करना है शेयर बाजार में निवेश तो लें ऑपरेशन चेकलिस्ट की मदद, आपको होगा फायदा ही फायदा

बैंकिंग सेक्टर में ऑडिट डायरेक्ट टैक्स कंसल्टेंसी व एसेसमेंट फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट और वित्तीय प्रबंधन का अच्छा - खासा अनुभव रखने वाले अशोक कुमार ठुकराल बताते हैं कि निवेश में सबसे बड़ा जोखिम जोखिम नहीं लेना है। लोग सोचते हैं कि वे 10 साल बाद सेविंग करेंगे।

Abhishek SharmaPublish:Tue, 26 Oct 2021 11:37 AM (IST) Updated:Tue, 26 Oct 2021 11:37 AM (IST)
करना है शेयर बाजार में निवेश तो लें ऑपरेशन चेकलिस्ट की मदद, आपको होगा फायदा ही फायदा
करना है शेयर बाजार में निवेश तो लें ऑपरेशन चेकलिस्ट की मदद, आपको होगा फायदा ही फायदा

वाराणसी, जागरण संवाददाता। आम आदमी के मन में एक सवाल हमेशा रहता है कि म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे किया जाए और उससे बेहतर रिटर्न कैसे मिले। इसके लिए जरूरी है कि निवेश के समय होने वाली गलतियों से बचने की। निवेश के समय ऑपरेशनल चेकलिस्ट की भी बहुत बड़ी अहमियत है। ऐसा बाजार विशेषज्ञों का मानना है।

बैंकिंग सेक्टर में ऑडिट, डायरेक्ट टैक्स कंसल्टेंसी व एसेसमेंट, फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट और वित्तीय प्रबंधन का अच्छा - खासा अनुभव रखने वाले अशोक कुमार ठुकराल बताते हैं कि निवेश में सबसे बड़ा जोखिम, जोखिम नहीं लेना है। लोग सोचते हैं कि वे 10 साल बाद सेविंग करेंगे। लेकिन 10 साल बाद क्या होगा। अगर आप 300-350 रुपये रोज जमा करते हैं तो 60 साल की रिटायरमेंट के वक्त एक करोड़ बनेगा। अगर आप जल्दी निवेश शुरू कर देंगे तो आप रोजाना 100 रुपये बचाकर करोड़पति बन सकते हैं। लेकिन 10 साल बाद निवेश शुरू करने पर रोजाना 300-350 रुपये बचाने होंगे । म्यूचुअल फंड में शेयर बाजार और बिटक्वाइन से कम जोखिम है। शुरुआती निवेशकों के लिए एसआईपी अच्छा विकल्प है।

निवेश करते समय ईएलएसएस का रखें ध्यान : अशोक कुमार ठुकराल बताते हैं कि इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम ( ईएलएसएस ) सबसे कम अवधि के लिए पैसा लॉक करती है। यह सेविंग स्कीम सेक्शन 80 सी के तहत आती है। जब आप इक्विटी सेल करते हो तो टैक्सेशन आता है । इसमें एक लाख रुपये तक का टैक्स फ्री होता है। इसके ऊपर 10 फीसदी टैक्स लगता है। शॉर्ट टर्म में 15 फीसदी न्यूनतम है। यह एफडी और बैंक डिपॉजिट के मुकाबले अच्छा है। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के लिए भी निवेश करने के टिप्स बताए। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को हर साल एक डिक्लरेशन देना होता है। जिसमें एसेट और लायबिलिटी बतानी होती है। ऐसे में सरकारी कर्मचारी भी शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं ।

रिस्क प्रोफाइल देखकर करें निवेश : बाजार विशेषज्ञ शोभित गुप्ता बताते हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेशक कम से कम 500 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं। अगर आपकी उम्र 18 साल से कम है तो निवेश के लिए आप अपने माता-पिता का पैन और आधार कार्ड दे सकते हैं। रिस्क प्रोफाइल देखकर इसमें निवेश करें। रिटर्न आपके जोखिम की क्षमता पर निर्भर है। हर किसी का रिस्क प्रोफाइल उनके निवेश, उम्र, इनकम के हिसाब से अलग होता है। अगर आप ज्यादा जोखिम वाले विकल्प में लंबे समय तक निवेश करते हैं तो रिटर्न बेहतर होगा।

घर बैठकर आसानी से शुरू कर सकते हैं निवेश : शोभित गुप्ता बताते हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड , फोटो और कैंसल्ड चेक की जरूरत होती है। इसमें सबसे पहले आपकी केवाईसी होगी। ये ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से हो सकती है। इसके बाद आप अपना ऑनलाइन अकाउंट खोलकर निवेश कर सकते हैं। बैंक अकाउंट डालकर आपका अकाउंट सक्रिय हो जाएगा। इसके बाद आप घर बैठकर ही निवेश शुरू कर सकते हैं। हालांकि , किसी के बहकावे में आकर निवेश न करें। सभी निवेशक एमएफ सेंट्रल डॉट कॉम पर जाकर अपने सारे निवेश देख सकते हैं और नॉमिनी भी बदल सकते है।