भू-स्वामित्व योजना : प्रधानमंत्री ऑनलाइन 15 लोगों को देंगे ऑनलाइन घरौनी, ग्रामीणों से कर सकते हैं संवाद

गांधी जयंती पर प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र के चुनिंदा कुछ लोगों को ऑनलाइन घरौनी (खतौनी) कार्ड जारी करेंगे।
Publish Date:Wed, 30 Sep 2020 07:30 AM (IST) Author: Saurabh Chakravarty

वाराणसी, जेएनएन। गांवों में आबादी की जमीन पर बसे लोगों के लिए अच्छी खबर है। भू-स्वामित्व योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट में शामिल राजातालाब तहसील के नौ गांवों के लगभग 3600 परिवारों को अपनी जमीन का मालिकाना हक शीघ्र मिलने जा रहा है। गांधी जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र के इस तहसील के चुनिंदा कुछ लोगों को ऑनलाइन घरौनी (खतौनी) कार्ड जारी करेंगे। तहसील प्रशासन ने 15 लोगों के नाम यहां से राजस्व परिषद को भेजा है। नाम कल तक फाइनल होने की बात कही जा रही है। दूसरी तरफ तहसील प्रशासन प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर तैयारी में जुट गया है।

पायलट प्रोजेक्ट में शामिल गांव : राजातालाब के सेवापुरी ब्लाक के नौ गांव देवापुर कला, रानिक्स, भोरखुर्द, किन्नूपुर, हित्तापुर, वीरमपुर, महराजपुर, मडईया, रसूलहा शामिल हैं। इन गांवों में आबादी की भूमि पर बसे लोगों की घरौनी तैयार है। अब तहसील ङ्क्षपडरा व सदर में इसकी तैयारी शुरू हो गई है। नीति आयोग के पॉयलट प्रोजेक्ट प्रस्तावित मॉडल ब्लाक में भी सेवापुरी शामिल है।

योजना का उद्देश्य : गांवों के आबाद क्षेत्र (आबादी की भूमि, बसावट, बस्ती के समीप बसे हुए इलाके) का सर्वे और मानचित्र तैयार नहीं था, इसलिए उक्त भूमि पर निवास करने वाले लोगों के पास कोई प्रमाणिक दस्तावेज नहीं था। संपत्ति के आधार पर ये बैंक ऋण समेत अन्य योजना का लाभ नहीं ले सकते थे। इतना ही नहीं भू-माफिया आए दिन कब्जा करने की फिराक में भी लगे रहते थे। ऐसे लोगों को मालिकाना हक दिलाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से'भू-स्वामित्व स्कीम की शुरुआत की गई है।

खतौनी नहीं, दस्तावेज का नाम घरौनी : मालिकाना हक के रूप में लोगों को खतौनी की तरह ही दस्तावेज मिलेगा, किंतु इसका नाम घरौनी होगा। प्रधानमंत्री की ओर से औपचारिक शुरूआत के बाद सभी चयनित लोगों को ऑनलाइन दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। अब इस दस्तावेज के आधार पर लोग बैंक ऋण समेत अन्य सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।

भूमि की खोज में तकनीकी का इस्तेमाल : ड्रोन कैमरे से इन जमीनों की खोज में सर्वे ऑफ इंडिया की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम ने एयरबोर्न फोटोग्राफी, सैटेलाइट इमेजरीन, एयरबोर्न एलआइडीएआर, उच्च रिजॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरीज, ऑप्टिकल-इंफ्रारेड-एलआइडीएआरएम सेंसर वाले ड्रोन आदि का उपयोग किया। अपडेट मानचित्र तैयार कर तहसील प्रशासन को सौंप दिया है।

प्रधानमंत्री की ओर से दो अक्टूबर को ऑनलाइन कुछ चुनिंदा लोगों को घरौनी कार्ड मुहैया कराया जाएगा

पॉयलट प्रोजेक्ट में शामिल सभी गांवों की घरौनी तैयार हो चुकी है। प्रधानमंत्री की ओर से दो अक्टूबर को ऑनलाइन कुछ चुनिंदा लोगों को घरौनी कार्ड मुहैया कराया जाएगा। इसके बाद शेष अन्य को घरौनी कार्ड वितरित कर दिया जाएगा।

-मणिकंडन, एसडीएम राजातालाब

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