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Health Insurance : फैमिली फ्लोटर स्वास्थ्य बीमा की खरीदारी में 60 फीसद उछाल, वाराणसी में सजगता बढ़ी

बीमा की खरीदारी में करीब 60 फीसद का उछाल आया है।

नए वित्तीय वर्ष में 10 से 25 फीसद तक स्वास्थ्य बीमा का प्रीमियम महंगा हो जाएगा। बीमा कंपनियों ने इसके संकेत तीन माह पहले ही दे दिए थे। बीमा कंपनियों ने बड़े क्लेम के बोझ और मेडिकल इंफ्लेशन इरडा के स्टैंडर्ड नियमों की वजह से प्रीमियम में बढ़ोतरी की है।

Saurabh ChakravartyMon, 05 Apr 2021 07:58 PM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। नए वित्तीय वर्ष में 10 से 25 फीसद तक स्वास्थ्य बीमा का प्रीमियम महंगा हो जाएगा। बीमा कंपनियों ने इसके संकेत तीन माह पहले ही दे दिए थे। बीमा अधिकारियों का कहना है कि कंपनियों ने बड़े क्लेम के बोझ और मेडिकल इंफ्लेशन, इरडा के स्टैंडर्ड नियमों की वजह से प्रीमियम में बढ़ोतरी की है। बीते चार-पांच महीनों में स्वास्थ्य बीमा की खरीदारी में करीब 60 फीसद का उछाल आया है। लोगों ने मास्क से भी ज्यादा जरूरी स्वास्थ्य बीमा को समझा है। बीमा विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना के पहले लोग स्वास्थ्य बीमा को उतना तवज्जो नहीं देते थे, जितना अब दे रहे हैं। लोग इंडिविजुअल स्वास्थ्य बीमा के जगह फैमिली फ्लोटर बीमा ज्यादा करा रहे हैं। उनका कहना है कि 20 हजार वार्षिक प्रीमियम का बीमा खरीदकर वर्ष भर बीमारी के दौरान खर्च होने वाले तनाव से मुक्ति मिलती है।

बढ़ गया है बीमा का कवर : प्रीमियम बढऩे के बाद से कंपनियां बीमा का कवर भी बढ़ाएंगी। पहले ओपीडी का कवर इसमें शामिल नहीं होता था। अब कंपनियां बीमा कवर में ओपीडी के खर्चे भी शामिल करेंगी। इसके अलावा बीमाधारक को यदि एयर एंबुलेंस की सुविधा लेनी पड़े तो वह खर्च भी अब कंपनियां नए बीमा में शामिल करेंगी। इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती होने बाद के सभी खर्च को कंपनियां बीमा में शामिल करेंगी। क्लेम के समय किसी प्रकार की कटौती नहीं होगी।

नहीं लिया क्लेम तो बोनस होगा दोगुना : प्रीमियम बढऩे से ग्राहकों को कुछ फायदे भी कंपनियां मुहैया करा रही हैं। पहले यदि आप स्वास्थ्य बीमा खरीदते थे और वर्ष के दौरान क्लेम नहीं लेते तो बीमा अवधि समाप्त होने के बाद कंपनी का समझौता खत्म हो जाता था। नए नियम के अनुसार यदि बीमाधारक एक वर्ष के भीतर क्लेम नहीं लेते हैं तो उनका समइंश्योर्ड दोगुना हो जाएगा। मान लीजिए कि यदि कोई बीमाधारक 7.5 लाख का स्वास्थ्य बीमा खरीदता है और वर्ष में कोई क्लेम नहीं लेता है। तो अगले वर्ष कंपनी उसे 15 लाख का समइंश्योर्ड देगी।

इन कारणों से बढ़ा है प्रीमियम

1- कोरोना महामारी के कारण बड़े क्लेम का बोझ बढ़ा है। बीमा कंपनियों के पास 15 हजार करोड़ रुपये के दावे आए हैं जिसमें कंपनियां 10 हजार करोड़ के क्लेम को सेटल कर चुकी हैं।

2- मेडिकल इंक्विपमेंट और एसेसरीज की लागत में 18-20 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। इससे भी बीमा कंपनियों पर भार बढ़ा है। इस कारण बीमा कंपनियों ने प्रीमियम बढ़ाया है।

त्वरित क्लेम देने के लिए प्रीमियम में बढ़ोतरी कर रही हैं

कपंनियां अपने खर्चों को नियंत्रित और ग्राहकों को त्वरित क्लेम देने के लिए प्रीमियम में बढ़ोतरी कर रही हैं। इसमें बीमाधारक को कई नए फायदे मिलेंगे।

-आशुतोष सिंह, यूपी ईस्ट हेड, स्टार हेल्थ इंश्योरेंस

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