IPL 2020 : वाराणसी में खाकी की आड़ में चल रहा सट्टा का कारोबार, पढ़े-लिखे युवा भी हो रहे शामिल

वाराणसी में आइपीएल के सट्टेबाजों ने युवाओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
Publish Date:Thu, 29 Oct 2020 09:20 PM (IST) Author: Saurabh Chakravarty

वाराणसी, जेएनएन। इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) शुरू होते ही शहर में सट्टेबाजों ने युवाओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। कम समय में अधिक पैसे कमाने की चाहत में पढ़े-लिखे युवा भी सट्टे के खेल में शामिल हो गए हैं। लंका थाना क्षेत्र के चार मित्रों के पकड़े जाने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, सट्टा के कारोबार में खाकी की भी संलिप्तता है। पुलिस के पहुंचने से पहले सट्टेबाजों को भनक लग जाती है। माना जा रहा है, इसके पीछे भी कुछ पुलिसकर्मी शामिल हैं, जो पहले ही सूचना पहुंचा देते हैं। पुलिस के डर से सटोरिये मोबाइल फोन के बजाय वाट्सएप पर फोन बात कर  जानकारी देते हैं।

बता दें कि सट्टे के खेल में कोड वर्ड का इस्तेमाल होता है। सट्टे पर पैसे लगाने वाले को फंटर कहते हैं। जो पैसे का हिसाब-किताब रखता है, उसे बुकी कहा जाता है। सट्टा लगाने वाले फंटर 2 शब्द खाया और लगाया का इस्तेमाल करते हैं। यानी किसी टीम को फेवरिट माना जाता है तो उस पर लगे दांव को लगाना कहते हैं। ऐसे में दूसरी टीम पर दांव लगाना हो तो उसे खाना कहते हैं। इस खेल में डिब्बा अहम भूमिका निभाता है। डिब्बा मोबाइल का वह कनेक्शन है, जो मुख्य सटोरियों से फंटर को कनेक्शन देते हैं। इस पर हर बॉल का रेट बताया जाता है। पूरे आईपीएल के दौरान डिब्बे का कनेक्शन ढाई से तीन हजार में मिलता है। डिब्बे का कनेक्शन एक खास नंबर होता है, जिसे डायल करते ही उस नंबर पर कमेंट्री शुरू हो जाती है। सट्टा आईपीएल मैच में दो सेशन में लगता है। दोनों सेशन 10-10 ओवर के होते हैं। हाल में पकड़े गए आरोपितों से पुलिस पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है कि आईपीएल के लिए इस बार एक या दो नहीं, बल्कि चार दर्जन ठिकानों पर बुकी दांव लगवा रहे हैं। मैच शुरू होने से पहले ही सभी आठ टीमों के रेट जारी कर दिए गए थे। साथ ही टॉप टू प्लेयर भी घोषित किए गए हैं। हालांकि अभी सीरीज की शुरुआत है, इसलिए इन भावों में बदलाव होना लाजिमी है। इस बार सट्टे के प्रति लोगों में क्रेज ज्यादा दिखाई दे रहा है। अभी भावों में उतार-चढ़ाव आता रहेगा। इस बार महानगर में सबसे ज्यादा पचास के करीब ऐसे ठिकाने हैं, जहां से क्रिकेट का सट्टा लगवाया जा रहा है।

कैसे मिलता है रेट

डिब्बे पर अगर किसी टीम को फेवरेट मानकर डिब्बा उसका रेट 80- 83 आता है तो इसका मतलब यह है कि फेवरेट टीम पर 80 लगाओगे तो एक लाख रुपये मिलेंगे और दूसरी टीम पर एक लाख लगाओगे तो  83हजार  रुपये मिलेंगे।

आइपीएल मैच के दौरान सट्टेबाज सक्रिय हो गए हैं

आइपीएल मैच के दौरान सट्टेबाज सक्रिय हो गए हैं। क्राइम ब्रांच व पुलिस की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।

- अमित पाठक, एसएसपी,

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