वाराणसी पुलिस की रडार पर चार और एक लाख के इनामी, मनीष के हाथ में आई गिरोह की कमान

एक लाख के इनामी रोशन के मठभेड़ में मारे जाने के बाद पुलिस की रडार पर चार शातिर बदमाश हैं।

एक लाख के इनामी रोशन गुप्ता के मठभेड़ में मारे जाने के बाद पुलिस की रडार पर चार शातिर बदमाश हैं। इनमें चौबेपुर का धौरहरा निवासी इंद्रजीत सिंह उर्फ बीकेडी लक्सा निवासी दीपक वर्मा चोलापुर का गिरधारी विश्वकर्मा व किट्टू का साथी मनीष सिंह उर्फ सोनू शामिल हैं।

Publish Date:Sat, 28 Nov 2020 08:30 AM (IST) Author: saurabh chakravarti

वाराणसी, जेएनएन। एक लाख के इनामी रोशन गुप्ता के मठभेड़ में मारे जाने के बाद पुलिस की रडार पर चार शातिर बदमाश हैं। सभी एक लाख के इनामी हैं। इनमें चौबेपुर का धौरहरा निवासी इंद्रजीत सिंह उर्फ बीकेडी, लक्सा निवासी दीपक वर्मा, चोलापुर का गिरधारी विश्वकर्मा व किट्टू का साथी मनीष सिंह उर्फ सोनू शामिल हैं। इनकी तलाश के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गईं हैं। गिरधारी की पुलिस को सदर तहसील में हुई ठेकेदार नितेश सिंह की हत्या में तलाश है। बीकेडी अपने ही गांव में हुई हत्या के बाद से फरार है।

किट्टू के बाद मनीष के हाथ में गिरोह की कमान

गुरुवार की रात जैतपुरा के सरैयां में पुलिस के साथ मुठभेड़ में किट्टू के मारे जाने के बाद उसके गिरोह की कमान लंका थाना क्षेत्र के नरोत्तमपुर निवासी मनीष के हाथ में आ गई है। उस पर भी एक लाख का इनाम घोषित है। पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान मनीष अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया है। जरायम जगत में यह भी चर्चा है कि पुलिस के हाथ मनीष तक पहुंच चुके हैं।

बड़े पिता को सौंपा किट्टू का शव 

किट्टू के जीवन की पटकथा रंगदारी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस लिख चुकी थी। अब सारी निगाहें उसके साथी मनीष पर टिकी है। इस बीच उसके आपराधिक मुकदमों में हत्या के प्रयास का एक मामला और जुड़ गया। किट्टू के साथ मुठभेड़ के दौरान सोनू अंधेरे का लाभ उठाकर भाग गया था। साथ ही जैतपुरा पुलिस ने मरणोपरांत भी शस्त्र अधिनियम के तहत किट्टू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। उधर, पुलिस ने शुक्रवार को किट्टू के शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके परिवारीजन को सौंप दिया। बीएचयू स्थित पीएम हाउस पर उसके बड़े पिता छोटेलाल गुप्ता, चाचा, मामा आदि पहुंचे थे।

एक बड़े नेता ने किया था किट्टू का इस्तेमाल

जरायम जगत में किट्टू का इस्तेमाल एक बड़े नेता ने किया था। भोजूबीर में वर्ष 2012 में बैंककर्मी महेश जायसवाल की हत्या में भाड़े के शूटर के रूप में उसका नाम आया था। आरोप था कि सोयेपुर जहरीली शराब कांड के आरोपित बड़े नेता के इशारे पर यह वारदात हुई थी। इस मामले में बैंककर्मी के भाई गुड्डू जायसवाल ने उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी हत्या में सनी भी शामिल था जिसे एसटीएफ ने महिला अस्पताल में मुठभेड़ में मार गिराया था। उसके बाद गिरोह की कमान किट्टू के हाथ में आ गई थी।

सराफा कारोबारियों की सुरक्षा बढ़ी

किट्टू के मारे जाने के बाद सराफा कारोबारियों ने जहां राहत महसूस की वहीं उनकी सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। उनके दुकान के आसपास पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। हालांकि उसके निशाने पर एक आटो कारोबारी भी थे जिनसे एक एसयूवी की मांग की गई थी। इस बीच एसएसपी अमित पाठक ने किट्टू के पास से डायरी मिलने की बात से इन्कार किया है। पुलिस का कहना है कि उसके पास से एक पर्ची मिली जो डायरी का पन्ना है। उस पर सराफा सहित अन्य व्यवसायियों का नाम व वसूली की रकम लिखी है। इसमें व्यापार मंडल के एक पदाधिकारी भी हैं। 

 

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