महाराणा प्रताप थे त्याग की प्रतिमूर्ति, मातृभूमि की रक्षा के लिए दुश्मनों के दांत किए खट्टे: प्रो. टीएन सिंह

महाराणा प्रताप की 571वी जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को परेडकोठी क्षेत्र में एक संक्षिप्त कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि अपनी वर्चुअल मौजूदगी दर्ज कराते हुए विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने महाराणा प्रताप के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।

Abhishek SharmaSun, 09 May 2021 03:49 PM (IST)
महाराणा प्रताप की 571वी जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को परेडकोठी क्षेत्र में एक संक्षिप्त कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

वाराणसी, जेएनएन। महाराणा प्रताप की 571वी जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को परेडकोठी क्षेत्र में एक संक्षिप्त कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि अपनी वर्चुअल मौजूदगी दर्ज कराते हुए विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने महाराणा प्रताप के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत के वीर सपूत महाराणा प्रताप त्याग की प्रतिमूर्ति थे।

उन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए आत्मसम्मान से कभी कोई समझौता नहीं किया। घास की रोटी खाई, लेकिन राज सुख भोगने वाले मान सिंह के साथ बैठकर भोजन करना स्वीकार नहीं किया। उनका रोम- रोम मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम और देशद्रोहियों के समूलोच्छेद के लिए उत्कंठित रहता था। पूर्व कुलपति ने युवाओं को महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने की नसीहत दी।

इसके पूर्व भाजपा महानगर कार्यकारिणी के सदस्य अजय सिंह व आरएसएस काशी उत्तर जिले के भाग विद्यार्थी कार्यवाह डॉ श्रवण कुमार ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण किया। तदुपरांत उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर कैंट स्टेशन निदेशक आनन्द मोहन सिंह व समाजसेवी पूजा दीक्षित ने भी कार्यक्रम में अपनी वर्चुअल मौजूदगी दर्ज कराई। संक्रमण काल के मद्देनजर कार्यक्रम कोविड-19 के दिशा निर्देश का पालन हुआ।

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