मात्र 20 हजार के लिए दोस्तों ने की थी हत्या, वाराणसी में 24 घंटे के अंदर सिगरा पुलिस ने वारदात को किया उजागर

सिगरा थानांतर्गत माधोपुर क्षेत्र में कपड़े के शोरूम के कैशियर रवि मौर्या की हत्या महज 20 हजार के लिए उसके दो दोस्तों ने की थी। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर वारदात को उजागर करते हुए दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

Saurabh ChakravartySat, 31 Jul 2021 07:30 AM (IST)
कैशियर रवि मौर्या की हत्या महज 20 हजार के लिए उसके दो दोस्तों ने की थी।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। सिगरा थानांतर्गत माधोपुर क्षेत्र में कपड़े के शोरूम के कैशियर रवि मौर्या की हत्या महज 20 हजार के लिए उसके दो दोस्तों ने की थी। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर वारदात को उजागर करते हुए दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

डीसीपी वरुणा जोन विक्रांत वीर ने शुक्रवार को सिगरा थाने में आरोपित मंडुआडीह के शिवदासपुर आदर्शनगर निवासी मनोज गुप्ता और जगतगंज निवासी दीपक कुमार प्रजापति को मीडिया के समक्ष पेश किया। डीसीपी ने बताया कि दोनों पहले रवि के साथ ही मलदहिया स्थित सीवी मार्ट शोरूम में काम करते थे। उसी दौरान रवि से उनकी इतनी गहरी दोस्ती हो गई कि उसके मोबाइल और एटीएम का पासवर्ड तक उन्हें पता था। लालच में आकर एटीएम से रुपये निकालने के लिए हत्या की साजिश रची।

पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि गत सोमवार की शाम साजिश के तहत आरोपित मनोज और दीपक माधोपुर में रवि के कमरे पर मिलने गए। अनार के जूस में नींद की छह गोलियां डालकर पिला दी। रवि के बेहोश होने पर गैस सिलिंडर की पाइप से गला कसने के साथ सब्जी काटने वाले चाकू से दाएं हाथ की नस काट दी। बिस्तर में लपेट कर शव फर्श पर छोड़ दिया। रवि का मोबाइल फोन और यूबीआइ का एटीएम कार्ड ले लिया। कमरे में बाहर से ताला बंद कर दोनों रथयात्रा स्थित एटीएम गए। एटीएम से 20 हजार रुपये निकालकर आपस में 10-10 हजार बांट लिए। आरोपितों की निशानदेही पर रवि का मोबाइल महमूरगंज ओवरब्रिज के निकट एलआइसी की पुरानी बिल्डिंग से बरामद किया गया। एटीएम कार्ड व कमरे की चाबी नहीं मिली।

26 जुलाई को दिया था वारदात को अंजाम

हत्यारोपित मनोज और दीपक ने पूछताछ में बताया कि 26 जुलाई की रात ही रवि की हत्या कर दी गई थी। दोनों उसके साथ काम किए हुए थे। वो जानते थे कि रवि के पास हमेशा पैसा रहता है। दोनों उससे जब भी पैसा मांगते थे तो वह दे देता था, मगर इस बार रवि ने मना कर दिया था। पैसा मांगने से पहले ही दोनों ने रवि के मोबाइल में देख लिया था कि उसके खाते में 20 हजार रुपये हैं। दोनों के पास से रवि का मोबाइल व नौ हजार रुपये बरामद किए गए, जबकि बाकी धनराशि दोनों ने मौज-मस्ती में खर्च कर दी थी।

ऐसे मिली कामयाबी:

डीसीपी वरुणा जोन विक्रांत वीर ने बताया कि सिगरा थाना प्रभारी अनूप कुमार शुक्ला और उनकी टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो रवि के कमरे की ओर आखिरी बार मनोज और दीपक जाते हुए दिखे। रवि की मंगेतर 26 जुलाई को ही उसके खाते में 20 हजार रुपए भेजी थी। रवि अपनी मंगेतर से अक्सर कहता था कि मनोज पैसे के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। मनोज पर शक गहराया तो उससे पूछताछ शुरू की गई और फिर कहानी परत दर परत खुलती चली गई। मनोज की मदद से ही दीपक भी गिरफ्तार किया गया। एटीएम से 20 हजार रुपए निकालने की फुटेज से भी दोनों की पुष्टि हुई।

 

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