BHU Trauma Center में दीपावली से पहले चार और ओटी की सौगात, आपरेशन के लिए नहीं लगेगी लंबी लाइन

छह साल पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चिकित्सा विज्ञान संस्थान बीएचयू के जिस ट्रामा सेंटर का लोकार्पण किया था उसमें कई सुविधाएं निरंतर बढ़ रही हैं। इसी कड़ी में यहां पर चार और ओटी (आपरेशन थिएटर) की व्यवस्था बढऩे जा रही है।

Saurabh ChakravartySat, 23 Oct 2021 07:52 AM (IST)
बीएचयू के ट्रामा सेंटर में दीपावली से पहले चार और ओटी की सौगात

जागरण संवाददाता, वाराणसी। छह साल पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बीएचयू के जिस ट्रामा सेंटर का लोकार्पण किया था, उसमें कई सुविधाएं निरंतर बढ़ रही हैं। इसी कड़ी में यहां पर चार और ओटी (आपरेशन थिएटर) की व्यवस्था बढऩे जा रही है। मरीजों को ओटी की सौगात दीपावली तक मिल जाएगी। इसके साथ ही ट्रामा सेंटर में अब ओटी की संख्या 17 हो जाएगी। अभी हाल ही में यहां पर नया आधुनिक ट्राएज एरिया के साथ ही डे केयर यूनिट की सुविधा शुरू की गई थी।

इमरजेंसी ओटी को छोड़ दिया जाए तो सामान्य इलेक्टिव ओटी के लिए अक्सर ही मरीजों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है। उन्हें लंबी लाइन लगानी पड़ती थी। पूर्वांचल के एम्स कहे जाने वाले चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बीएचयू के ट्रामा सेंटर एवं सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय के आचार्य प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है कि तत्काल आपरेशन कर मरीजों की मात्र 48 घंटे में ही छुट्टी हो जाए। इसके तहत यहां पर आयुष्मान योजना के तहत खुद की फार्मेसी खोलने के लिए टेंडर जारी किया गया है। इसके बाद आपरेशन में प्रयोग होने वाले इंप्लांट व जरूरी दवाएं सस्ती दर पर मिलने लगीं। इसी कड़ी में चार और ओटी की सुविधा बढ़ाई जा रही हैं। वैसे यहां पहले से 13 ओटी हैं, जिसमें तीन-तीन ओटी आर्थोपेडिक, न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी शामिल है। इसके अलावा चार ओटी इमरजेंसी की है। साथ ही एक माइनर ओटी भी है।

इन क्षेत्रों में बढ़ेंगी ओटी सुविधाएं

प्रो. सौरभ ङ्क्षसह ने बताया कि संस्थान के निदेशक प्रो. बीआर मित्तल के निर्देशन में यहां तमाम सुविधाएं बढ़ाई जा रहीं हैं। इसी के तहत यहां पर पहली बार डीएसए (डिजिटल सब्सट्रैक्शन एंजियोग्राफी) ओटी की व्यवस्था होने जा रही है। इससे दूरबीन विधि से चोट के बाद होने वाले आंतरिक रक्तस्राव को बिना चीर-फाड़ किए आपरेशन होगा। ताकि रक्तस्राव को रोका जा सके। दूसरी ओटी मैक्सिलोफेशियल की होगी। इसमें उन लोगों का आपरेशन होगा जिसका किसी घटना-दुर्घटना में जबड़ा टूट गया हो। वहीं तीसरी ओटी ट्रामा सर्जरी की होगी। इसमें छाती, आमाशय, लिवर आदि के क्षतिग्रस्त होने का आपरेशन किया जाएगा। वहीं चौथी सबसे महत्वपूर्ण ओटी ओपन वुंड (खुले घाव) की होगी। इसमें उन मरीजों का आपरेशन होगा जिनका शरीर क्षत-विक्षत हो जाता है।

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