आजमगढ़ में सांसद-विधायक निधि प्रकरण में 47 विद्यालयों की खुलेगी कुंडली, गठित कमेटी करेगी परीक्षण

फर्जीवाड़ा कर सरकारी भूमि पर विद्यालय बनवाकर सांसद व विधायक निधि के गोलमाल प्रकरण की फाइल एक बार पुन खुलने वाली है। 47 विद्यालयोें के भूमि मान्यता सहित अन्य अभिलेख संबंधित एसडीएम के माध्यम से विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय से सीडीओ आफिस तक पहुंच गया है।

Saurabh ChakravartyThu, 22 Jul 2021 09:10 AM (IST)
फर्जीवाड़ा कर सरकारी भूमि पर विद्यालय बनवाकर सांसद व विधायक निधि के गोलमाल प्रकरण की फाइल पुन: खुलने वाली है।

आजमगढ़, जागरण संवाददाता। फर्जीवाड़ा कर सरकारी भूमि पर विद्यालय बनवाकर सांसद व विधायक निधि के गोलमाल प्रकरण की फाइल एक बार पुन: खुलने वाली है। 47 विद्यालयोें के भूमि, मान्यता सहित अन्य अभिलेख संबंधित एसडीएम के माध्यम से विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय से सीडीओ आफिस तक पहुंच गया है। कोरोना से कुछ राहत और अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न होने के बाद डीएम के निर्देश पर गठित कमेटी अभिलेखों का परीक्षण करेगी। अनियमितता की पुष्टि हाेेने पर धन की रिकवरी के लिए आरसी जारी की जाएगी। फर्जीवाड़ा में एफआइआर और मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की भी कार्रवाई की जाएगी।

कृष्णा कालेज के तत्कालीन प्रबंधक लालता प्रसाद यादव ने कोर्ट में आइपीएल दाखिल किया था कि जिले के कई ऐसे विद्यालय हैं, जो फर्जी जमीन या फिर सरकारी भूमि पर बने हैं। इसमें तथ्य छिपाकर विद्यालय संचालकों ने सांसद व विधायक निधि के लाखों रुपये का गोलमाल किया गया है। कोर्ट के निर्देश पर तत्कालीन सीडीओ के निर्देश पर कई विद्यालयों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया था। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) में रखीं संबंधित विद्यालयों की पत्रावलियों को डीडीसी व संबंधित अधिकारियों से परीक्षण कराया गया था। प्रथम दृष्टया अभिलेखों में गड़बड़ी मिली थी। विद्यालय संचालकों को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर साक्ष्य सहित जवाब तलब किया गया था। बावजूद विद्यालय संचालकों द्वारा स्पष्ट पक्ष नहीं रखा गया। संबंधित विद्यालयों द्वारा प्रस्तुत लिखित पक्ष को संकलित करने के बाद भू-अभिलेखों का परीक्षण सीआरओ, डीडीसी व जिला शासकीय अधिवक्ता से कराई गई थी। उसके बाद भूमि की पैमाइश और उसकी जांच आख्या संबंधित क्षेत्र के एसडीएम से भी मांगी गई थी। लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।

निधि प्रकरण में कुछ विद्यालय के पत्रावलियों का परीक्षण नहीं कराया जा सका

कोरोना और फिर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के कारण निधि प्रकरण में कुछ विद्यालय के पत्रावलियों का परीक्षण नहीं कराया जा सका है। पत्रावली उपलब्ध है। जल्द ही अभिलेखों का परीक्षण कार्रवाई की संस्तुति के लिए डीएम को फाइल प्रेेषित कर दी जाएगी।

- आनंद कुमार शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी।

 

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