वाराणसी में 24 घंटे में दो मीटर से अधिक बढ़ा गंगा का जल स्तर, चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ा पानी

भारी बरसात के बाद गंगा का जलस्तर उफान पर है। जल में लगातार बढ़ाव जारी है। हालात यह है कि बीते 24 घंटे में दो मीटर से अधिक गंगा का जल स्तर बढ़ गया है। घाटों का एक दूसरे से संपर्क तो दो दिन पहले से ही टूट गया है।

Saurabh ChakravartyMon, 02 Aug 2021 10:05 PM (IST)
अस्सी घाट पर गंगा का जल स्तर बढ़ने के बाद पंडित अपने सामान को हटाते ।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। भारी बरसात के बाद गंगा का जलस्तर उफान पर है। नदी के जल में लगातार बढ़ाव जारी है। हालात यह है कि बीते 24 घंटे में दो मीटर से अधिक गंगा का जल स्तर बढ़ गया है। गंगा किनारे सभी 84 घाटों का एक दूसरे से संपर्क तो दो दिन पहले से ही टूट गया है। अब दाह संस्कार भी छतों व सीढिय़ों पर होने लगा है।

मणिकर्णिका घाट पूरी तरह से डूब गया है। वहां अब छतों पर दाह संस्कार होने लगा है। वहीं, हरिश्चंद्र घाट की भी सभी सीढिय़ां सोमवार को डूब गई जिससे दाह संस्कार अब सबसे ऊपरी वाली सीढ़ी पर होने लगा। सोमवार को गंगा का जलस्तर 66.52 मीटर रिकार्ड किया गया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर से मात्र तीन मीटर नीचे है।

वाराणसी में गंगा का जल स्तर

-चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर

-खतरा का निशान 71.262 मीटर

-बाढ़ का उच्चतम बिंदु 73.901 मीटर

वाराणसी में दिनों से बढ़ा पानी

-02 अगस्त : 66.52 मीटर

-01 अगस्त : 64.36 मीटर

-31 अगस्त : 63.40 मीटर

-30 जुलाई : 62.52 मीटर

-29 जुलाई : 60.48 मीटर

-28 जुलाई : 59.69 मीटर

-27 जुलाई : 59.41 मीटर

जिला प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने सोमवार को कैंप कार्यालय में बैठक की। अलर्ट जारी करते हुए मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया कि अपने क्षेत्र में स्थापित होने वाली बाढ़ चौकियों को क्रियाशील कराएं। चौकियों पर ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों व गोताखोरों की बैठक पर आवश्यक दिशा-निर्देश दें। प्रभावित होने वाले स्थानों को चिन्हित करें। जनहानि, पशुहानि को बचाने की रणनीति बनाएं। राहत कैंपों में प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। राहत कैंपों में साफ सुथरे बिस्तर, तकिये, चादर, चारपाई पंखे आदि की व्यवस्था के साथ ही स्वच्छ, पोषण युक्त ताजा भोजन प्रतिदिन दो बार देने की व्यवस्था व बच्चों व वृद्धि के भोजन में केला, दूध, बिस्कुट, सत्तू आदि भी सम्मिलित किया जाए।

वैकल्पिक बिजली का करें इंतजाम

कैंप में स्वच्छ पेयजल व निर्बाध विद्युत आपूॢत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वैकल्पिक रूप से जेनसेट, सोलर लालटेन का प्रबंध करने को कहा। महिलाओं की विशेष सुरक्षा के लिए 24 घंटे महिला गार्ड की ड्यूटी लाने की हिदायत दी। राहत कैंपों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों, गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण व आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने तथा डाक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राहत कैंप के लिए समस्त विभाग द्वारा एक नोडल अधिकारी नामित करने तथा उसका नाम व मोबाइल नंबर कैंप पर अंकित करने का निर्देश दिया।

बने मनोरंजन कक्ष, लगाएं टेलीविजन

शरणार्थिायों के लिए मनोरंजन कक्ष बनाने के लिए कहा जिसमें टेलीविजन, रेडियो, समाचार पत्र आदि की व्यवस्था की जाए। महिलाओं व पुरूषों के लिए पृथक-पृथक टायलेट व स्नान घर की व्यवस्था करने के लिए कहा। महिला कर्मचारी के माध्यम से महिलाओं के मध्य सैनेटरी नैपकिन का वितरण तथा इसके डिस्पोजल की उचित व्यवस्था का निर्देश दिया। खाने वाले स्थान में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा। राहत कैम्पों के प्रबंधन में लगे हुए अधिकारियों, कर्मचारियों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं, रोटरी, लायंस क्लब, सिविल डिफेंस आदि के वालेन्टियर्स को पहचान पत्र प्रदान देने का निर्देश दिया। सर्पदंश व बिच्छूदंश आदि की घटनाओं से बचाव के लिए दवाएं व इंजेक्शन के इंतजाम का आदेश दिया। राहत कैम्प की वीडियो फुटेज व फोटो आदि आपदा विशेषज्ञ, वाराणसी के वाट्सएप नंबर 8957662020 पर प्रतिदिन अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यालय व तहसील स्तर पर बाढ़ कंट्रोल रूम की स्थापना तत्काल कर दी जाए। मौसम विभाग के आकाशीय विद्युत की पूर्व चेतावनी प्राप्त होने की दशा में ग्राम प्रधान के माध्यम से पब्लिक एड्रेस सिस्टम द्वारा आमजन को सचेत किया जाए।

 

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