लखनऊ की दुकान में मुख्‍तार अंसारी की पत्‍नी अफ्शां ने जमा किया पिस्टल, गाजीपुर से पहुंची थी पुलिस

गाजीपुर कोवताली पुलिस द्वारा मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शां अंसारी के जिस पिस्टल के लाइसेंस को निलंबित किया गया है उसे अफ्शां ने गुरुवार को लखनऊ स्थित एक शस्त्र की दुकान में जमा कर दिया।

Saurabh ChakravartyFri, 30 Jul 2021 08:50 AM (IST)
अफ्शां ने गुरुवार को लखनऊ स्थित एक शस्त्र की दुकान में जमा कर दिया।

गाजीपुर, जागरण संवाददाता। कोवताली पुलिस द्वारा मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शां के जिस पिस्टल के लाइसेंस को निलंबित किया गया है, उसे अफ्शां ने गुरुवार को लखनऊ स्थित एक शस्त्र की दुकान में जमा कर दिया। इसको लेकर लखनऊ पहुंची कोतवाली की तीन सदस्यीय पुलिस टीम मंगलवार और बुधवार को दो दिनों तक अफ्शां को ढूंढती रही, लेकिन वह मिल नहीं सकी।

जिले में मुख्तार अंसारी, उसके स्वजन, रिश्तेदार व करीबियों के विरूद्ध करीब छह माह से निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शासन के एंटी माफिया अभियान के तहत मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शां के पिस्टल के लाइसेंस को निलंबित कर दिया था। इसे जमा कराने के लिए तीन सदस्यीय कोतवाली पुलिस की एक टीम मंगलवार काे लखनऊ पहुंची थी। बुधवार तक लखनऊ में उसके ठिकानों पर पहुंची, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। देर शाम पुलिस को मालूम हुआ कि वह कोलकाता में है। इसके बाद टीम काफी परेशान हुई। इसी बीच गुरुवार को लखनऊ के ही एक शस्त्र की दुकान में अफ्शां ने निलंबित पिस्टल को जमा कर दिया। टीम को जब यह जानकारी हुई तो राहत की सांस ली। हालांकि अफ्शां ने लखनऊ के किस दुकान में पिस्टल जमा किया है, यह पुलिस बताने को तैयार नहीं है। विदित हो कि जिले में मुख्तार व उसके करीबियों के अब तक 85 शस्त्रों को निलंबित किया जा चुका है, इसमें 83 को जमा भी करा दिया गया है।

निलंबित पिस्टल को जमा कर दिया है

मुख्तार की पत्नी अफ्शां अंसारी ने लखनऊ के एक शस्त्र दुकान में निलंबित पिस्टल को जमा कर दिया है।

- विमल कुमार मिश्रा, शहर कोतवाल।

गिरोह के 34 लोगों पर गैंगस्टर, 122 के लाइसेंस निरस्त

गत वर्ष मई माह में अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना मुख्तार अंसारी से जुड़े लोगों के खिलाफ मऊ से कार्रवाई की शुरूआत की गई थी। तब से लेकर अब तक 10 जिलों में मुख्तार गिरोह से जुड़े 34 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई हुई। 122 लोगों के असलहों के लाइसेंस पुलिस की रिपोर्ट पर निरस्त किए गए। अब भी ऐसे लोगों को चिह्नित करने का काम जारी है। गिरोह को संरक्षण देने वाले, जमानत लेने में मदद करने वाले और काली कमाई करने वाले 200 लोगों को साक्ष्य के आधार पर जेल भेजा जा चुका है।

 

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