दिल्ली

उत्तर प्रदेश

पंजाब

बिहार

उत्तराखंड

हरियाणा

झारखण्ड

राजस्थान

जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश

पश्चिम बंगाल

ओडिशा

महाराष्ट्र

गुजरात

अब निराश्रित व असहायों का अंतिम संस्कार भी कराएगा जौनपुर जिला प्रशासन, नगर निकाय व ग्रामीण क्षेत्रों ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी

शासन ने अब गरीबों व असहायों के अंतिम संस्कार का भी जिम्मा उठाया है।

जौनपुर में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन ने अब गरीबों व असहायों के अंतिम संस्कार का भी जिम्मा उठाया है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों व ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत को अंतिम संस्कार कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

Saurabh ChakravartyMon, 10 May 2021 01:50 PM (IST)

जौनपुर, जेएनएन। जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन ने अब गरीबों व असहायों के अंतिम संस्कार का भी जिम्मा उठाया है। इसके तहत कोरोना संक्रमण में निराश्रित व असहायों के अंतिम संस्कार के लिए शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों व ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत को अंतिम संस्कार कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए प्रत्येक शव को जलाने के लिए पांच हजार रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें लकड़ी व अन्य सामान का खर्च शामिल होगा। जिससे अंतिम संस्कार में किसी प्रकार की कोई कमी न रह जाए।

कोरोना संक्रमण या बीमारी से अगर किसी निराश्रित की मृत्यु हो जाती है तो सरकार ने उसके अंतिम संस्कार के लिए भी व्यवस्था कराई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर निराश्रित की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए ग्राम प्रधान निधि या नगर निकाय निधि से तत्काल पांच हजार रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस नई व्यवस्था में अगर छोटी ग्राम पंचायतों की निधि में पैसा न होने पर भी निराश्रितों की मदद न रोकने के आदेश है। ऐसी परिस्थिति में जिलाधिकारी तत्काल पैसा उपलब्ध कराएंगे और उसे बाद में सीएम रिलीफ फंड से प्राप्त करेंगे। जिले में अगर कोई निराश्रित आयुष्मान भारत योजना या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में रजिस्टर्ड नहीं है और उसके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, तो उसके बीमार पड़ते ही ग्राम प्रधान निधि या नगर निकाय निधि से तत्काल दो हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

निराश्रित व असहाय के अंतिम संस्कार के लिए पांच हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी

शासन के निर्देश के क्रम में निराश्रित व असहाय के अंतिम संस्कार के लिए पांच हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। इसमें लकड़ी व अन्य सामान की व्यवस्था की जाएगी। नगरीय क्षेत्र में नगर निकाय तो ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत व्यवस्था कराई जाएगी।

- राजकुमार द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व।

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.