मऊ में खुले नाले में गिरकर मासूम की मौत, नगर पंचायत की उदासीनता से वर्षों से खुला है पांच फीट गहरा नाला

डेढ़ वर्षीय मासूम की गुरुवार की सुबह नाै बजे घर के सामने खेलते समय खुले नाले में गिरकर मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। इससे गुस्साए नगरवासियों ने नगर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए वाराणसी-गोरखपुर राजमार्ग स्थित पुलिस बूथ के सामने चक्काजाम कर दिया।

Saurabh ChakravartyThu, 25 Nov 2021 05:02 PM (IST)
मऊ के दोहरीघाट में नाले में डूबने से किशोर की हुई मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन।

जागरण संवाददाता, मऊ। कस्बा अंतर्गत रेलवे स्टेशन रोड निवासी कन्हैया सोनकर के डेढ़ वर्षीय मासूम की गुरुवार की सुबह नाै बजे घर के सामने खेलते समय खुले नाले में गिरकर मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। इससे गुस्साए नगरवासियों ने नगर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए वाराणसी-गोरखपुर राजमार्ग स्थित पुलिस बूथ के सामने चक्काजाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक राजमार्ग के दोनों तरफ यातायात ठप रहा। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने नगर पंचायत से बात कर नाले पर पटिया लगवाने के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ।

रेलवे स्टेशन रोड पर लगभग पांच फीट गहरा बड़ा नाला वर्षों से खुला हुआ है। गुरुवार की सुबह कन्हैया सोनकर का डेढ़ वर्षीय पुत्र घर में ही खेल रहा था। वह खेलते-खेलते बाहर निकल आया। उसकी मां रीना सोच रही थी कि बालक खेल रहा है। करीब आधे घंटे बाद उसे अचानक बच्चे का होश आया तो वह बाहर खोजने लगी। इधर-उधर खोजने पर जब उसका पता नहीं चला तो वह लोगों से पूछताछ करने लगी। स्थानीय लोगों ने भी इधर-उधर ढूढ़ा पर वह नहीं मिला। इतने में किसी ने बताया कि नाले में देखा जाए। इतने पर लोग नाले में खोजने लगे। ठीक घर के सामने गहरे नाले में उसे मृत पाया गया। यह देख मां रीना बेहोश सी हो गई। वहीं पिता कन्हैया का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। लोग बच्चे को उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोहरीघाट ले आए। यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसका पता लगते ही नगरवासी आक्रोशित हो गए। आक्रोशितों ने पुलिस बूथ के सामने जाम लगा दिया। वे मासूम की मृत्यु के लिए नगर प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे थे।

तीन पुत्रियों के बाद था एकलौता चिराग

कन्हैया सोनकर की तीन पुत्रियां हैं। दहाड़े मारकर रोते हुए मां रीना कह रही थी कि काफी मन्नत के बाद तीन लड़कियों के बाद चौथा पुत्र पैदा हुआ था। एक पल में ही घर का एकलौता चिराग बुझ गया। उधर मोहल्ले वासियों ने मौत का जिम्मेदार नगर प्रशासन को ठहराया। कहा कि नाले पर पटिया न ढ़कने के वजह से मासूम की नाले में गिरकर मौत हुई है। इसके लिए बार-बार नगर प्रशासन को कहा जाता रहा है। मासूम के पिता कन्हैया सोनकर ने बताया कि मेरे घर के सामने ही पूरा नाला खुला हुआ है। इसको लेकर कई बार मैं सभासद, अधिशासी अधिकारी, चेयरमैन को नाले को ढ़कने के लिए गुहार लगाता रहा लेकिन मेरी एक ना सुनी गई।

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