वाराणसी में लगातार हो रही बारिश धान के लिए वरदान तो सब्जियों की फसल को नुकसान

वाराणसी में बरसात तीसरे दिन गुरुवार को भी जारी रही। बरसात के चलते जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त है वहीं खेती-किसानी भी काफी प्रभावित हुई है। धान और अरहर के लिए यह बारिश वरदान साबित हुई है तो वहीं सब्जियों की फसल को इससे काफी नुकसान पहुंचा है।

Saurabh ChakravartyThu, 16 Sep 2021 06:51 PM (IST)
पिछले दो दिनों से क्षेत्र में हो रही बरसात तीसरे दिन गुरुवार को भी जारी रही।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में हो रही बरसात तीसरे दिन गुरुवार को भी जारी रही। बरसात के चलते जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं खेती-किसानी भी काफी प्रभावित हुई है। धान और अरहर के लिए यह बारिश वरदान साबित हुई है तो वहीं सब्जियों की फसल को इससे काफी नुकसान पहुंचा है। बरसात के चलते धान के फसल की सिंचाई किसानों को अब नहीं करनी पड़ेगी। जिन खेतों में पहले धान की रोपाई हो गई थी, उनमें धान की फसल बरसात बाद कटाई योग्य हो जाएगी। दूसरी ओर वर्षा के साथ ही तेज हवा के झोंकों के चलते ईख (गन्ना) की फसल भी खेतों में लेट गई है। ऐसे में किसान बारिश के बीच भींगकर उसे बांधकर सीधा करने में जुटे नजर आए। बारिश और तेज हवा के चलते ईख की जड़ें हिल जाने के चलते पैदावार कम होने की आशंका किसानों को सताने लगी है।

बरसात के चलते बाजरा, उतैला, तिल व कोहड़ा, नेनुआ, लौकी, कद्दू आदि सब्जियों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा टमाटर, बैंगन, गोभी, मिर्च आदि की नर्सरी भी नष्ट हो गई। क्षेत्र के बीरापट्टी निवासी 65 वर्षीय गन्ना किसान फूलचंद पटेल अपने परिवार के लोगों के साथ ईख की लेटी हुई फसल को बांधते दिखे। उन्होंने बताया कि इस बरसाती तूफान से किसानों को लाभ कम, नुकसान ज्यादा हुआ है।

नष्ट हुए सब्जियों के बेहन, पत्तेदार सब्जी डूबीं, लताएं गिरीं

 पिछले दो दिन से लगातार हो रही बारिश व तेज हवा से सब्जियों, दलहन व तिलहन की फसल, तिल, उड़द, अरहर व मक्का सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसान सीताराम मौर्य के गोभी, नेनुआ, लालजी मौर्य के गोभी व टमाटर का बेहन, देवराज मौर्य का नेनुआ, पालक और धनिया समेत पत्तेदार सब्जियों की खेती को काफी नुकसान हुआ है। बरेमा के प्रगतिशील किसान आदित्य तिवारी, दिनेश सिंह, संतोष तिवारी, हरिहरपुर के विनय, सोमारू, नैपुरा के खुड़बुड़ पटेल, विनोद पटेल, हिरमपुर के सूर्यबली यादव, त्रिभुवन मौर्य, रामजी ने बताया कि तूफानी बारिश से निचले स्तर के खेत में लगाई गई फसल डूब गई हैं सब्जियों की लताएं पानी में गिरकर नष्ट हो रही हैं।

लच्छीपुर के किसान दल्लू बिंद, अजीत बिंद ने करैला, खीरा व नेनुआ की खेती की थी, जो पूरी तरह से नष्ट हो गई। रामजी, खरपत्तू, राजनारायण ने बताया कि नगदी खेती को नुकसान हुआ है लेकिन धान की फसल को फायदा होगा। सीताराम मौर्य अपने गोभी, नेनुआ के खेत में काफी नुकसान हो जाने के बाद पानी निकालकर किसी तरह कुछ फसल बचाने की जुगत में लगे नजर आए।

धान को मिला पर्याप्त पानी, अब सिंचाई की जरूरत नहीं

कछवारोड क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन हुई बारिस से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पालकों को पशुओं के रख-रखाव में काफी परेशानी हो रही है तो वहीं धान की फसल के लिए बारिश लाभयदायक साबित हुई है। किसान लक्ष्मी शंकर, रामलखन, वीरेंद्र आदि ने बताया धान की फसल में पानी जरूरत से ज्यादा हो चुका है। अब सिंचाई की आवश्यकता नहीं होगी।

हवा ने किया ज्यादा नुकसान

 तेज हवाओं के साथ बरसात से खेती को काफी नुकसान हुआ है। फूलपुर के किसान ओमप्रकाश पटेल का कहना है कि यदि केवल बारिश होती तो उतना नुकसान नहीं होता। तेज हवाओं ने तैयार धान की फसल गिरा दी है तो उड़द, कोहड़ा, नेनुआ ,लौकी आदि लता वाले पौधों को नुकसान पहुंचाया है। असबालपुर के कैलाश ने बताया कि गन्ने की फसल तेज हवा से जमीन पर लेट गई। अब से भी हवा बंद हो गई तो कुछ नुकसान होने से बच सकता है।

फूलों की खेती हुई बर्बाद

दलहन, तिलहन, गन्ना के साथ ही तूफानी हवा और बारिश ने फूलों की खेती को काफी नुकसान पहुंचाया है। शुक्रवार को विश्वकर्मा पूजा पर माला के बाजार के लिए फूलों की अच्छी बिक्री की उम्मीद धराशायी हो गई है।

धान की सिंचाई का खर्च हो गया एक चौथाई

इस सत्र में समय-समय पर हो रही बरसात से धान की फसल अच्छी हुई है। बभनपुरा के किसान पारस यादव का कहना है कि इस बार बारिश होने से सिंचाई पर खर्च भी एक चौथाई ही करना पड़ा है। वहीं कमौली के किसान सोहन सिंह, गौरा कला के लक्ष्मी नारायण यादव का कहना है कि इस बार पर्याप्त बारिश धान की फसल के लिए वरदान साबित हुई है।

धान खिलखिलाया, सब्जियां तहस-नहस

बड़ागांव क्षेत्र नामापुर किसान संजय पटेल व प्रेम ने बताया कि लगातार बारिश होने से इस बार धान की फसलों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। वहीं विरधवलपुर गांव निवासी धर्मराज पटेल व विजय पटेल ने बताया कि लगातार बारिश से सब्जियों की फसल तहस-नहस हो गई है।

 

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