महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ : हजारों छात्रों को राहत, पांच जिलों के 361 महाविद्यालयों में बढ़ी 33 फीसद सीट

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन ने वाराणसी ही नहीं चंदौली भदोही मीरजापुर व सोनभद्र के संबद्ध को स्नातक के विभिन्न पाठ्यक्रमों में 33 फीसद सीट बढ़ाने के लिए हरी झंडी दे दी गई है। इसमें पांच जिलों के 361 महाविद्यालयों में सीट वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

Saurabh ChakravartyFri, 08 Oct 2021 04:30 PM (IST)
काशी विद्यापीठ प्रशासन ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में 33 फीसद सीट बढ़ाने के लिए हरी झंडी दे दी गई है।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। यूपी बोर्ड, सीबीएसई, सीआइएससीई के इंटर का रिजल्ट 98 फीसद से अधिक होने के कारण तमाम छात्र स्नामक के विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले को लेकर चिंतित थे। अब उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन ने वाराणसी ही नहीं चंदौली, भदोही, मीरजापुर व सोनभद्र के संबद्ध को स्नातक के विभिन्न पाठ्यक्रमों में 33 फीसद सीट बढ़ाने के लिए हरी झंडी दे दी गई है। इसमें पांच जिलों के 361 महाविद्यालयों में सीट वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इन महाविद्यालयों को एक विषय में 60 के स्थान पर अधिकतम 80 सीटों पर दाखिला लेने की अनुमति होगी। वहीं प्रायोगिक विषयों में एक सेक्शन में 40 से अधिक छात्रों का दाखिला लेने की अनुमति नहीं होगी।

सूबे में दाखिले की समस्या को देखते हुए शासन पिछले पांच वर्षो से स्नातक में 33 फीसद सीट-वृद्धि की लगातार अनुमति देता रहा है। कालेजों का कहना है कि शासन ने इस बार भी स्नातक के एक सेक्शन में 60 के स्थान पर 80 छात्रों का दाखिला लेने की स्वीकृति दे दी है। विद्यापीठ प्रशासन ने सीट वृद्धि का आदेश अब तक नहीं जारी किया था। जब तक विद्यापीठ आदेश नहीं जारी कर देता, तब तक बढ़ी हुई सीटों पर दाखिला लेना संभव नहीं है। इसे देखते हुए संबद्ध कालेज विद्यापीठ प्रशासन पर गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी 33 फीसद सीटें बढ़ाने का दबाव बनाए हुए हैं। हरिश्चंद्र पीजी कालेज सहित कई कालेजों ने विद्यापीठ प्रशासन से स्नातक में 33 फीसद सीट बढ़ाने की मांग की है। छात्रहित को देखते हुए काशी विद्यापीठ प्रशासन सम्बद्ध कालेज 33 फीसदी सीट बढ़ाने का आदेश जारी का लिया लेकिन यह संख्या स्नातक कक्षाओं में 80 औऱ स्नातकोत्तर में 40 से अधिक नहीं होगी, जो कालेज सीट बढ़ाना चाहते हैं, उन्हें विश्वविद्यालय से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए संबद्ध कालेजों को 100 रुपये की नोटरी पर एक हलफनामा भी देना होगा।

कालेजों को कार्यरत प्राचार्य और शिक्षकों का विवरण, संविदा और अनुमोदन पत्र की छायाप्रति, आधार कार्ड की छाया प्रति, वेतन भुगतान का प्रमाणपत्र, महाविद्यालय के खाते का बैंक स्टेटमेंट, प्रवेशित छात्र-छात्राओं की संख्या विषयवार और शासन से जारी सम्बद्धता के कागजात भी आवेदन के साथ देने हैं। कुलसचिव डा. सुनीता पांडेय ने बताया है कि उन्हीं कालेजों को सीट बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी जिनके पास संसाधन हैं। काशी विद्यापीठ से सम्बद्ध 360 से अधिक कालेज वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र औऱ भदोही में हैं। कुछ कालेजों का सुझाव था कि प्रवेश प्रक्रिया आरंभ होने से पहले सीट बढ़ा दी जाए,जिससे उन्हें आसानी होगी। कालेजों की मांग पर प्रतिवर्ष सीट बढ़ाई जाती है। विद्यापीठ के निर्णय से पांच जनपदों के हजारों छात्रों को राहत मिल गई है। राजकीय व अनुदानित कालेजों में ही डिमांड : स्नातक में 33 फीसद सीट बढ़ाने की मांग फिलहाल राजकीय व अनुदानित कालेजों से ही आ रही है। स्ववित्तपोषित कालेजों में सीटें बढ़ाने की मांग अब तक नहीं की गई है।

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