गाजीपुर में मुख्तार अंसारी की पत्नी और साले की कार कुर्क, मऊ सदर के विधायक के ससुराल में हुई कार्रवाई

गाजीपुर कोतवाली पुलिस ने मऊ के विधायक मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शां अंसारी साले अनवर शहजाद व सरजील रजा के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत बुधवार की शाम कार्रवाई करते हुए उनकी आडी कार कुर्क की। कार की कीमत करीब 31 लाख रुपये आंकी गई है।

Saurabh ChakravartyWed, 23 Jun 2021 09:42 PM (IST)
गाजीपुर मुख्तार अंसारी के ससुराल सैय्यदबाड़ा में कार को कुर्क करती पुलिस।

गाजीपुर, जेएनएन। कोतवाली पुलिस ने मऊ के विधायक मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शां अंसारी, साले अनवर शहजाद व सरजील रजा के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत बुधवार की शाम कार्रवाई करते हुए उनकी आडी कार कुर्क की। कार की कीमत करीब 31 लाख रुपये आंकी गई है। लगातार हो रही कार्रवाई से माफिया गिरोह सकते में हैं।

जिलाधिकारी मंगला प्रताप सिंह के आदेश व पुलिस कप्तान डा ओमप्रकाश सिंह के निर्देशन में सैय्यद बाड़ा मोहल्ला स्थित आईएस 191 गैंग के लीडर मुख्तार अंसारी के ससुराल शाम को सीओ तेजस्वी चावल व कोतवाल विमल मिश्रा फोर्स के साथ पहुंचे। मुनादी कराकर कुर्क करने की कार्रवाई की। कोतवाल विमल मिश्रा ने बताया कि विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम से कार लिया गया है। कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रो आफ्शां अंसारी, अनवर शहजाद व सरजील रजा हैं। पुलिस अधीक्षक डा. ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि गैंगेस्टर एक्ट के तहत यह कार्रवाई हुई है।

मुख्तार गिरोह के सिंडिकेट को तोड़ने के विरुद्ध चल रहा अभियान

योगी सरकार विधायक मुख्तार अंसारी के गिरोह आइएस-191 के विरुद्ध अभियान चलाकर सिंडिकेट तोड़ने में जुटी है। मऊ, गाजीपुर, आजमगढ़, वाराणसी सहित पूर्वांचल के कई जनपदों में गिरोह को निशाने पर लिया है। इसमें अकेले मऊ में 49.22 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। इस गिरोह से जुड़े एक-एक अपराधियों, नामचीन सफेदपोशों, कोल माफियाओं, भू-माफियाओं की कुंडली तैयार कर रही है। वहीं अभियान के तहत पहले ही गिरोह के शार्प शूटर व शूटरों को प्रशिक्षित करने वाले एक लाख के इनामी हरिकेश यादव, लालू यादव व 50 हजार के इनामियां राकेश पांडेय उर्फ हनुमान पुलिस इनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। वाराणसी जोन में अब तक मुख्तार गिरोह के फैले आर्थिक साम्राज्य को झटके पर झटका लगा है।

पूर्वांचल में अभी तक गिरोह को लगभग 75 से 80 करोड़ का आर्थिक नुकसान हुआ है। 2007 से 2012 के बीच मायावती सरकार ने मुख्तार अंसारी गिरोह के विरुद्ध अभियान चलाया था। इसमें मछली व्यवसाय के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हुई थी। एकबारगी यह लगा था कि गैंग टूट गया है परंतु सपा सरकार आते ही एक बार फिर गिरोह जमकर फला-फूला। गिरोह ने मऊ सहित पूर्वांचल में एक बार फिर सिक्का जमाया। अब योगी सरकार ने एक बार फिर मुख्तार गिरोह को निशाने पर लिया है। अभी तक गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, वाराणसी सहित पूर्वांचल में पीडब्ल्यूडी, जिला पंचायत व आरइएस के ठेकों पर जहां मुख्तार गिरोह का सिक्का चलता है तो कोयला व्यापार में भी गिरोह की जबरदस्त दखल है।

 

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