Hello Doctor : काढ़ा पीएं जरूर पर चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार, बोले- डाक्‍टर अजय पांडेय

हैलो डाक्टर कार्यक्रम में बीएचयू काय चिकित्सा विभाग के डा. अजय पांडेय ने कुछ ऐसी ही सलाह दी।

शरद ऋतु जा रही है वसंत का आगमन हो रहा है। ऋतुओं का यह संधि काल स्वास्थ्य के लिए उत्तम नहीं होता। इस मौसम में जठराग्नि मंद पड़ जाती है। वातावरण में धूल परागकणों का प्रसार बढ़ जाता है। शरीर की प्रतिरक्षण प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है।

Saurabh ChakravartyWed, 10 Feb 2021 07:06 PM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। शरद ऋतु जा रही है, वसंत का आगमन हो रहा है। ऋतुओं का यह संधि काल स्वास्थ्य के लिए उत्तम नहीं होता। इस मौसम में जठराग्नि मंद पड़ जाती है। वातावरण में धूल, परागकणों का प्रसार बढ़ जाता है। शरीर की प्रतिरक्षण प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है। ऐसे में अस्थमा,  पचापचय की समस्या, प्रमाद, जोड़ों में दर्द आदि बीमारियां बढ़ जाती हैं। तनिक भी लापरवाही सर्दी की चपेट में ला सकती है। इसलिए ऐसे मौसम में स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है ताकि कफज और वातजनित रोगों के प्रभाव से बचा जा सके। ऐसे मौसम में गुनगुने पानी से स्नान करें। हल्का भोजन करें, हल्दी को दूध में पका कर पीएं। काढ़ा पीएं पर औषधियों की मात्रा चिकित्सक के परामर्श के अनुसार रखनी चाहिए, अन्यथा नुकसानदेह भी हो सकता है। दैनिक जागरण की ओर से बुधवार को आयोजित हैलो डाक्टर कार्यक्रम में बीएचयू काय चिकित्सा विभाग के डा. अजय पांडेय ने कुछ ऐसी ही सलाह दी। इस दौरान दर्जनों पाठकों ने फोन कर अपने स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उनके समक्ष रखीं। डा. पांडेय ने उन्हें समुचित परामर्श दिए।

 0-गैस बनती है, शौच कड़ा होता है।  - चंदन कुमार जायसवाल, किरकिटा, जौनपुर।

- मसालों के अधिक सेवन से बचें। कच्ची चीजें यथा मूली, गाजर, खीरा, प्याज व भुने हुए पदार्थ चना, मक्का आदि कम खाएं। कृपालु ङ्क्षहग्वादि वटी गर्म पानी के साथ सुबह-शाम दो-दो चम्मच लें। रात में गर्म पानी के साथ हरण का चूर्ण एक चम्मच खाएं।

0-माताजी को पेट की समस्या है। जब भी कुछ खाती हैं, शौच जाना पड़ता है। ब्लड प्रेशर और शुगर भी है।   - राजेश अग्रवाल, सिकंदरपुर, बलिया।

-अजवायन एक चुटकी गर्म पानी में उबालें। चाय की तरह दिन में पांच-छह बार एक-एक कप पीएं। साथ में कुटज घनवटी की दो-दो गोली सुबह शाम लें। त्रिफगोल पाउडर रात में एक चम्मच ठंडे पानी से लें। यदि शौच कड़ा हो तो गर्म पानी से लें।

0-पेट अक्सर खराब हो जाता है। शौच कई बार में चिकनापन लिए होता है। गैस बनती है।   -संजीव गुप्ता, इंग्लिशिया लाइन, वाराणसी।

-गुनगुने पानी का सेवन करें। कड़ी और कच्ची चीजें न खाएं। समय से खाना खाएं। शुगर न हो तो कुटज परपटी वटी एक-एक गोली सुबह-शाम लें। साथ में शतबेल सिरप चार चम्मच दोनों टाइम गुनगुने पानी से, कुबेराच्छादि वटी दो-दो गोली सुबह-शाम गुनगुने पानी से लें। दूध की जगह छाछ लें, सेंधा नमक व भुने जीरे के साथ।

0-वर्ष 2011 से बीपी है। 2018 से शुगर भी है। एक सप्ताह से पतली टट्टी  हो रही है, आयर्वुेदिक समाधान चाहता हूं।    -विजय कुमार उपाध्याय, कोइली, राजातालाब, वाराणसी।

-जो दवाएं खा रहे हैं, उन्हें अचानक न बंद करें। धीरे-धीरे डोज कम करना  ठीक रहेगा।  इसके लिए चिकित्सक से मिलना होगा। सोम, गुरु व शनिवार को बीएचयू आयुर्वेद विभाग में संपर्क कर सकते हैं। शुगर और पेट की समस्या को आयुर्वेद से ठीक किया जा सकता है। आयुर्वेदिक औषधियां अन्य विधा की दवाओं के साइड इफेक्ट से भी बचाती हैं।

0-खाना खाते ही गैस बहुत बनने लगती है। कई बार जाना पड़ता है। शौच कभी कड़ा, कभी सामान्य होता है। राजोवटी खा रहा हूं।     -संतोष तिवारी, शिवपुर, वाराणसी।

-राजोवटी को लंबे समय तक नहीं चलाया जा सकता। एक बार अस्पताल में दिखा लें, फिर उपचार करना ज्यादा ठीक रहेगा।

0-शुगर का मरीज हूं। शरीर में खुजली रहती है।   -सेनापति ओझा, लंका, वाराणसी।

-शुगर को खान-पान, व्यायाम से नियंत्रण में रखिए। फाङ्क्षस्टग पर 100 व खाना खाने के बाद 170 के आसपास सामान्य तौर पर होना चाहिए। खुजली के लिए नारियल के तेल में कपूर मिलाकर नहाने के आधा घंटा पहले लगा लीजिए।

0-डायबिटीज के प्रारंभिक लक्षण क्या हैं, इससे कैसे बचा जा सकता है।     -ब्रजेश पांडेय, जौनपुर।

-बार-बार मूत्र आना, थकावट आना, ज्यादा भूख और ज्यादा प्यास लगना डायबिटीज के लक्षण हैं। यदि इनमे से कुछ है तो ग्लाइसोलेटेड हीमोग्लोबीन की जांच करा लें। 50 वर्ष के बाद संभावना बढ़ जाती है।

0-दो साल से शुगर है, शरीर बहुत कमजोर हो गया है। इस समय पीपी 140 है।    -राजेश कुमार गुप्ता, जौनपुर।

-व्यायाम करें, भोजन पर नियंत्रण रखें। आंवला व हल्दी का पावडर बराबर मात्रा में सुबह-शाम खाने के बाद गुनगुने पानी से लिया करें। साथ ही शिलाजीत कैप्सूल पानी से सुब-शाम लें।

0-40 साल का हूं, शुगर लेवल काफी हाई हो गया है। इस समय फाङ्क्षस्टग 535 है। कभी-कभी बिलकुल लो भी हो जाता है। इस समय रात में पेशाब की जगह सफेद दूध की तरह कोई पदार्थ आ रहा है। चलना-फिरना नहीं हो पा रहा है।    -मनीष अरोड़ा, महमूरगंज, वाराणसी।

-शुगर ज्यादा होने पर पेशाब गाढ़ा एवं मटमैला हो जाता है। शौच में भी सफेदी आ जाती है। पेट खराब हो जाता है। बहरहाल, बसंत कुसमाकर लेते रहिए। साथ में चंद्रप्रभावटी सुबह-शाम 2-2 गोली खाने के बाद व गैस के लिए कुपिलुङ्क्षहग्वादि वटी दो-दो गोली, सुबह-शाम खाने के बाद लीजिए। एक बार सारी जांच रिपोर्ट लेकर बीएचयू आयुर्वेद विभाग में आइए।

0-चार-पांच महीने से मधुमेह हो गया है। खाली पेट भी 210 है।     -उदयप्रताप शर्मा, धनौली, सोनभद्र।

-आलू, मीठा, चावल मत खाइए। 30 मिनट तक व्यायाम कीजिए। पैदल चलिए। आंवला-हल्दी का समभाग पावडर सुबह-शाम खाने के बाद लीजिए। शिलाजीत कैप्सूल सुबह-शाम पानी से लीजिए।

0-आयुर्वेद पर विश्वास नहीं होता कि इससे रोग कब ठीक होगा। छह माह लगेंगे कि एक वर्ष, कुछ कहा नहीं जा  सकता।    -अंशुमान, महमूरगंज, वाराणसी।

-यूं तो कोई भी चिकित्सा पद्धति पूर्ण नहीं है। बीपी  और डायबिटीज ही कहां एडवांसपैथी पूरी तरह से ठीक कर पाता है, लेकिन हां, एडवांस कही जाने वाली पैथी की दवाओं के साइड इफेक्ट कोई ठीक कर सकता है तो वह आयुर्वेद ही है।

0-बीपी बढ़ी है, दवा खाते हैं। पेशाब में नियंत्रण नहीं रहता है। पेट भी खराब है।     -ओमप्रकाश दूबे, जौनपुर।

-टैबलेट कुबेराच्छादि वटी दो-दो गोली सुबह-शाम, पेशाब के लिए चंद्रप्रभावटी 2-2 गोली सुबह-शाम, टेबलेट नियो एक-एक गोली सुबह-शाम खाएं। रात में आधा चम्मच पंचसकार चूर्ण खाएं। 15 दिन बाद फिर चिकित्सक को दिखाएं।

0-कोरोना के बाद ब्लड शुगर का पता चला। 102 व 280 रहता है। एटीएम वन लेता हूं। बीपी की दवा भी लेता हूं।    - रवींद्र दूबे, जौनपुर।

-बिजीआर-34 एक-एक गोली सुबह-शाम खाना खाने के आधा घंटा बाद लीजिए। 3-4 सप्ताह खाने के बाद शुगर की जांच  खाली पेट कराइए। यदि नियंत्रण में रहा तो ग्लिमस्टार को कम किया जा सकता है।

0-मेरे पापा को लीवर सिरोसिस है। क्या आयुर्वेद में दवा है।    -प्रवीण, मऊ।

-डाक्टर से अस्पताल में मिलिए, यदि लीवर हेल्दी हो गया हो तो, आयुर्वेद ठीक कर देगा।

0-डायबिटीज है, फिलहाल शुगर लेवल नियंत्रित है। पैर के तलवों में स्पंज जैसा महसूस हो रहा है। ओजानेटबिजी-2 खाता हूं।     -भृगुनाथ पांडेय, कंकोरी, त्रिलोचन महादेव, जौनपुर।

- एचबीवनसी जांच करा लीजिए। दशमूल घनावटी 2-2 गोली, कैप्सूल अश्वगंधा या पावडर एक चम्मच सुबह-शाम खाइए। प्रसारिणी तेल का घुटनों के नीचे सुबह-शाम मालिश करें। पैरों के जोड़ों में गति ऊपर नीचे बनाए रखें।

इन्होंने भी पूछे सवाल :

रामदेव सिंह यादव महंगूपुर गाजीपुर, प्रेमनारायण गुप्ता मऊ, रघुराज सिंह वाराणसी, पुनीता सिंह सिगरा वाराणसी, राजबली निषाद देउरपुर आजमगढ़, अनिल अग्रहरी जौनुपर, मनोज गुप्ता दुबारी मऊ, दिशा सिंह नटिनियादाई वाराणसी।

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