकों ने अभिभावकों का वाट्स-एप ग्रुप बनाया है। इसमें ई-कंटेंट के साथ-साथ अभिभावकों को बच्चों का पंजीकरण कराने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा अध्यापक अपने-अपने क्षेत्र में अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं ताकि अधिक से अधिक बच्चे दाखिला ले सके।

इस दौरान उन्हें यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि अब प्राइमरी स्कूल पहले जैसे नहीं रह गए हैं। सरकारी विद्यालय निजी विद्यालयों से आगे निकल गए हैं। तमाम सरकारी विद्यालयों में अब अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई हो रही है। वह भी पूरी तरह मुफ्त। बीएसए ने बताया कि विभागीय योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाकर इस वर्ष 50,000 बच्चों का नामांकन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

फिर बदली पटरी ऑनलाइन पर बल

कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पठन-पाठन की पटरी एक बार फिर ऑनलाइन की ओर चल दी है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, शिक्षकों से ई-पाठशाला पर फोकस करने निर्देश दिया है।

महत्वपूर्ण निर्देश

-दूरदर्शन पर स्लॉट देखने का संदेश सभी अभिभावकों को नियमित रूप से भेजा जाए।

-ई-पाठशाला सामग्री जो हर हफ्ते भेजी जाती है, सभी समूहों में प्रसारित हो जाए।

-दीक्षा ईटीबी सामग्री को नियमित रूप से देखने को प्रेरित किया जाए जिससे इसका अत्यंत उपयोग हो ।

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