IPS Subhash Dubey अपर पुलिस आयुक्त वाराणसी कमिश्नरेट, अखिलेश कुमार आजमगढ़ और आरके भारद्वाज मीरजापुर डीआइजी बने

Police officer Transfer in Uttar Pradesh आजमगढ़ परिक्षत्र के डीआइजी सुभाष चंद्र दुबे का तबादला अपर पुलिस आयुक्त वाराणसी कमिश्नरेट के पद पर किया गया गया है। जबकि अखिलेश कुमार को आजमगढ़ रेंज का नया डीआइजी बनाया गया है।

Abhishek SharmaTue, 03 Aug 2021 09:59 AM (IST)
डीआइजी सुभाष चंद्र दुबे का तबादला अपर पुलिस आयुक्त वाराणसी कमिश्नरेट के पद पर किया गया गया है।

आजमगढ़/वाराणसी/मीरजापुर। प्रदेश में एक बार फ‍िर से पुलिस प्रशासन में नए सिरे से बदलाव किया गया है। पुलिस प्रशासन में पूर्वांचल में तीन अहम बदलाव किए गए हैं। आजमगढ़ परिक्षत्र के डीआइजी सुभाष चंद्र दुबे का तबादला अपर पुलिस आयुक्त वाराणसी कमिश्नरेट के पद पर किया गया गया है। जबकि अखिलेश कुमार को आजमगढ़ रेंज का नया डीआइजी बनाया गया है। इसके अलावा आरके भारद्वाज मीरजापुर रेंज के डीआइजी बनाए गए हैं। इस प्रकार पूर्वांचल के तीनों मंडलों क्रमश: वाराणसी, मीरजापुर और आजमगढ़ में पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को नई जिम्‍मेदारी दी गई है। 

शासन स्‍तर पर पुलिस महकमे में कई तबादले किए गए हैं, पूर्वांचल के तीन जिलों में भी बदलाव हुआ है। इनमें आजमगढ़ परिक्षत्र के डीआइजी सुभाष चंद्र दुबे का तबादला अपर पुलिस आयुक्त वाराणसी कमिश्नरेट के पद पर हुआ है। वहीं अखिलेश कुमार को आजमगढ़ रेंज का नया डीआइजी बनाया गया है। इसके अलावा आरके भारद्वाज मिर्ज़ापुर रेंज के डीआइजी बनाए गए हैं। 

सुभाष चंद्र दुबे करीब डेढ वर्ष तक आजमगढ़ में तैनात रहने के दौरान सुर्खियों में रहे। इन्होंने कुख्यात कुंटू सिंह और बाहुबली मुख्तार की नकेल कसने को लेकर भी सुर्खियों में रहे। पूर्वांचल के माफ‍ियाओं पर लगाम लगाने और उनकी संपत्तियों को जब्‍त करने के लिए उनकी पहल ने पूर्वांचल को काफी हद तक भयमुक्‍त करने में मदद की है। इस समय जिले के कई बड़े माफ‍िया या तो जेल में हैं या पूर्वांचल छोड़ चुके हैं। वहीं उन्‍होंने जनता को भय मुक्‍त करने में पुलिस को पूरी छूट दी तो जिले के शातिर एक लाख के इनामी बदमाश सूर्यांश को मुठभेड़ में साथियों संग मिलकर ढ़ेर किया था। सुभाष दुबे इससे पहले पूर्वांचल के सोनभद्र, गाजीपुर और भदोही आदि जिलों में भी तैनात रह चुके हैं। 

खेलों में बैडमिंटन को भी उन्‍होंने जिले में बढ़ावा दिया। जिले स्‍तर पर कई प्रतियोगिताओं में जीते भी। कोरोन काल में जरूरतमंदों तक खुद सहायता सामग्री लिए रात के अंधेरे में जा पहुंचते थे। ज्यादा दिन नही बीते जब एक मान की गुहार पर मासूम को मऊ में ब्लड उपलब्ध कराया था। अपने तबादले के बाद उन्होंने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि भोलेनाथ की नगरी में अब लोगों की सेवा करूंगा। वाराणसी में कानून व्‍यवस्‍था के साथ ही जनहित और जन समस्‍याओं का त्‍वरित निस्‍तारण और कानून का राज कायम करना प्राथमिकता रहेगी। 

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