फोर्स की कमी से पुलिस अफसरों के पैर बंधे, छात्रों के उपद्रव के चलते पीछे हटना पड़ा

वाराणसी (जेएनएन)। मेस में नाश्ते के विवाद को लेकर काशी हिंदू विश्वविद्यालय बुधवार को फिर सुलग उठा। पूरी दोपहरी बिड़ला लाल बहादुर छात्रावास के बाहर अराजक तत्वों का जमावड़ा रहा। बवाली छात्रों ने पुलिस पर जमकर पथराव करने के साथ ही तोडफ़ोड़ की। पुलिस की ओर से हवाई फायरिंग शुरू होते ही छात्रों ने पेट्रोल बम फेंकना शुरू कर दिया। फोर्स की कमी के चलते पुलिस अफसरों के पैर बंधे नजर आए। इसका छात्रों ने नाजायज फायदा उठाया और फोर्स को अंतत: पीछे हटना पड़ा। हालांकि चीफ प्रॉक्टर प्रो. रॉयना सिंह की तहरीर पर बवाली 18 छात्रों के खिलाफ लंका थाना में मुकदमा दर्ज हो गया है। साथ ही आरोपित छात्रों के बिड़ला हास्टल के चार कमरे सीज किए गए। वहीं कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने जिला प्रशासन संग बैठक कर आरोपितों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है। 

तीन दर्जन मोटर साइकिलें क्षतिग्रस्त 

बवाल की शुरुआत सुबह करीब सवा नौ बजे डा. सीपीआर अय्यर छात्रावास से हुई। आरोप है कि बिड़ला 'स' हास्टल के कुछ छात्र अय्यर छात्रावास पहुंचे और मेस में काबिज हो गए। इस बीच नाश्ता करने पहुंचे अय्यर छात्रावास के छात्रों ने जब उनसे हटने का आग्रह किया तो वे भड़क उठे और मारपीट करने लगे। घटना में घायल चार छात्रों का इलाज ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। इतना ही नहीं छात्रावास में खड़ी तीन दर्जन मोटर साइकिलें व साइकिलें क्षतिग्रस्त कर दी गईं।

उधर, घटना की जानकारी मिलते ही अय्यर के छात्रों ने आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को हास्टल के बाहर मुख्य मार्ग पर धरने पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चिह्नित किए जाने के बाद विवि प्रशासन के साथ पहुंचकर पुलिस ने बिड़ला हास्टल से दर्जन भर छात्रों को हिरासत में ले लिया। इस छात्र भड़क गए और बवाल करने लगे।

 

एडीएम सिटी विनय कुमार सिंह व एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने पुलिस फोर्स की मदद से उपद्रवी छात्रों को तितर-बितर करने के लिए कई राउंड हवाई फायरिंग की और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसमें एक सब-इंस्पेक्टर सहित दर्जन भर पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए। बावजूद इसके आला अधिकारियों के आदेश न दिए जाने के चलते प्रभावी कार्रवाई किए बगैर फोर्स पीछे हट गई। बीएचयू के जनसंपर्क अधिकारी डा. राजेश सिंह ने बताया कि अभी किसी छात्र पर निष्कासन की कार्रवाई नहीं हुई है। डोजियर निकाल कर यह देखा जा रहा है कि उपद्रवी विवि के छात्र हैं या बाहरी। विवि के छात्रों की संलिप्तता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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