वाराणसी में कोरोना की दूसरी लहर रोकने के लिए गाइडलाइन जारी, एक सप्‍ताह तक क्‍वारंटाइन का आदेश

मुंबई और केरल से लौटने वाले लोगों को अब एक सप्‍ताह तक क्वारंटाइन रहना होगा।

Second wave of corona in varanasi त्‍योहारों को देखते हुए अब बाहर या प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले लोगों को स्वास्थ्य विभाग रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर ऐसे लोगों को चिन्हित करेगा। कोरोना सरीखे लक्षण मिलने पर तत्काल उनकी सैंपलिंग की जाएगी।

Abhishek sharmaThu, 25 Feb 2021 12:10 PM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। देश में कोरोना वायरस के दूसरी लहर की आशंका के बीच बढ़ते मामलों की वजह से अब पूर्वांचल में मुंबई और केरल से लौटने वाले लोगों को अब एक सप्‍ताह तक क्वारंटाइन रहना होगा। त्‍योहारों को देखते हुए अब बाहर या प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले लोगों को स्वास्थ्य विभाग रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर ऐसे लोगों को चिन्हित करेगा। कोरोना सरीखे लक्षण मिलने पर तत्काल उनकी सैंपलिंग की जाएगी। वाराणसी और आसपास पूर्वांचल के जिलों के लोग मुंबई और केरल आदि क्षेत्रों से लौटते हैं तो उनपर विशेष नजर होगी। आगामी माह में होली की वजह से लोगों का आवागमन भी खूब बढ़ जाएगा इस कारण स्वास्थ्य महकमा भी काफी अलर्ट मोड में है। वाराणसी में आने वाले गैर जनपद के लोगों को चिन्हित करके वह के स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी जाएगी। बाहर से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी जबकि बाबतपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की निगरानी शुरू की कर दी गई है। वहीं वाराणसी रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों को चिन्हित करने का काम शुरू करने की तैयारी है। 

कोरोना के मामले सामने आने पर घट रही यात्रियों की संख्या 

देश के कुछ राज्यों में एक बार फिर कोरोनावायरस दोबारा पांव पसार रहा है‚ ऐसी स्थिति में विमान यात्रियों की संख्या में एक बार फिर कमी देखने को मिल रही है। जनवरी तक जहां प्रतिदिन करीब चार हजार विमान यात्री वाराणसी एयरपोर्ट से प्रस्थान करते थे वहीं अब प्रस्थान करने वाले यात्रियों की संख्या घटकर 29 सौ से साढ़े तीन हजार तक पहुंच गयी है। अधिकारियों का मानना है कि कोरोनावायरस के नए मामले सामने आने के बाद यात्री अब हवाई यात्रा करने से कतरा रहे हैं जिसके चलते संख्या में कमी हुई है। 

लाकडाउन के बाद 25 मई से प्रारंभ हुई विमान सेवाओं के दौरान वाराणसी से मुंबई‚ दिल्‍ली और कोलकाता‚ हैदराबाद आदि शहरों के लिये विमान सेवायें प्रारंभ हुई थी। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर बेंगलुरु‚ अहमदाबाद‚ पटना‚ जयपुर और चेन्नई आदि शहरों के लिए सीधी विमान सेवाएं प्रारंभ हुईं और वर्तमान समय में संचालित भी हो रही हैं। जनवरी माह तक यात्रियों की संख्या में तेजी से इजाफा देखने को मिल रहा था। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले साल दिसंबर माह में वाराणसी एयरपोर्ट से कुल 220939 यात्रियों का आवागमन हुआ था जो लाकडाउन के बाद सर्वाधिक था।

जनवरी माह में भी यात्रियों की संख्या बढ़ रही थी‚ 2 जनवरी को 4211 और 3 जनवरी को सर्वाधिक 4402 यात्री वाराणसी एयरपोर्ट से विभिन्न शहरों के लिए प्रस्थान किए थे। वहीं वर्तमान समय की बात करें तो 19 फरवरी को 3351‚ 20 को 3404‚ 21 को 3748‚ 22 को 2918 और 23 फरवरी को को 3107 यात्री वाराणसी एयरपोर्ट से प्रस्थान किये। तेजी से घट रहीं यात्रियों की संख्या के चलते विमानन कंपनियों को भी काफी नुकसान होगा। इसी तरह यात्रियों की संख्या यदि घटती रही तो कुछ रूट पर विमान सेवाओं को भी स्‍थगित करना पड़ सकता है।

सरकार द्वारा गाइडलाइन का किया जा रहा पालन

इस बारे में एयरपोर्ट निदेशक आकाशदीप माथुर ने बताया कि कोरोनावायरस से बचने के लिए सरकार द्वारा जो भी गाइडलाइन जारी होती है उसका एयरपोर्ट पर पालन किया जा रहा है। यात्रियों का आवागमन हो जाने के बाद रात्रि में टर्मिनल भवन को सैनेटाइज करवाया जा रहा है। कुर्सियों और ट्राली और उन सभी सामानों को भी सैनेटाइज कराया जा रहा है, जहां से यात्रियों का मूवमेंट होता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस माह से यात्रियों की संख्या में थोड़ी कमी देखने को मिल रही है।

मुंबई की ट्रेनों में सतर्कता की चेन पुलिंग 

महाराष्ट्र, केरल, पंजाब व मध्यप्रदेश समेत देश के चार राज्यों में कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा बढऩे लगा है। दूसरी तरफ ट्रेनों में सतर्कता की बात बेईमानी साबित हो रही है। बिहार से महानगरों की ओर जाने वाली प्रमुख गाडिय़ों की बोगियों में शारीरिक दूरी के नियमों का पालन नहीं हो रहा है। बुधवार को कैंट स्टेशन से गुजरने वाली गाड़ी संख्या-02391 श्रमजीवी स्पेशल ट्रेन पूरी तरह से पैक थी। जनरल बोगियों में पैर रखने की जगह न होने के बावजूद लोग खड़े-खड़े सफर कर रहे थे। मुंबई और दिल्ली से आने वाले यात्रियों के परीक्षण के लिए कोई इंतजाम नहीं है। पूर्व के दिनों में कैंट स्टेशन और मंडुआडीह स्टेशन पर तैनात स्वास्थ्य विभाग की टीम भी नहीं दिखाई देती। सिर्फ फेस स्कैनिंग सीसीटीवी कैमरे की सहायता ली जा रही है। वही, यात्री रेलवे परिसर में बिना मास्क प्रवेश कर रहे हैं।

रोडवेज में कोरोना का भय खत्म

रेलवे से इतर रोडवेज बस स्टैंड पर कोरोना संक्रमण का भय समाप्त हो चुका है। यहां एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का पालन कराने की बजाय खानापूॢत हो रही है। चालक और परिचालकों के चेहरे से मास्क उतर गया है। सैनिटाइजर मशीनें भी शोपीस बनीं हुईं हैं। स्थानीय अधिकारियों में भी कोविड-19 की चिंता खत्म हो गई है।

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