वाराणसी में गंगा के जलस्‍तर में बढ़ाव जारी, दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती अब छतों पर

वाराणसी में सुबह आठ बजे गंगा का जल स्तर 67.54 मीटर मापा गया तो शाम तक गंगा का पानी दशाश्वमेध घाट के प्लेटफार्म पार करते हुए शीतला मंदिर में प्रवेश कर विग्रह के पार पखारने लगा। इससे गंगा आरती स्थल बदल कर कार्यालय की छत पर कर दिया गया।

Saurabh ChakravartyTue, 03 Aug 2021 09:01 PM (IST)
वाराणसी में गंगा आरती स्थल बदल कर गंगा सेवा निधि के कार्यालय की छत पर कर दिया गया।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। गंगा के जल स्तर में निरंतर बढ़ाव जारी है। हालांकि, बढ़ाव की गति थोड़ी कम जरूर हुई है। एक दिन पहले जहां बढ़ाव की रफ्तार 24 घंटे में दो मीटर थी वहीं, मंगलवार को यह घट कर एक मीटर हो गई है। सुबह आठ बजे गंगा का जल स्तर 67.54 मीटर मापा गया तो शाम तक गंगा का पानी दशाश्वमेध घाट के प्लेटफार्म पार करते हुए शीतला मंदिर में प्रवेश कर विग्रह के पार पखारने लगा। इससे गंगा आरती स्थल बदल कर गंगा सेवा निधि के कार्यालय की छत पर कर दिया गया।

गंगा की सहायक नदी वरुणा का पेटा भी पानी से लबालब हो गया है। इस पलट प्रवाह से गंगा का पानी वरुणा तटवर्ती बस्तियों की ओर बढ़ चला। पुलकोहना व आसपास इलाके में नाला के रास्ते पानी बस्ती में घुस गया है। कई घरों में तीन फीट तक पानी भर गया। इसे देखते हुए निचले इलाके से लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। तमाम परिवारों ने खतरे के भांपते हुए सुरक्षित स्थानों पर ठौर ले ली है। दूसरी ओर ढाब क्षेत्र के सोता में गंगा का जल स्तर इतना बढ़ गया है कि रामचंदीपुर, मोकलपुर, गोबराहा, कुड़वा, रामपुर, नखावा गांव पानी से घिर गए हैं।

तीन फीट तक घर में घुसा पानी

वरुणा नदी के किनारे सटे पुरानापुल पुलकोहना व सलारपुर में मंगलवार को सुबह ही करीब एक दर्जन मकानों में पानी घुस गया। पुरानापुल रेलवे लाइन के किनारे पुलकोहना बस्ती के सोमारू चौहान, रामबाबू सोनकर, लल्लू पांडेय, अरविंद कुमार के मकानों में सोमवार की देर रात में देखते ही देखते तीन फीट तक पानी घुस गया। सलारपुर में शरद विश्वकर्मा, राजकुमार सिंह, विजयी यादव, सुभाष गुप्ता व राजेश चौरसिया के मकानों में करीब छह फीट तक वरुणा नदी का पानी घुसने से लोग अपने समान के साथ मकान छोड़ कर समीप ही किराए के मकान में शरण ली है।

84 घाटों की टूट गया संपर्क

गंगा किनारे सभी 84 घाटों का एक दूसरे से संपर्क तो दो दिन पहले से ही टूट गया है। अब दाह संस्कार भी छतों व सीढिय़ों पर होने लगा है। मणिकॢणका घाट पूरी तरह से डूब गया है। वहां अब छतों पर दाह संस्कार होने लगा है। हरिश्चंद्र घाट की भी सभी सीढिय़ां सोमवार को डूब गईं थीं। दाह संस्कार अब सबसे ऊपरी वाली सीढ़ी पर होने लगा।

वाराणसी में गंगा का जल स्तर

-चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर

-खतरा का निशान 71.262 मीटर

-बाढ़ का उच्चतम बिंदु 73.901 मीटर

वाराणसी में दिनों से बढ़ा पानी

-03 अगस्त : 67.54 मीटर

-02 अगस्त : 66.52 मीटर

-01 अगस्त : 64.36 मीटर

-31 अगस्त : 63.40 मीटर

-30 जुलाई : 62.52 मीटर

-29 जुलाई : 60.48 मीटर

-28 जुलाई : 59.69 मीटर

-27 जुलाई : 59.41 मीटर

 

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