श्रमिकों के खाते में आनलाइन पहुंचेगी सरकारी मदद, श्रम विभाग में जल्द लागू होगी पीएफएमएस प्रणाली

जिले के लगभग 30 हजार श्रमिक लाभान्वित होंगे।

सरकारी मदद अब श्रमिकाें के खाते में आनलाइन पहुंचेगी। विभाग में जल्द ही पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम) लागू किया जाएगा। इसके बाद श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा। बदलाव से जिले के लगभग 30 हजार श्रमिक लाभान्वित होंगे।

Saurabh ChakravartyWed, 12 May 2021 04:09 PM (IST)

चंदौली, जेएनएन। श्रम विभाग में पंजीकृत गरीब श्रमिकों के लिए खुशखबरी है। सरकारी मदद अब उनके खाते में आनलाइन पहुंचेगी। विभाग में जल्द ही पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम) लागू किया जाएगा। इसके बाद श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा। बदलाव से जिले के लगभग 30 हजार श्रमिक लाभान्वित होंगे।

श्रम विभाग में पहले पीएफएमएस प्रणाली लागू नहीं की गई थी। इस वजह से श्रमिकों को सीधे लाभ नहीं मिल पाता है। बढ़ई, राजगीर, मजदूर समेत रोज मेहनत-मजदूरी कर अपना व परिवार का पेट पालने वालों ने अपना पंजीकरण श्रम विभाग में कराया है। जिले में ऐसे लगभग 30 हजार लोग हैं। उन्हें विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं का हित लाभ प्राप्त करने के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसे में समय और पैसे की बर्बादी के साथ ही परेशानी भी उठानी पड़ती है। इसको देखते हुए शासन विभाग में पीएफएमएस प्रणाली लागू करने पर विचार कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार एक-दो माह में इसे लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद हित लाभ की धनराशि सीधे मजदूरों के खाते में पहुंचेगी।

श्रम विभाग से संचालित योजनाएं

मातृत्व शिशु व बालिका मदद, संत रविदास शिक्षा सहायता, मेधावी छात्र पुरस्कार, आवासी विद्यालय, कौशल विकास व तकनीकी उन्नयन, सौर ऊर्जा सहायता, कन्या अनुदान, आवास, शौचालय सहायता, चिकित्सा सुविधा, आपदा राहत सहायता, महात्मा गांधी पेंशन, गंभीर बीमारी सहायता, मृत्यु, दिव्यांगता सहायता व अक्षमता पेंशन योजना, अंत्येष्टि सहायता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना संचालित होती है। पात्र श्रमिकों को इन योजनाओं का लाभ दिलाया जाता है।

पंजीकरण के लिए क्या है पात्रता

श्रम विभाग में पंजीकरण कराने के लिए देश का नागरिक व उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है। श्रमिक की आयु 18 से 60 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। परिवार के मुखिया का पंजीकरण होगा और उसी का श्रमिक कार्ड बनेगा। ऐसे मजदूरों को ही पंजीकृत किया जाएगा, जो साल में तीन माह तक श्रमिक कार्य में लगे हों।

एक-दो माह में यह लागू होगी

श्रम विभाग में पीएफएमएस प्रणाली लागू करने पर विचार किया जा रहा है। एक-दो माह में यह लागू होगी। इसके बाद श्रमिकों के खाते में सीधे हितलाभ का पैसा भेजा जाएगा।

दिलीप मौर्या, श्रम प्रवर्तन अधिकारी

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