खुले आसमान में उड़ने की आजादी देगी नई शिक्षा नीति, विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का ऑनलाइन शिलान्यास पर बोलीं यूपी की राज्‍यपाल

जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय परिसर के सभागार में बुधवार को प्रशासनिक भवन का ऑनलाइन शिलान्यास कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। राज्यपाल ने बलिया की समृद्ध साहित्यिक सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक परंपरा को याद करते हुए कहा कि यह धरती प्रणम्य है।

Saurabh ChakravartyWed, 04 Aug 2021 04:58 PM (IST)
जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय परिसर के सभागार में प्रशासनिक भवन का आनलाइन शिलान्यास कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया।

बलिया, जागरण संवाददाता। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय परिसर के सभागार में बुधवार को प्रशासनिक भवन का आनलाइन शिलान्यास कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। राज्यपाल ने बलिया की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक परंपरा को याद करते हुए कहा कि यह धरती प्रणम्य है। मुझे उम्मीद है कि यह विश्वविद्यालय बलिया की समृद्ध विरासत को सुरक्षित व संरक्षित करते हुए आगे बढ़ेगा।

नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में वर्तमान सरकार इसे चरणबद्ध रूप में लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह नीति प्रत्येक विद्यार्थी को स्वतंत्र रूप से खुले आसमान में उड़ने की आजादी देती है। मुझे उम्मीद है कि यह युवा पीढ़ी को 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाएगी। उन्होंने विश्वविद्यालय में भवन निर्माण के लिए प्रदेश सरकार और विशेष रूप से उप मुख्यमंत्री प्रो. दिनेश शर्मा के प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि अब विश्वविद्यालय का दायित्व है कि वह भवन निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करे और यह प्रयास करे कि भवन निर्माण का कार्य निर्धारित समय में पूरा हो।

इकोफ्रेंडली बनाने के लिए पौधारोपण की अपील

राज्यपाल ने कहा कि परिसर को इकोफ्रेंडली बनाने के लिए अभी से पौधरोपण का कार्य प्रारंभ करने की जरूरत है। शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को ऐसा प्रशिक्षण दें कि अध्ययन के साथ आत्मनिर्भर होने की ओर उन्मुख हों।

शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए हो रहा प्रयास : उप मुख्यमंत्री

मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री प्रो दिनेश शर्मा ने कहा कि इस ऐतिहासिक भूमि पर प्रशासनिक भवन का शिलान्यास होना सुखद है। वर्तमान सरकार का यह प्रयास है कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाई जाए और इसमें आने वाली रुकावटों को प्रशासनिक स्तर पर दूर किया जाए। विश्वविद्यालय रोजगार परक पाठ्यक्रम के द्वारा आय अर्जित कर रहे हैं और आर्थिक रूप से अपने को मजबूत बना रहे हैं। इस दिशा में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय को भी प्रयत्न करने की आवश्यकता है।

जलभराव की समस्या का होगा निदान

शासन की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। संबंधित विभागों ने समन्वय स्थापित करते हुए एक कार्ययोजना भी बना ली है, जिसका सुखद परिणाम अगले कुछ महीनों में देखने को मिलेगा।

विकास की ओर अग्रसर विश्वविद्यालय : कुलपति

कुलपति प्रो. कल्पलता पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमिपूजन कर विश्वविद्यालय के विकास के लिए राज्यपाल के सहयोग की सराहना की। कहा कि कम संसाधन के बावजूद यह विश्वविद्यालय निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। यहां जलपान गृह बन चुका है। एससी-एसटी गर्ल्स छात्रावास का निर्माण शुरू हो चुका है। स्टेट बैंक की शाखा भी बहुत जल्द खुलने वाली है। निर्माणाधीन प्रशासनिक भवन को जून, 2022 तक हैंड ओवर करने का विश्वास कार्यदायी संस्था ने दिलाया है। रूरल डेवलपमेंट सेंटर खोलने के लिए राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय समस्तीपुर बिहार के साथ एमओयू हो चुका है। उन्होंने कहा कि शिक्षण-प्रशिक्षण के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विश्वविद्यालय को सरकार ने प्रदान किया है, जो हम सबके लिए गर्व की बात है। कार्यक्रम में ये रहे शामिल उप कुलसचिव महेश कुमार, वित्त अधिकारी ममता सिंह, एनसीसी के कमांडर कर्नल पुनीत अरोड़ा, डा. जैनेंद्र पांडेय, डा. साहब दूबे, डा. अरविंद नेत्र पांडेय, डा. प्रतिभा त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव संतलाल पाल व संचालन डा. प्रमोद शंकर पांडेय ने किया।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.