कोरोना संक्रमण में होम्योपैथिक दवाओं का है असरदार परिणाम, इन दवाओं से मिलेगा आराम

कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए होम्योपैथिक दवाओं का सेवन करने पर बहुत ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।

कोरोना संक्रमण होने पर धैर्य बनाए रखें। कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए होम्योपैथिक दवाओं का सेवन करने पर बहुत ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। अर्सेनिक अल्बम 30 एक जीवन रक्षक होम्योपैथिक दवा है। यह कोविड-19 लक्षणों जैसी बीमारियों में एक प्रतिरोधक दवा है।

Saurabh ChakravartySat, 17 Apr 2021 08:50 AM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। कोरोना संक्रमण होने पर धैर्य बनाए रखें। कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए होम्योपैथिक दवाओं का सेवन करने पर बहुत ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डा. मनीष त्रिपाठी के मुताबिक कोविड-19 में आने वाले लक्षणों को बहुत हद तक होम्योपैथिक दवाओं से नियंत्रित किया जा सकता है। फास्फोरस 200, अर्सेनिक अल्बा 30, कर्बो वेज-6 या 30 और ब्रायोनिया अल्बा 200 बहुत अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। कर्बो वेज-6 या 30 पोटेंसी की दवा ऐसे मरीजों में बहुत लाभदायक है, जिनकों आक्सीजन की कमी महसूस हो रही है।

यह दवा मरीज को तीन से चार बार दें। फास्फोरस 200 पोटेंसी की दवा फेफड़े की बीमारियों में प्रभावकारी है, ये ऐसे मरीजों को देना चाहिए, जिनको सांस लेने में बहुत दिक्कत होती हो या ऐसा लगे कि फेफड़े ने काम करना बंद कर दिया है। यह दवा दिन में तीन बार दें। सांस लेने में दिक्कत होना, फेफड़े, गले और नाक की म्यूकस मेंब्रेन पूरी तरह से सूखने की स्थिति में सूखी खांसी आना, सांस फूलना, फटने वाला सिर दर्द, उल्टी महसूस होना, जरा भी चलने-फिरने में दिक्कत बढ़ जाना, कफ निकलने में बहुत दिक्कत आना आदि लक्षणों वाले मरीजों को ब्रायोनिया अल्बा 200 पोटेंसी की दवा दिन में दो से तीन बार दिया जा सकता है। अर्सेनिक अल्बम 30 एक जीवन रक्षक होम्योपैथिक दवा है। यह कोविड-19 लक्षणों जैसी बीमारियों में एक प्रतिरोधक दवा है। इसे दिन में दो से तीन बार लेने से राहत मिलती है। अधिक परेशानी होने पर नजदीकी होम्योपैथिक चिकित्सक से जरूर परामर्श लें।

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए डाइट का रखें खास ख्याल

वैश्विक महामारी कोरोना का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। ऐेसे में जरूरी है आप अपनी प्रतिरोधक क्षमता को दुरूस्त रखें। अगर आपकी प्रतिरोधक क्षमता अधिक है तो कोरोना से लडऩे में मदद देगी। ईएसआइसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) अस्पताल, पांडेयपुर की डायटिशियन रीतू पूरी बताती हैं कि कोरोना काल में जरूरी हैं कि सभी की इम्यूनिटी मजबूत रहे। इसके लिए चार बातों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पहला, संतुलित आहार,  दूसरा एक दिन में करीब 10 गिलास पानी पीएं, कम से कम सात घंटे नींद भी जरूरी है।

रीतू बताती हैं कि कोशिश करें कि घर से ही काम करें। लगातार दो घंटे तक बैठना खतरे से खाली नहीं है। इस लिए व्यायाम या शारीरिक श्रम भी बहुत जरूरी है। बताया कि एंटी ऑक्सीडेंट वाले तत्व का अधिक सेवन हो। अपनी सुविधा अनुसार कोई एक फल आम, सेव, पपीता, संतरा, तरबूज कम से कम 100-200 ग्राम तक जरूर सेवन करें। इसके अलावा थाली में रोटी, दाल, हरी सब्जी, सलाद, दही, पनीर भी इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार होंगे। शुगर वाले मरीज को खास ध्यान रखने की जरूरत है। रीतू बताती हैं कि इस कोरोना काल में डाइट का काफी महत्व है। इसलिए लोगों को इस पर खास ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बताया अगर थोड़ी भी तबियत खराब लगे तो तत्काल संबंधित चिकित्सक से परामर्श लेनी चाहिए। ताकि समय रहते ही उपचार हो सके। इसके लिए सभी को सतर्क रहना पड़ेगा।

 

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