उत्‍तर प्रदेश में कोरोना प्रभावित बच्चों के सपनों को पंख देगी सरकार, बैंक खातों में राशि का अंतरण

बच्चों को शिक्षा सुरक्षा प्यार व अधिकार- सरकार करेगी सपने साकार’ के नारे के साथ कोविड-19 प्रभावित बच्चों को मदद पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार 22 जुलाई को उनके अभिभावकों के बैंक खातों में राशि का अंतरण करने जा रही है।

Abhishek SharmaThu, 22 Jul 2021 11:18 AM (IST)
जिले मेें 10 ऐसे बच्चों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने माता-पिता या उनमें से किसी एक को खोया है।

जागरण संवाददाता, आजमगढ़। ‘बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा, प्यार व अधिकार- सरकार करेगी सपने साकार’ के नारे के साथ कोविड-19 प्रभावित बच्चों को मदद पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार 22 जुलाई को उनके अभिभावकों के बैंक खातों में राशि का अंतरण करने जा रही है। जांच-पड़ताल के बाद जिले मेें 10 ऐसे बच्चों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने कोरोना काल (मार्च 2020 से) में माता-पिता दोनों या उनमें से किसी एक को खोया है।

जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव ने बताया कि कोविड काल में माता-पिता या दोनों में से किसी एक को खोने वाले इन्हीं बच्चों के जीवन को संवारने के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ की विधिवत शुरुआत करेंगे। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार में दिन में 12 बजे से किया जाएगा।

11 से 18 साल के बच्चों की कक्षा12 तक की मुफ्त शिक्षा : जो बच्चे पूरी तरह अनाथ हो गए हों और बाल कल्याण समिति के आदेश से विभाग के तहत संचालित बाल देखभाल संस्थाओं में आवासित कराए गए हों, उनको कक्षा छह से 12 तक की शिक्षा के लिए अटल आवासीय विद्यालयों व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेशित कराया जाएगा। 11 से 18 साल के बच्चों की कक्षा-12 तक की मुफ्त शिक्षा के लिए अटल आवासीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में भी प्रवेश कराया जा सकेगा।

विद्यालयों में प्रवेश न दिलाने पर यह मिलेगी सुविधा : ऐसे वैध संरक्षक को विद्यालयों की तीन माह की अवकाश अवधि के लिए बच्चे की देखभाल के लिए प्रतिमाह चार रुपये की दर से 12 हजार रुपये प्रतिवर्ष खाते में दिए जाएंगे। यह राशि कक्षा-12 तक या 18 साल की उम्र जो भी पहले पूर्ण होने तक दी जाएगी। यदि बच्चे के संरक्षक इन विद्यालयों में प्रवेश नहीं दिलाना चाहते हों तो बच्चों की देखरेख और पढ़ाई के लिए उनको 18 साल का होने तक या कक्षा-12 की शिक्षा पूरी होने तक 4000 रुपये की धनराशि दी जाएगी बशर्ते बच्चे का किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया हो।

बालिकाओं के शादी योग्य होने पर मिलेंगे 1.01 लाख : योजना के तहत चिह्नित बालिकाओं के शादी के योग्य होने पर शादी के लिए 1.01 लाख (एक लाख एक हजार रुपये) दिए जाएंगे। श्रेणी में आने वाले कक्षा नौ या इससे ऊपर की कक्षा में या व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 साल तक के बच्चों को टैबलेट व लैपटाप की सुविधा दी जाएगी। ऐसे बच्चों की चल-अचल संपत्तियों की सुरक्षा के प्रबंध होंगे।

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