योग को बनाएं द‍िनचर्या का ह‍िस्‍सा, खत्‍म करें कोरोना का क‍िस्‍सा : डा. अजय कुमार

वाराणसी में राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय-चौकाघाट स्थित कायचिकित्सा एवं पंचकर्म विभाग के डा. अजय कुमार के मुताबिक योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर संक्रमण सहित कई तरह की बीमारियों से स्वयं की रक्षा की जा सकती है।

Abhishek SharmaSun, 20 Jun 2021 08:05 AM (IST)
योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर संक्रमण सहित कई तरह की बीमारियों से स्वयं की रक्षा की जा सकती है।

वाराणसी, जेएनएन। सातवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मनाने की तैयारी जोरों से चल रही है। पहली बार इसे 2015 में मनाया गया था। राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय-चौकाघाट स्थित कायचिकित्सा एवं पंचकर्म विभाग के डा. अजय कुमार के मुताबिक योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर संक्रमण सहित कई तरह की बीमारियों से स्वयं की रक्षा की जा सकती है। जहां दवाइयां अपना असर दिखाने में नाकाम रहीं, वहीं योग ने अपना जादू दिखाया है।

योग के महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विश्व का प्रत्येक देश इसे एक त्योहार के रूप में मनाता है। इस वर्ष कोविड की वजह से सामूहिक आयोजन संभव नहीं। इसलिए इस वर्ष की थीम “योग के साथ रहें, घर पर रहें” निर्धारित की गई है। डा. अजय के मुताबिक योग की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह ये है कि यदि आप अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करते हैं तो किसी भी तरह की बीमारी से खुद का बचाव काफी आसानी से कर सकते हैं। नियमित योग करने से नई ऊर्जा का आभासा होता है, जो मनुष्य को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूती प्रदान करता है। योग हर उम्र एवं हर उम्र के समूह के लिए उपयुक्त है। इतना ही नहीं विभिन्न रोगों के पारंपरिक उपचारों के साथ-साथ पूरक चिकित्सा के रूप में भी इसका उपयोग किया जाता रहा है। यह रोगों से बचाव तो करता ही है, साथ ही कई रोगों के इलाज में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। किसी भी योग को करने से पहले किसी योगाचार्य के निर्देशन में इसका अभ्यास जरूर कर लेना चाहिए उसके बाद ही इसे करें।

इन रोगों में योगासन से मिलता है लाभ

 

श्वांस रोग : आजकल के पर्यावरण में बढ़ते प्रदूषण एवं खान-पान में आए बदलावों की वजह से श्वास रोग से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे लोगों के लिए प्राणायाम, अनुलोम-विलोम जैसे योग और आसन लाभदायक होते हैं।

शुगर : यह बीमारी आम हो चुकी है। इसमें वज्रासन, अर्ध मत्स्येन्द्रासन जैसे योग और आसन फायदा पहुंचाते हैं।

ब्लड प्रेशर : वर्तमान में रक्तचाप संबंधी रोग भी अधिकांश लोगों में देखा जा रहा है। रक्तचाप कई विभिन्न तरह की बीमारियों को भी जन्म देता है। इसे नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है। इसमे नियमित रूप से शवासन, सुखासन जैसे व्यायाम करने से लाभ मिलता है।

थायरायड : हाइपोथायरायड एक चिकत्सीय स्थिति है जो थाइरोइड ग्रंथि के कार्य को प्रभावित करती है। इसमे सर्वांगासन, शीर्षासन और हलासन जैसे योग लाभदायक हैं।

कमर दर्द : कमर दर्द में मकरासन, भुजंगासन, हलासन के अभ्यास से आराम मिल जाता है।

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