पैक हाउस से वाराणसी की सब्जी की विदेशी उड़ान होगी आसान, दिसंबर 2019 से शुरू हुआ था निर्यात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से फल व सब्जी का विदेशों में निर्यात और आसान हो जाएगा। इसके लिए करखियांव में फल एवं सब्जी पैक हाउस बनने जा रहा है। यह पैक हाउस अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा। इसका शिलान्यास 15 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।

Saurabh ChakravartyThu, 15 Jul 2021 12:51 PM (IST)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से फल व सब्जी का विदेशों में निर्यात और आसान हो जाएगा।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। PM Modi Varanasi Visit 2021 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से फल व सब्जी का विदेशों में निर्यात और आसान हो जाएगा। इसके लिए करखियांव में फल एवं सब्जी पैक हाउस बनने जा रहा है। यह पैक हाउस अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा। इसका शिलान्यास 15 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।

अभी तक काशी से टमाटर, हरी मिर्च, आम आदि का यहां से निर्यात हो चुका है। पहली बार पिछले साल यहां से बनारस का लंकड़ा आम भी निर्यात किया गया था। एपीडा यानी कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात विकास प्राधिकरण के सहायक महाप्रबंधक डा. सीबी सिंह ने बताया कि काशी से सबसे पहले दिसंबर 2019 में फल-सब्जी का निर्यात शुरू हुआ। अभी तक यहां से लंदन, नेपाल, बांग्लादेश, दुबई आदि देशों फल व सब्जी का निर्यात किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि आने वाले सब्जी के सीजन में बड़े पैमाने पर निर्यात की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि जब पैक हाउस बनकर तैयार हो जाएगा तो अन्य शहरों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। बताया कि 16 दिसंबर 2020 को यहां से 520 टन चावल भी कतर भेजा गया था। आने वाले समय में भी चावल के निर्यात की अपार संभावना है।

बनारसी लंगड़ा यूरोप से खाड़ी तक मिठास फैला रहा है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में आयोजित समारोह में कहा कि यूपी इसमें अग्रणी होकर उभर रहा है। पहले यूपी में कारोबार मुश्किल था, आज मेक इन इंडिया में यूपी की भूमिका बढ़ी है। सड़क, रेल और हाइवे संपर्क में सुधार से जीवन आसान हो रहा है। कारोबार में भी इससे सहूलियत मिली है। यूपी को चौड़ी और आधुनिक सड़कों का काम तेजी से चल रहा है। डिफेंस कारीडोर, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, लिंक या गंगा एक्‍सप्रेस हो इससे यूपी के विकास को बुलंदी मिलेगी। इन पर गाड़‍ियां ही नहीं इनके इर्द गिर्द आत्‍मनिर्भर भारत के लिए औद्योगिक इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर भी बढ़ेंगे। कृषि आधारित उद्याेगोंं की भूमिका भी बढ़ेगी। मंडियों को समृद्ध और विकल्‍प देना सरकार की प्राथमिकता है। कृषि से जुड़े कारोबार को लेकर काम लगातार चल रहा है।

वाराणसी पूर्वांचल पेरिशेबल कार्गो सेंटर, राइस सेंटर, पैकेजिंग सब किसानों को लाभ मिल रहा है। बनारसी लंगड़ा यूरोप से खाड़ी तक मिठास फैला रहा है। क्षेत्र को एग्रो हब बनने में मदद मिलेगी। काशी में फल सब्‍जी निर्यात से सभी को लाभ मिलेगा। विकास कार्यों की लिस्‍ट लंबी है जल्‍दी खत्‍म नहीं होगा। समय का अभाव होता है तो सोचना पड़ता है कि किसकी चर्चा करुं और किसे छोड़ दूं। यह सब यूपी सरकार की निष्‍ठा का प्रमाण है। ऐसा नहीं है कि 2017 से पहले यूपी के लिए योजनाएं नहीं थीं। 2014 में सेवा करने का मौका मिला तक भी दिल्‍ली से इतने ही प्रयास होते थे। तब लखनऊ में उनमें रोड़ा लग जाता था। आज योगी जी खूब मेहनत कर रहे हैं। काशी के लोग देखते हैं कि योगी जी खूब ऊर्जा लगाकर कामों को गति देते हैं। हर जिले में सीएम जाते हैं। यही वजह है कि यूपी में बदलाव के यह प्रयास आज आधुनिक यूपी बनाने में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

आत्मनिर्भर भारत में हमारी खेती से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि आधारित उद्योगों की भी बड़ी भूमिका होने वाली है। हाल में ही केंद्र सरकार ने कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के सशक्तिकरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। देश में आधुनिक कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जो 1 लाख करोड़ रुपए का विशेष फंड बनाया गया है, उसका लाभ अब हमारी कृषि मंडियों को भी मिलेगा। ये देश की कृषि मंडियों के तंत्र को आधुनिक और सुविधा संपन्न बनाने की तरफ एक बड़ा कदम है। सरकारी खरीद से जुड़े सिस्टम को बेहतर बनाना और किसानों को अधिक विकल्प देना, ये सरकार की प्राथमिकता है। इस बार धान और गेहूं की रिकॉर्ड सरकारी खरीद इसी का परिणाम है।

 

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