वाराणसी में जमीन कारोबारी एनडी तिवारी के शूटरों को जमीन खा गई या निगल गया आसमान, पुलिस नहीं लगा पा रही सुराग

जमीन कारोबारी एनडी तिवारी की हत्या में रोहनिया पुलिस दो नामजदों की गिरफ्तारी के बाद शांत बैठ गई है।

कांग्रेस नेता व जमीन कारोबारी नारायण दत्त तिवारी की हत्या के मामले में रोहनिया पुलिस दो नामजदों की गिरफ्तारी के बाद शांत बैठ गई है। हत्या में शामिल शूटरों तक पुलिस एक माह बाद भी नहीं पहुंच पाई।

Saurabh ChakravartyFri, 07 May 2021 07:40 AM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। कांग्रेस नेता व जमीन कारोबारी नारायण दत्त तिवारी की हत्या के मामले में रोहनिया पुलिस दो नामजदों की गिरफ्तारी के बाद शांत बैठ गई है। हत्या में शामिल शूटरों तक पुलिस एक माह बाद भी नहीं पहुंच पाई। ऐसा लगता है कि शूटरों को जमीन खा गई या आसमान निगल गया। प्रतिबंधित बोर के असलहे से इस वारदात को बदमाशों ने अंजाम दिया था।

आरोप है कि रोहनिया थाना प्रभारी पीडि़त परिवार से दुर्व्‍यवहार कर रहे हैं। पुलिस मामले में लीपापोती करने पर उतारू है। एनडी के भाई को आरोप है कि उनके बड़े भाई के असलहों को जमा होने की जानकारी भी थाने से दी गई है। थाना प्रभारी को एनडी की एक रिकार्डिंग भी दी गई है जिसमें उन्होंने कुछ लोगों का नाम लेकर अपनी हत्या की बात कर रहे हैं लेकिन पुलिस उन लोगों से अब तक पूछताछ तक नहीं की। इस मामले में पुलिस के लिए काम करने वाले एक युवक के बारे में जानकारी दी गई थी लेकिन पुलिस ने उसे बुलाया जरूर लेकिन पूछताछ तो दूर चाय पिलाकर विदा कर दिया। इस युवक पर आरोप है कि वह पुलिस के लिए मोहनसराय मे पशुओं की गाड़ी पास कराता है। उससेे पूछताछ में सुराग मिल सकते हैं लेकिन पुलिस उस पर हाथ डालने से कतरा रही है। बता दें कि अखरी निवासी एनडी को शूल टंकेश्वर मंदिर से दर्शन कर लौटते समय बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज

बड़ागांव थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव निवासी एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है। चौबेपुर थाना क्षेत्र के धरहरा गांव निवासी असगर अली की पुत्री रेशमा की शादी 17 नवंबर 2018 को स्थानीय थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव निवासी वकील मंसुरी के पुत्र नादिर के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग पांच लाख रुपये नकद एवं चार पहिया वाहन न मिलने का ताना मारते हुए विवाहिता को प्रताडि़त करते थे। उसे घर से भी निकाल दिया था। पंचायत के बाद विवाहिता जब पति के घर गई तो ससुराल पक्ष के लोग साजिश के तहत उसे बीमार बता कर डाक्टर अनिल गुप्ता नामक चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। इस दौरान विवाहिता की मौत हो गई और ससुराल वालों ने शव को दफन कर दिया। इस मामले में एक चिकित्सक व ससुराल पक्ष के छह लोगों को आरोपित बनाया गया है।

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