एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदलने से किसानों की बढ़ी चिंता, आसमान में बादलों के डेरा

सोनांचल में एक बार फिर से गुरुवार की सुबह अचानक मौसम बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

सोनांचल में एक बार फिर से गुरुवार की सुबह अचानक मौसम बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। आसमान में बादलों के डेरा जमाने से बारिश की संभावना को देखते हुए किसान अपने फसलों को जल्द ही समेटने में लगे हुए हैं।

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 05:40 AM (IST) Author: saurabh chakravarti

सोनभद्र, जेएनएन। सोनांचल में एक बार फिर से गुरुवार की सुबह अचानक मौसम बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। आसमान में बादलों के डेरा जमाने से बारिश की संभावना को देखते हुए किसान अपने फसलों को जल्द ही समेटने में लगे हुए हैं। अगर बारिश हुई तो किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं मौसम बदलने से ठंड भी बढ़ गई है।

जिले में विगत एक सप्ताह पूर्व दो दिनों तक रुक-रुककर हुई बारिश से किसानों के धान की फसलों को नुकसान हुआ था। साथ ही खेत में नमी होने के चलते रबी की बुआई भी पिछड़ गई है। इसको लेकर अभी किसान उबरे नहीं थे कि एक बार फिर से गुरुवार की सुबह से आसमान में बादलों की लुकाछिपी से किसान चिंतित नजर आने लगे हैं। पूरे दिन धूप व छांव का दौर चल रहा था। बारिश होने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्योंकि अभी किसानों की करीब 50 फीसद धान की फसल खेतों में ही पड़ी है। कुछ जगहों पर कटाई चल रही हैं तो कहीं पर बोझ बनाकर रखा गया है। ऐसे में अगर फिर से बारिश हुई तो किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है। वहीं मौसम में बदलाव के चलते ठंड में भी इजाफा हो गया है। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट होने से लोगों को ठंड का सामना करना पड़ रहा है। पूरे दिन लोग ऊनी कपड़ों से ढके रहे।

छाए रहेंगे बादल, होगी बूंदाबांदी और बढ़ेगी ठंड

पहाड़ों पर हुई बर्फबारी से अभी तक रात का तापमान नौ डिग्री सेल्सियस तक देखा गया। अब बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात के कारण आगामी सप्ताह में आसमान में बादल छा सकते हैं तो शुक्रवार से ही हल्की बूंदाबांदी की स्थिति बन सकती है। हालांकि तेज बारिश तो नहीं होगी लेकिन तापमान में गिरावट आने से ठंड और सताएगी। कृषि मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार रात का न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। साथ ही बूंदाबांदी हो जाने से कोहरे का असर भी बढ़ सकता है।

 

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