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काशी विद्यापीठ : स्नातक की वार्षिक परीक्षाएं दो सितंबर से, टाइम टेबल विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड

काशी विद्यापीठ : स्नातक की वार्षिक परीक्षाएं दो सितंबर से, टाइम टेबल विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड
Publish Date:Wed, 12 Aug 2020 07:30 AM (IST) Author: Saurabh Chakravarty

वाराणसी, जेएनएन। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के स्नातक (यूजी) के अंतिम खंड की अवशेष परीक्षाएं दो सितंबर से दो पालियों में होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक अंतिम खंड के वार्षिक परीक्षा के लिए टाइम टेबल मंगलवार को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। बीए, बीकाम, बीएससी, बीएफए्र बी.म्यूज (तृतीय खंड) व बीएससी-कृषि (चतुर्थ खंड) की परीक्षाएं 26 सितंबर तक दो पालियों में चलेंगी। प्रथम पाली सुबह आठ बजे से 11 बजे तक व द्वितीय पाली दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक होगी।

परीक्षा नियंत्रक डा. कुलदीप सिंह के मुताबिक परीक्षा समाप्ति के एक सप्ताह के भीतर प्रायोगिक व मौखिक परीक्षाएं करा लेने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि स्नातकोत्तर के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं भी सितंबर में कराने का लक्ष्य है। यूजी-पीजी अंतिम वर्ष की परीक्षाएं पुराने पैर्टन पर ही होगी। परीक्षा के स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वाराणसी सहित पांच जिलों में 94360 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इसमें स्नातक के करीब 72000 परीक्षार्थी स्नातक के शामिल है। वहीं स्नातक अंतिम खंड का परीक्षा परिणाम 15 अक्टूबर तक तथा स्नातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर का रिजल्ट 31 अक्टूबर तक जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।

शेष परीक्षाएं ही होंगी

काशी विद्यापीठ में स्नातक की वार्षिक 20 फरवरी से शुरू हुई थी। कोरोना महामारी व लॉकडाउन के चलते 18 मार्च से परीक्षाएं स्थगित कर दी गई। जबकि स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं 25 अप्रैल तक होनी थी। ऐसे में अब 18 मार्च से 25 अप्रैल वाली शेष परीक्षाएं ही कराई जा रही है।

अब पाठ्यसामग्री यू-ट्यूब पर भी अपलोड

कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए परिषदीय विद्यालयों में भी ऑनलाइन क्लास चलाए जा रहे हैं। इस दौरान  रोचक तरीके से आडियो-वीडियो के माध्यम से बच्चों को समझाया जा रहा है। वहीं ई-पाठशाला के तहत अब पाठ्य सामग्री का वीडियो यू-ट्यूब पर भी अपलोड कर रहा है ताकि परिषदीय विद्यालयों के बच्चे घर बैठे अपनी सुविधानुसार पढ़ाई कर सके। आंखे खोलो, आलस्य त्यागो, हुआ सवेरा अब तो जागो ,सूरज आसमान में चमका, नहीं सूर्य से कहता कोई कहता, धूप यहां पर मत फैलाओ, कोई नहीं चांद से कहता उठा चांदनी को ले जाओ सहित अन्य वीडियो में बच्चों को कहानी के माध्यमों से सरल तरीके से समझाने की कोशिश की गई है। वहीं जिन बच्चों के पास स्मार्ट फोन है उन्हें हिंदी के कलरव की काहानियां सुनने में मजा आ रहा है। एक ही कहानी बच्चे बार-बार सुन रहे हैं। बीएसए राकेश ङ्क्षसह ने बताया कि मिशन प्रेरणा की  ई-पाठशाला के तहत दीक्षा एप से उपलब्ध वीडियो अब यू-ट्यूब पर भी अपलोड कर दिया गया है।

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