बलिया जिले में लाल निशान छूने काे आतुर गंगा का जलस्‍तर, चार सेंटीमीटर प्रति घंटा बढ़ाव

जनपद में गंगा का जलस्तर सोमवार से तेजी से बढ़ने लगा है। लगभग चार सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से गंगा में बढ़ाव जारी है। एक दिन पहले गंगा में 2.5 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ाव हो रहा था।

Abhishek SharmaMon, 02 Aug 2021 03:35 PM (IST)
एक दिन पहले गंगा में 2.5 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ाव हो रहा था।

जागरण संवाददाता, बलिया। जनपद में गंगा का जलस्तर सोमवार से तेजी से बढ़ने लगा है। लगभग चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा में बढ़ाव जारी है। एक दिन पहले 2.5 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ाव हो रहा था। गायघाट में गंगा का जलस्तर सुबह आठ बजे 55.380 मीटर दर्ज किया गया। एक दिन पहले जलस्तर 54.750 मीटर पर था। गंगा में 16 घंटे में 63 सेंटीमीटर बढ़ाव किया है। यहां खतरा बिंदु 57.615 है। खतरा बिंदु से नदी का जलस्तर अब 2.235 मीटर नीचे है। वहीं तुर्तीपार डीएसपी हेड पर सरयू का जलस्तर 64.170 मीटर दर्ज किया गया। एक दिन पहले जलस्तर 64.140 पर था। सरयू की गति धीमी है। सरयू ने 16 घंटे में मात्र तीन सेमी बढ़ाव किया हैं। यहां खतरा निशान 64.10 है। सरयू खतरा निशान से 16 सेमी ऊपर बह रहीं हैं। चांदपुर में सरयू का जलस्तर 58.080 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरा निशान 58.00 है। सरयू का खतरा निशान से आठ सेमी ऊपर बह रहीं हैं। गंगा की रफ्तार देख तटवर्ती लोग सहम गए हैं। बाढ़ की स्थिति बनते देख वे माह भर का सामान घरों में सुरक्षित करने लगे हैं।

चार साल में भी नहीं बन पाया सिताबदियारा का रिंग बांध : लोकनायक जयप्रकाश नारायण के गांव सिताबदियारा में यूपी-बिहार सीमा की लगभग 60 हजार की आबादी को बाढ़ व कटान से बचाव के लिए रिंग बांध का निर्माण कार्य यूपी की ओर से पूरा नहीं हो पाया है। 125 करोड़ की इस संयुक्त परियोजना की नींव वर्ष 2018 में रखी गई। बिहार व यूपी के साझे वाली इस परियोजना को बिहार ने वर्ष 2019 में ही चार किलोमीटर में निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया। इस पर कुल 85 करोड़ रुपये खर्च हुए। वहीं यूपी सीमा में 40 करोड़ से 3400 मीटर में गंगा और सरयू दोनों के किनारे बनने वाला रिंग बांध तीन साल से निर्माणाधीन है।

सिताबदियारा में गंगा व सरयू दोनों से खतरा : सिताबदयारा में गंगा और सरयू दोनों नदियों का संगम बड़का बैजू टोला में होता है। इस वजह से यहां गंगा और सरयू दोनों नदियों से बाढ़ और कटान का खतरा रहता है। रिंग बांध का कार्य पूरा हो गया होता तो यूपी सीमा के विकासखंड मुरली छपरा अंतर्गत इब्राहिमाबाद नौबरार व कोड़हरा नौबरार दो पंचायतों के एक दर्जन से अधिक गांव, वहीं बिहार सीमा सिताबदियारा व प्रभुनाथनगर दक्षिणवारी चक्की दो पंचायतों के डेढ़ दर्जनों गांव बाढ़ से सुरक्षित हो जाते।

स्पर के गड्ढे में घुसा पानी, एनएच-31 को खतरा : एनएच-31 को गंगा कटान से बचाने के लिए 34 करोड़ की लागत से रामगढ़ में तीन स्परों का निर्माण हो रहा था। ठीकेदार आधा-अधूरा कार्य कराकर गायब हो गए हैं। स्पर निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में अब पानी भर गया है। ऐसे में अब बचाव कार्य भी संभव नहीं है।

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