वाराणसी में राजा उदय प्रताप सिंह जूदेव के नाम से मार्ग का लगा बोर्ड हटाने को लेकर छात्र धरने पर

उदय प्रताप कालेज के दर्जनों छात्र जेपी मेहता इंटर कालेज के सामने रोड पर बैठकर धरना दे रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने उदय प्रताप कालेज के संस्थापक राजा उदय प्रताप सिंह जूदेव के नाम से इस सड़क पर लगे बोर्ड को हटाकर फेंक दिया।

Saurabh ChakravartyThu, 29 Jul 2021 03:08 PM (IST)
उदय प्रताप कालेज के दर्जनों छात्र जेपी मेहता इंटर कालेज के सामने रोड पर बैठकर धरना दे रहे हैं।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। उदय प्रताप कालेज के दर्जनों छात्र जेपी मेहता इंटर कालेज के सामने रोड पर बैठकर धरना दे रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने उदय प्रताप कालेज के संस्थापक राजा उदय प्रताप सिंह जूदेव के नाम से इस सड़क पर लगे बोर्ड को हटाकर फेंक दिया। यह पूरी तरह से राजा के निष्ठा के प्रति अनदेखी है। इस कॉलेज की अपनी एक अलग गरिमा है। खेल, विज्ञान, कला हर क्षेत्र में इस कॉलेज के छात्रों ने एक लकीर खींची है।

राजा के नाम का बोर्ड हटाना कालेज के प्रति अनादर है। तत्काल लगाया जाए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो छात्र बड़े पैमाने पर आंदोलन को बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। दूसरी तरफ पुलिस छात्रों को मनाने में जुटी रही। छात्रों का कहना था जिला प्रशासन का कोई अधिकारी इस बात का आश्वासन दे कि यहां बोर्ड लगाया जाएगा। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया जाएगा। धरना देने वालो में विशाल सिंह, शिवम सिंह, अंशु आदि शामिल रहे।

नागरिकों ने किया चक्का जाम, विधायक और अधिकारी आये तब मानी  : विगत कई महीनों से सीवर जाम से जूझ रहे आसि क्षेत्र के नागरिकों ने गुरुवार की सुबह चक्का जाम कर दिया। लगभग चार घण्टे तक चला सड़क जाम तब समाप्त किया जब क्षेत्रीय विधायक मौके पर आए और नगर निगम जलकल और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर सीवर सफाई का कार्य शुरू कराया।

नागरिकों ने बताया कि विगत दो महीने से वे सीवर जाम की समस्या से जूझ रहे हैं । शिकायत के बावजूद हम लोग की कोई सुनवाई नहीं हुई। हम लोग क्षेत्र में सीवर के पानी से होकर आने जाने को मजबूर हैं। रामयश मिश्र ने कहा कि आसि क्षेत्र की समस्या कई महीनों से है ।क्षेत्रीय पार्षद और विधायक सहित नगर निगम व जलकल के अधिकारियों से इसकी कई बार शिकायत की गई। सोशल मीडिया पर भी वायरल किया गया अखबारों में भी समस्या आई लेकिन जलकल के और नगर निगम के अधिकारी ने वह समस्या की अनदेखी कर केवल खानापूर्ति करने में लगे हैं।

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