राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने वाराणसी में आंगनबाड़ी बच्चों को दुलारा और फल खिलाया, अन्नप्राशन व गोदभराई दिए तोहफे

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल शाहंशाह पुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों से मिलकर उनको दुलारा और उनसे बात किया।

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बुधवार को वाराणसी के शाहंशाहपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों से मिलकर उनको दुलारा और उनसे बात किया। इस दौरान राज्यपाल ने बच्चों को फल मंगाकर उनके हाथ से बांटकर खिलाया। राज्‍यपाल ने लोगों को स्वच्छता की भी सलाह दी।

Saurabh ChakravartyWed, 03 Mar 2021 11:38 AM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को आराजीलाइन विकास खंड के ग्राम सभा शहंशाहपुर के आंगनबाड़ी केंद्र व प्राइमरी स्कूल का अवलोकन किया। आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों ने राज्यपाल के सामने सामूहिक रूप से कविताएं सुनाईं।  राज्यपाल ने कहा बहुत अच्छा है। उन्होंने ताली बजाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। थाली में एक साथ सेव, केला, फल देकर उन्हीं बच्चों से आपस में बटवाएं।  राज्यपाल ने कहा कि इससे टीम भावना व जिम्मेदारी का भाव बच्चों में विकसित होगा।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गर्भवती महिलाओं नीतू व नरगिस को माला पहनाकर गोद भराई की और उन्हें अच्छे से खानपान करने, अस्पताल में ही डिलीवरी कराने, लड़का-लड़की जो भी हो बराबर ध्यान रखने, स्वच्छता का विशेष ख्याल रखने आदि अच्छी बातों की सीख दी। मां की गोदी में 6 माह के नौनिहाल बिटिया रिया व लड़का अर्पित को राज्यपाल ने चम्मच से अन्नप्राशन कराया। उन्होंने प्राइमरी कक्षा में जाकर बच्चों से बात की। इस अवसर पर आंगनबाड़ी द्वारा विभिन्न विषयक यथा- पौष्टिक व्यंजन, प्री स्कूल कॉर्नर, होली कॉर्नर, किशोरी कॉर्नर, वजन कॉर्नर के सामानों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। स्कूली बच्चों के लिए विभिन्न प्रेरणादायी-विज्ञान, भाषा, गणित, पर्यावरण, मिशन प्रेरणा विषयों की प्रदर्शनी का भी राज्यपाल ने अवलोकन किया और प्रदर्शित मॉडल ऊपर पूछताछ की। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के सौजन्य से आंगनवाड़ी 50 हजार रुपए की बच्चों की उपयोगी खिलौने, गेम, बर्तन, कुर्सी आदि को राज्यपाल के हाथों डोनेट किया गया।

        अपने संबोधन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि देश में एक ऐसा वर्ग है जिस पर सबकुछ है तथा एक वर्ग ऐसा है जिस पर अभाव है। समाज के ऐसे दोनों वर्गों को जोड़ें, सेतु बनाएं। विश्वविद्यालय, कॉलेज बच्चों को अच्छा बनाते हैं। प्रशासन के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों जहां गरीब के बच्चे आते हैं उन्हें मजबूत करें। लखनऊ में 80 आंगनवाड़ी केंद्रों को विश्वविद्यालय, कालेजों द्वारा 55 हजार प्रति आंगनवाड़ी के हिसाब से बच्चों के उपयोगी सामान दिया गया। अब बनारस में कालेजों को इकट्ठा कर कार्य शुरू किया गया है। प्रदेश में 50,000 से अधिक बड़े कॉलेज हैं। एक कालेज 2-3 आंगनवाड़ी को गोद लेकर वहां सामान, किताब आदि का सहयोग करें। कॉलेज के बच्चे उस गांव में जाकर एक दिन स्वच्छता कार्य करें, ऐसी जिम्मेदारी लें। गरीब समाज के प्रति संवेदनशीलता बढ़ानी है। सामाजिक दायित्व की जिम्मेदारी से करें। राज्यपाल ने कहा कि अब वह विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोहों में वहां के 50 छोटे बच्चों को आमंत्रित कराती हैं। बच्चे समारोह देखते हैं। उनमें आगे पढ़ने की ललक बढ़ती है। उन्होंने दृष्टांत सुनाया कि एक दीक्षांत में आमंत्रित बच्चों ने उनके पास स्वेटर, चप्पल नहीं होना बताया तो आमंत्रितकर्ता व्यक्ति ने उसकी व्यवस्था की और वही पहन बच्चे समारोह में आए। इससे सक्षम व्यक्ति/वर्ग को भी दायित्व बोध बढ़ता है। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय की ओर से शहंशाहपुर में आंगनवाड़ी के लिए 50 हजार रुपये के सामान डोनेट करने पर विश्वविद्यालय को धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रेड क्रॉस सोसायटी वाराणसी द्वारा उनके कोरोना कॉल में किए गए कार्यों के उल्लेख की बनाई गई पत्रिका का विमोचन किया। उन्होंने कालेज के प्रिंसिपल, प्रोफेसरों को रेड क्रॉस सोसाइटी का सदस्य बनाने पर बल दिया। बनारस रेड क्रॉस सोसाइटी ने कोरोना कॉल में अच्छा काम किया। इसके लिए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा व उनकी टीम को राज्यपाल ने धन्यवाद दिया।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि  गुजरात में 12 वर्ष कार्य किया और एक हेल्थ किट तैयार कराई। इस अवसर पर उन्होंने 2-3 हेल्थकिट आंगनवाड़ी को भेंट की। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 तक टीबी मुक्त भारत बनाने में अपना योगदान दें। बच्चों को गोद लेकर उन्हें खानपान, दवाई दिलवाये। बच्चों में रीडिंग हैबिट बनाने बढ़ाएं। बच्चों को पढ़ाएं, डांटे नहीं-पीटे नहीं। बच्चों की क्वालिटी देखकर उन्हें आगे बढ़ाएं। वाराणसी में अच्छे कार्यों के लिए राज्यपाल ने जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा व उनकी टीम को धन्यवाद दिया। जिलाधिकारी ने महामहिम सहित सभी गणमान्य लोगों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

शहंशाहपुर गौशाला पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 14 पशुपालकों को गुजरात से लाई गई गीर गाय वितरित की। बनास डेयरी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंशा व प्रेरणा से गुजरात-उत्तर प्रदेश को जोड़ा गया है। जहां भी अच्छा कार्य होता है उसे दूसरी जगह पहुंचाते हैं। गुजरात का बनास कांठा अति पिछड़ा था। मोदी जी की गुजरात में सरकार में आने पर कार्य हुआ। शिक्षा बड़ी, नर्मदा का पानी पीने व खेतों में पहुंचा। आज बनास सबसे अच्छा जिला बन गया है। वहां की बनास डेयरी में 84 लाख लीटर दूध रोजाना उत्पादन होता है। उनके मिल्क प्रोडक्ट दुनिया में बिकते हैं। देश में कुपोषण एक चिंता का विषय है। लगभग हर मिनट में देश में एक बच्चे की मौत हो जाती है। प्रधानमंत्री ने कई योजनाएं संचालित की हैं। पोषण मिशन, संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिला का पोषण। इनके अच्छे परिणाम आए हैं।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि गीर गाय अपना सुख-दुख का भाव प्रकट करती हैं। बच्चों की भांति गाय से व्यवहार करें। गाय आंखों से बात करती है। घर के झगड़े का गाय पर प्रभाव होता है। घर की वातावरण का गाय के दूध पर असर होता है। अच्छा माहौल होगा तो ज्यादा दूध होगा। गीर गाय कृष्ण भगवान की गाय हैं, वे बंसी बजाते थे और बात करते थे। अब गीर गाय बनारस आ रही है। बनारस ऋषि, संतो व गंगा की भूमि है। अब यह गाय की भूमि बन रही है। गाय भूमि पवित्र करती है। उन्होंने महिला सम्मान पर कहा कि बहू को बेटी के रूप में लें तथा बेटी को बेटा की तरह ले। महिला शक्ति को विकास से जोड़े। गाय की सेवा घरों में महिलाएं ज्यादा करती हैं। महिला सम्मेलनों पर जोर दिया। महिलाओं को आगे लाएं उन्हें नई तकनीकी शिक्षा से जोड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 150 गाय गुजरात से बनारस लाने की इच्छा जताई है। बनास डेयरी इस में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सक्षम व्यक्ति अपनी संपत्ति से जरूरतमंदों का सहयोग करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच पूरे विश्व को मार्गदर्शन करा रही है। महामहिम ने गाय प्राप्त करने वाले पशुपालकों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि आगे जब किसी व्यक्ति को कोई सहायता, उपहार मिलता है तो उसे पाते समय अपनी पत्नी को जरूर साथ रखें। इस अवसर पर बनास डेयरी के चेयरमैन ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में भारी संख्या में किसान, पशुपालक व महिलाएं उपस्थित रहे।

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