वाराणसी में संसाधन के लिए स्वास्थ्य विभाग को मिला 185 लाख, जनप्रतिनिधियों की ओर से अमुक्त होने लगी राशि

कोरोना संक्रमण में संसाधनों से जूझ रहे चिकित्सा विभाग की मदद के लिए मंत्री विधायक और एमएलसी की ओर से दी गई राशि स्वास्थ्य विभाग काे अमुक्त होने लगी है। स्वास्थ्य विभाग को अब चिकित्सा उपकरण खरीदने में कोई परेशानी नहीं होगी।

Saurabh ChakravartyFri, 14 May 2021 06:30 AM (IST)
स्वास्थ्य विभाग को अब चिकित्सा उपकरण खरीदने में कोई परेशानी नहीं होगी।

वाराणसी, जेएनएन। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण में संसाधनों से जूझ रहे चिकित्सा विभाग की मदद के लिए मंत्री, विधायक और एमएलसी की ओर से दी गई राशि स्वास्थ्य विभाग काे अमुक्त होने लगी है। स्वास्थ्य विभाग को अब चिकित्सा उपकरण खरीदने में कोई परेशानी नहीं होगी। साथ में सबसे बड़ी बाधा भी दूर हो गई है। शासन ने जनप्रतिनिधियों की ओर से तय राशि की बाध्यता भी खत्म कर दी है। पहले जनप्रतिनिधि 25 लाख रुपये से अधिक राशि नहीं दे सकते थे। अब अस्पतालों में उपकरण होने के साथ मरीजों का समुचित उपचार हो सकेगा। जिला प्रशासन ने 185 लाख रुपये स्वास्थ्य विभाग को किया अवमुक्त।

कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने के साथ सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में बेड फूल हो गए। सरकारी अस्पतालों में मरीजों के उपचार के संसाधन नहीं थे। आक्सीजन नहीं होने से कई लोगों की जान तक चली गई। स्वास्थ्य विभाग के पास इतना पैसा नहीं था कि तत्काल आक्सीजन प्लांट स्थापित करने के साथ उपकरण खरीद सके, ऐसे में जनप्रतिनिधियों ने अपने निधि का पैसा देकर स्वास्थ्य विभाग की मदद की। उन्होंने निधि से राशि देने के साथ तत्काल स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। जनप्रतिनिधि को अपने निधि से 25 लाख रुपये तक देने का अधिकार है। पिछले साल कोरोना संक्रमण काल में शासन ने निधि सेे अधिक राशि देने के लिए अलग से आदेश जारी किया था। स्टांप मंत्री रवींद्र जायसवाल ने अपने निधि से एक करोड़ रुपये राशि दिया लेकिन जिला प्रशासन उस राशि का इस्तेमाल नहीं कर पा रहा था। जिला प्रशासन के इस बात से शासन को अवगत कराते ही आदेश जारी हो गया।

इन्होंने दी यह राशि

स्टांप मंत्री रवींद्र जायसवाल ने एक करोड़ रुपये

पर्यटन मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी ने 46 लाख रुपये

विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने 26 लाख रुपये

एमएलसी अशोक धवन ने 25 लाख रुपये

अभी तक 185 लाख रुपये स्वास्थ्य विभाग को अमुक्त कर दिए गए थे

जनप्रतिनिधियों की ओर से दिए गए प्रस्ताव के मुताबिक राशि स्वास्थ्य विभाग को तीन के दिन के अंदर अवमुक्त कर दी जा रही है। अभी तक 185 लाख रुपये स्वास्थ्य विभाग को अमुक्त कर दिए गए थे। कई जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव आए हैं लेकिन अभी स्वास्थ्य विभाग ने बजट नहीं भेजा है। आते ही तय राशि अवगत कर दी जाएगी।

-उमेशमणि त्रिपाठी, परियोजना निदेशक

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