उत्तर प्रदेश विधानसभा 2022 चुनाव में सरकार बनाने में वैश्य समाज की महत्वपूर्ण भूमिका : अरविन्द गांधी

पूरे उत्तर प्रदेश में जहां-जहां वैश्य समाज के लोग चुनाव लड़ना चाहते हैं उनका चयन हो रहा है। इसके बाद उनकी नामों की घोषणा होगी उक्त बातें भारतीय वैश्य चेतना महासभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गांधी ने पराड़कर स्मृति भवन में कही।

Abhishek SharmaFri, 22 Oct 2021 03:45 PM (IST)
भारतीय वैश्य चेतना महासभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गांधी ने पराड़कर स्मृति भवन में पत्रकार वार्ता की।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश के आगामी 2022 में होने वाले विधान सभा चुनाव में सरकार बनाने में वैश्य समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। वैश्य समाज की उपेक्षा करके कोई भी पार्टी सरकार नहीं बना सकती है, वैश्य समाज राजनीतिक भागीदारी के लिए मिशन चला रहा है और पूरे उत्तर प्रदेश में जहां-जहां वैश्य समाज के लोग चुनाव लड़ना चाहते हैं उनका चयन हो रहा है। इसके बाद उनकी नामों की घोषणा होगी, उक्त बातें भारतीय वैश्य चेतना महासभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गांधी ने पराड़कर स्मृति भवन स्थित पत्रकार-वार्ता कक्ष में पत्र प्रतिनिधियों से वार्ता के क्रम में कही।

उन्होंने आगे कहा कि वैश्य समाज ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से पहले और सन 1947 आजादी के बाद देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान किया है और देता आ रहा है, जैसे- प्राचीन काल में महान दानवीर भामाशाह ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया तो दूसरी तरफ भारत के पहले वित्तमंत्री माननीय आर के षणमुखम चेट्टी ने भारी उद्योग की नीति से स्वतंत्र भारत में भारी उद्योगों का जाल बिछाया, उत्तर प्रदेश में बाबू बनारसी दास गुप्ता, चंद्रभान गुप्ता, राम प्रकाश गुप्ता मुख्यमंत्री रहे। वैश्य समाज प्राचीन काल से ही देश का नेतृत्व करने वाले और शासक वर्ग की श्रेणी में आता था, लेकिन विगत कई दशकों से इस समाज की उपेक्षा राजनीतिक दलों ने की है।

वैश्य समाज भारतवर्ष और उत्तर प्रदेश के गांव-गांव में है, इसकी आबादी लगभग 40 से 50 प्रतिशत है, वैश्य समाज व्यापार और उद्योग के माध्यम से कई लाख करोड़ रुपए केंद्र और राज्य सरकार को कर के रूप में देता है, लेकिन सुविधा और अधिकार के नाम पर उसको कुछ नहीं मिलता है, जब सरकार में, आयोग में, निगम में, प्रशासन में भागीदारी की बात आती है तो वैश्य समाज कहीं नजर नहीं आता है, इक्का-दुक्का लोगों को कहीं पद देकर यह दिखाने का प्रयास किया जाता है कि हम वैश्य समाज को महत्व देते हैं, लेकिन जनसंख्या के अनुपात में उसको भागीदारी नहीं दी जाती है, जिससे पूरे वैश्य समाज में बहुत ही आक्रोश है।

अरविन्द गांधी ने यह भी कहा कि हम आज देश के प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से हम वैश्य समाज के लोग समस्त राजनीतिक दलों से मांग करते हैं कि हर जनपद के व्यापारी वैश्य बहुल क्षेत्र से वैश्य व्यापारी नेताओं को विधानसभा का टिकट देकर लड़ाये नहीं तो संगठन कठोर निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज को संगठित करने के लिए लगातार मिशन चलाया जा रहा है, वैश्य समाज को राजनैतिक भागीदारी अभियान- आंदोलन 2022 के तहत लखनऊ, बनारस, बलिया, कुशीनगर, आजमगढ़, गाजीपुर और जौनपुर में वैश्य चिंतन बैठक हो चुका है, इसी क्रम में आगामी माह सात नवम्बर को जौनपुर के बदलापुर में वैश्य समाज का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जायेंगे। आशीष साहू प्रदेश मंत्री के सराहनीय कार्य को देखते हुए उनको प्रोन्नत करके प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व दिया जा रहा है। इस दौरान प्रदीप जायसवाल, सतीश गांधी, विनोद कुमार गुप्ता, आशीष साहू, अनिल साहू, पारसनाथ जायसवाल, रामकृष्ण गुप्ता, नागेश्वर प्रसाद चौरसिया, अनिल जायसवाल थे।

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